नई दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने रविवार को जापान की अकाने यामागुची को मात देकर जापान ओपन के महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। सिंधू ने सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से जीत हासिल की। इसी के साथ वह यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।
सिंधू ने इसी के साथ दो साल से चले आ रहे अपने खिताबी सूखे को खत्म कर दिया है। इससे पहले दो बार की ओंलिपिक पदक विजेता ने साल 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था। 2019 में विश्व चैंपियनशिप जीतने के बाद ये उनका पहला बड़ा खिताब है।
चार साल बाद हुआ ऐसा
सिंधू न छठी बार जापान ओपन का फाइनल खेल रहीं स्थानीय खिलाड़ी यामागुची को चार साल में पहली बार पूरे मैच में मात दी है। 2022 में उन्होंने यामागुची को पूरा मैच खेलने के बाद हराया था। वहीं इसी साल की शुरुआत में भी वह यामागुची से मलेशिया ओपन में जीती थीं, लेकिन यहां जापानी खिलाड़ी रिटायर हुई थीं।
50 मिनट में रचा इतिहास
सिंधू ने 50 मिनट में ही मैच अपने नाम किया। उन्होंने शुरुआत से ही यामागुची पर पकड़ बनाई और उनको दबाव में रखा। उन्होंने मैच को अपने नियंत्रण में रखा। उनके खेल में रणनीति साफ नजर आ रही थी। वह ओवर अटैक से बचते हुए समय-समय पर अटैक कर यामागुची को हैरान कर रही थीं। जब भी यामागुची ने वापसी की सिंधू ने अपना अटैकिंग गेम बाहर निकाला और उन्हें रोके रखा।
सिंधू के दमदार स्मैश और नेट गेम इस मैच में निर्णायक साबित हुए। सिंधू पहले गेम में 3-0 से आगे थीं। यामागुची ने फिर स्कोर बराबर कर लिया। फिर स्कोर 5-5 हो गया। यहां से सिंधू ने कंट्रोल ले लिया और 8-6 से आगे हो गईं। यामागुची ने वापसी करते हुए फिर स्कोर 9-9 से बराबर कर दिया। ब्रेक में यामागुची 11-9 की बढ़त के साथ गईं।
ब्रेक से आते ही सिंधू ने पहले स्कोर बराबर किया और फिर 13-12 से लीड ले ली। ये स्कोर लाइन 16-12 तक पहुंची और यामागुची पीछे ही छूटती चली गईं। पहला गेम सिंधू के नाम हो गया।
दूसरे गेम में भी जारी रखी लय
सिंधू ने पहले गेम के आखिर में जो लय हासिल की थी उसे दूसरे गेम में भी जारी रखा। उन्होंने लगातार छह अंक लेते हुए 8-3 की बढ़त ले ली। यहां सिंधू की गलतियों और अपने खेल से यामागुची ने चार अंक लिए अपने अंकों की संख्या तीन से सात कर ली, लेकिन वह ब्रेक में सिंधू को 11-7 की बढ़त के साथ जाने से नहीं रोक पाईं। ब्रेक के बाद सिंधू ने इस बढ़त को 14-7 किया। यामागुची ने गेम के आखिरी में कुछ अंक जरूर लिए लेकिन वह गेम और मैच दोनों गंवा बैठीं।


