डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम से सटे टॉयलेट की मरम्मत या तोड़-फोड़ करने का आदेश दिया था, तो सरकार उन्हें फौरन पद से हटा देगी
दरअसल, पूरा मामला यह है कि इसी सेमिनार रूम में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की वारदात हुई थी। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी भयानक घटना के ठीक अगले ही दिन वहां गुपचुप तरीके से मरम्मत का काम शुरू करवा दिया गया था।
जिससे लोगों और पीड़िता के परिवार में यह गंभीर शक पैदा हो गया कि कहीं इसके पीछे केस के अहम सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई गहरी साजिश तो नहीं थी। अब मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


