नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya 2026) मनाई जा रही है। यह पितृ पक्ष का आखिरी दिन है। इस अवसर पर पितरों की विधिपूर्वक विदाई की जाती है।
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार सर्वपितृ अमावस्या के दिन ग्रहों के विशेष गोचर से दुर्लभ और प्रभावशाली योग का निर्माण हो रहा है, जिसका प्रभाव राशियों पर पड़ेगा। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं सर्वपितृ अमावस्या पर किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के बताते हैं कि इस बार सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार पर विशेष खगोलीय व ज्योतिषीय योग बन रहे हैं।
सर्वपितृ अमावस्या पर बनने वाले विशेष ग्रह योग
सूर्य-चंद्र की कन्या राशि में युति: कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में सूर्य और चंद्रमा एक साथ विराजमान होकर अमावस्या योग निर्मित कर रहे हैं।
शनिश्चरी अमावस्या का संयोग: शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने से शनिदेव की कृपा, कर्म-सुधार और दान-पुण्य का महत्व बढ़ गया है।
मघा में केतु और कर्क में उच्च का गुरु: पितृ पक्ष के समापन पर केतु का मघा (पितृ नक्षत्र) में होना और गुरु का उच्च राशि में होना पितृ ऋणमुक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
12 राशियों पर प्रभाव
मेष राशि: पारिवारिक मतभेद दूर होंगे; धैर्य से काम लें।
वृषभ राशि: संपत्ति और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी।
मिथुन राशि: पुराने मनमुटाव दूर होंगे; वाणी पर नियंत्रण रखें।
कर्क राशि: मानसिक शांति मिलेगी; पारिवारिक जिम्मेदारियों का संतुलन बनेगा।
सिंह राशि: मान-सम्मान में वृद्धि होगी; आत्म-संदेह से बचें।
कन्या राशि: आत्म-विश्वास बढ़ेगा; पुराने रुके कार्य पूरे होंगे।
तुला राशि: संबंधों में सामंजस्य बढ़ेगा।
वृश्चिक राशि: छिपा हुआ मानसिक तनाव कम होगा; आत्म-चिंतन का समय है।
धनु राशि: आजीविका और कार्य से जुड़े निर्णय सही दिशा लेंगे।
मकर राशि: कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी; बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।
कुंभ राशि: पुरानी चिंताओं से राहत मिलेगी; दान-धर्म में रुचि बढ़ेगी।
मीन राशि: सहभागिता और कार्यक्षेत्र में लाभ मिलेगा।
आज का श्राद्ध और तर्पण का शुभ मुहूर्त
कुतुप मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक
रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 41 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक
अपराह्न काल: दोपहर 01 बजकर 28 मिनट से दोपहर 03 बजकर 49 मिनट तक


