पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विमान ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों का असर अब हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती परिचालन लागत और कई रूटों पर यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए एयरलाइन कंपनियों ने लखनऊ से संचालित कई उड़ानों की फ्रीक्वेंसी घटाने की तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआती योजना के तहत गोवा, नवी मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पटना, बेंगलुरु, रांची, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद और चेन्नई समेत 11 शहरों के लिए उड़ानों की संख्या कम की जा सकती है।
बढ़ती लागत से एयरलाइंस पर दबाव
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही लखनऊ से संचालित कुछ रूटों पर यात्री भार अपेक्षा से कम रहने के कारण एयरलाइंस को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में कंपनियां कम मांग वाले रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाकर परिचालन लागत कम करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
140 उड़ानों के संचालन पर पड़ सकता है असर
वर्तमान में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से प्रतिदिन करीब 140 विमानों की आवाजाही होती है। यदि प्रस्तावित कटौती लागू होती है तो कई शहरों के लिए यात्रियों को कम विकल्प मिलेंगे और यात्रा की योजना बनाना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कुछ रूटों पर पूरी सेवा बंद होने का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन शहरों के लिए पहले से ही सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं, वहां फ्रीक्वेंसी में कटौती का मतलब सेवा पूरी तरह बंद होना भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर नवी मुंबई और अहमदाबाद के लिए लखनऊ से सीमित सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। इनमें कटौती होने पर यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
एयरलाइंस तैयार कर रही अंतिम सूची
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल एयरलाइन कंपनियां उन रूटों का आकलन कर रही हैं जहां यात्री संख्या कम है और परिचालन लागत अधिक पड़ रही है। फ्रीक्वेंसी में कितनी कटौती होगी और किन-किन उड़ानों पर इसका असर पड़ेगा, इसकी अंतिम सूची जल्द जारी की जा सकती है।


