औरैया के राजकीय रेशम फॉर्म उम्मेदपुर में शनिवार दो बजे एक तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेंट्रल सिल्क बोर्ड के ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान’ अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में उम्मेदपुर और आसपास के गांवों के लगभग 55 किसानों ने भाग लिया।

इस दौरान क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, गोंडा के वैज्ञानिक श्री छत्रपाल ने किसानों को रेशम उत्पादन की विभिन्न तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया। इसमें विशुद्धीकरण तकनीक, सूट रियरिंग तकनीक, शहतूत का पौधा लगाने की विधि और शहतूत की नर्सरी तैयार करने की तकनीक शामिल थी।

वैज्ञानिक ने इन तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ उनका व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। किसानों को बताया गया कि कैसे इन आधुनिक विधियों का उपयोग करके रेशम उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ तकनीकी सहायक श्री फैयाज अहमद भट, राजकीय रेशम फॉर्म उम्मेदपुर के प्रभारी श्री राघवेंद्र सिंह और रेशम विभाग के कई कर्मचारियों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। किसानों ने वैज्ञानिकों और तकनीकी सहायकों द्वारा बताई गई तकनीकों को ध्यान से सुना और उन पर विस्तार से चर्चा की।


