कानपुर। जीएसटी से जुड़े विवादों के निपटारे का इंतजार कर रहे व्यापारियों और करदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। जीएसटी अपीलीय अधिकरण (जीएसटीएटी) की लखनऊ पीठ में 15 जुलाई से सुनवाई शुरू होने जा रही है। यह व्यवस्था नौ साल 15 दिन के लंबे इंतजार के बाद शुरू हो रही है।
जीएसटी अपीलीय अधिकरण पर व्यापारियों के पंजीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। ट्रिब्यूनल के आनलाइन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार शनिवार तक 59,987 व्यापारियों ने अपना पंजीकरण कराया है और 54,229 अपीलें आनलाइन दाखिल की जा चुकी हैं।
13,461 अधिवक्ता भी पोर्टल पर पंजीकृत हैं। जीएसटी ट्रिब्यूनल गठन की मुख्य अधिसूचना 31 जुलाई 2024 को वित्त मंत्रालय को जारी की गई थी, जिसे एक सितंबर 2023 से प्रभावी माना गया है। इसके बाद न्यायाधिकरण की पीठों के गठन में संशोधन के लिए एक और अधिसूचना 26 नवंबर 2024 को जारी की गई।
लखनऊ पीठ समेत विभिन्न ट्रिब्यूनल पीठ ने इसी साल काम शुरू किया है। कानपुर, लखनऊ और आस-पास के जिलों के व्यापारियों के जीएसटी विवादों की सुनवाई लखनऊ में गोमती नगर स्थित ट्रिब्यूनल कार्यालय में होगी।
कर विशेषज्ञ एवं अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि 15 जुलाई से जीएसटी ट्रिब्यूनल के कोर्ट रूम-एक में चार अपीलें और कोर्ट रूम-दो में एक अपील सूचीबद्ध की गई है। अभी इन अपीलों की सुनवाई अर्हता के आधार पर होगी। उन्होंने बताया कि अपील दाखिल करने की समय-सीमा में एक माह की अतिरिक्त छूट दी गई है।
इसके तहत 31 मार्च 2026 तक पारित प्रथम अपील (धारा 107) और रिवीजन आदेश (धारा 108) के विरुद्ध अब 31 जुलाई तक अपील की जा सकेगी। 30 अप्रैल 2026 तक पारित आदेशों के विरुद्ध भी अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है।
एक अप्रैल 2026 के बाद पारित आदेशों के मामलों में भी नियमानुसार उपलब्ध अवधि के अतिरिक्त एक माह की राहत प्रदान की गई है। कर विशेषज्ञ ने बताया कि पोर्टल पर अब भी कुछ तकनीकी खामियां हैं, इसलिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपील दाखिल कर दें।
31 जुलाई के बाद भी तीन माह तक विलंब क्षमा प्रार्थना पत्र के साथ अपील दाखिल की जा सकेगी, लेकिन इसके लिए 5,000 रुपये अतिरिक्त कोर्ट फीस जमा करनी होगी।


