Monday, February 16, 2026
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New Year 2026: नए साल पर श्रद्धालुओं का तांता, अस्सी घाट से लेकर झंडेवालान मंदिर में भक्तों ने की पूजा-अर्चना

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नववर्ष 2026 के पहले दिन अस्सी घाट पर आरती की जा रही है। जिसमें बड़ी संख्या श्रद्धालु शामिल हुए हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती

नए साल 2026 के पहले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में की गई मंगला आरती।

झंडेवालान मंदिर में भक्तों ने की पूजा

नए साल 2026 के पहले दिन दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में भक्तों ने

की पूजा-अर्चना की।

दिग्गज क्रिकेटर के घर टूटा दुखों का पहाड़, छोटे भाई का अचानक हुआ निधन, 13 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

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इंटरनेशनल डेस्कः जिम्बाब्वे की टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान सिकंदर रजा के परिवार पर बड़ा दुख टूट पड़ा है। उनके छोटे भाई मोहम्मद महदी का महज 13 साल की उम्र में निधन हो गया। यह दुखद घटना सोमवार को हुई, जबकि महदी को मंगलवार को हरारे के वारेन हिल्स कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड (ZCB) ने इस दुखद खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि मोहम्मद महदी जन्म से ही हीमोफिलिया नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।

हीमोफिलिया से जूझ रहे थे महदी

जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड के अनुसार, हीमोफिलिया एक गंभीर ब्लीडिंग डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर में खून का थक्का नहीं जम पाता। इस बीमारी में छोटी-सी चोट भी जानलेवा साबित हो सकती है। बोर्ड ने बताया कि मोहम्मद महदी की तबीयत पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब चल रही थी, जिसके बाद उनका निधन हो गया। बोर्ड ने सिकंदर रजा और उनके पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

सोशल मीडिया पर छलका सिकंदर रजा का दर्द

जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, मोहम्मद महदी का निधन 29 दिसंबर को हरारे में हुआ। एक दिन बाद उन्हें वारेन हिल्स कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दुखद खबर के बाद सिकंदर रजा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड की पोस्ट पर टूटे हुए दिल (💔) का इमोजी शेयर कर अपने दर्द और शोक को जाहिर किया।

हाल ही में ILT20 2025 में खेलते नजर आए थे रजा

सिकंदर रजा को आखिरी बार ILT20 2025 टूर्नामेंट में खेलते हुए देखा गया था। इस लीग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। रजा ने 10 मैचों में 171 रन बनाए और साथ ही 10 विकेट भी अपने नाम किए। हालांकि, उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम शारजाह वॉरियर्स प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की कमान संभालेंगे रजा

सिकंदर रजा जिम्बाब्वे की टी20 टीम के मौजूदा कप्तान हैं और वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी टीम की अगुवाई करते नजर आएंगे। जिम्बाब्वे को इस टूर्नामेंट में ग्रुप B में रखा गया है, जहां उसकी टीम ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड और ओमान के साथ मुकाबला करेगी।जिम्बाब्वे अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 9 फरवरी से करेगा। पहले मुकाबले में उसका सामना ओमान से होगा।

नए साल के मौके पर वैष्णो देवी में भारी भीड़, यात्रा रजिस्ट्रेशन किया गया सस्पेंड, जानें कब तक प्रभावी रहेगा ये नियम

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नेशनल डेस्कः नए साल के मौके पर माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हालात ये हैं कि पैर रखने की भी जगह नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और व्यवस्थाएं भी सही ढंग से चलाना एक बड़ी चुनौती बन रही है। इस बीच श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बड़ा फैसला किया है। बोर्ड ने भारी भीड़ के कारण श्री माता वैष्णो देवी यात्रा रजिस्ट्रेशन कल सुबह (1 जनवरी) तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। यानी फिलहाल नए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन अस्थायी रूप से बंद रहेगा, ताकि पहले से मौजूद यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

नए साल पर धार्मिक और पर्यटन स्थलों में जबरदस्त भीड़

नए साल की वजह से देशभर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कश्मीर में श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग से लेकर हिमाचल के मनाली और शिमला तक, हर जगह पर्यटकों की भरमार है। इसी तरह उत्तराखंड के नैनीताल में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं।

धार्मिक स्थलों की बात करें तो मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, काशी, जगन्नाथपुरी, द्वारका, माता वैष्णो देवी, उज्जैन का महाकाल मंदिर और शिरड़ी—लगभग हर बड़े तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है।

GEN Z भी पहुंची मंदिरों में नए साल का जश्न मनाने

इस बार 2026 की शुरुआत से पहले मंदिरों में खासतौर पर युवा श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में युवा, जिन्हें आजकल GEN Z कहा जाता है, नए साल का स्वागत धार्मिक स्थलों पर भगवान के दर्शन करके करना चाहते हैं।

मथुरा-वृंदावन में तो हालात ऐसे हैं कि शहर में कदम रखने की भी जगह नहीं बची है। कई श्रद्धालु दो दिन पहले ही वृंदावन पहुंच गए थे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शहर में गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी है, ताकि हालात और न बिगड़ें।

प्रशासन की अपील, फिर भी नहीं थमी भीड़

मंदिर समिति ने लोगों से 5 जनवरी तक बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ मथुरा-वृंदावन न आने की अपील की थी, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह पर इसका खास असर नहीं पड़ा। लोगों की आस्था और उत्साह को देखते हुए बांके बिहारी जी मंदिर में दर्शन की समय-सीमा बढ़ा दी गई है।

श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए अलग-अलग गेट खोले गए हैं और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। दर्शन के लिए लोगों को कई-कई घंटों तक लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद हालात काबू में हैं और अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं बनी है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि वे भगवान के आशीर्वाद के साथ नए साल की शुरुआत करना चाहते हैं, इसलिए अगर दर्शन के लिए थोड़ी असुविधा भी झेलनी पड़े तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

2026 क्रिप्टो बाजार के लिए निर्णायक साल, रिकवरी होगी या गिरावट और गहराएगी?

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नेशनल डेस्कः क्रिप्टो बाजार के लिए साल 2025 बेहद दर्दनाक साबित हुआ, जहां बीते कुछ महीनों में निवेशकों की संपत्ति से करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर साफ हो गए। इस भारी गिरावट के बाद अब सभी की निगाहें 2026 पर टिकी हैं, जिसे क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए “करो या मरो” का साल माना जा रहा है। यह साल या तो बाजार में नई जान डाल सकता है या फिर पिछली बड़ी गिरावट के बाद सबसे लंबे और गहरे मंदी के दौर को और मजबूत कर सकता है।

पिछले दो क्वार्टर में क्रिप्टो बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। बिटकॉइन अपने साल के उच्चतम स्तर 1,26,200 डॉलर से फिसलकर करीब 88,000 डॉलर पर आ गया, जबकि कुल क्रिप्टो मार्केट कैप 4.3 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 2.9 ट्रिलियन डॉलर रह गया। लगभग सभी प्रमुख ऑल्टकॉइन्स ने भी डबल डिजिट में गिरावट दर्ज की है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

आने वाले समय में क्रिप्टो बाजार की दिशा तय करने में सबसे बड़ा रोल रेगुलेशन का हो सकता है। अमेरिकी संसद में चर्चा के दौर से गुजर रहा CLARITY एक्ट बाजार के लिए अहम साबित हो सकता है। यह बिल पहले ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से पास हो चुका है और इसका मकसद SEC और CFTC के बीच जिम्मेदारियों को साफ करना है, जिससे क्रिप्टो इंडस्ट्री को नियामकीय स्पष्टता मिले। अगर यह कानून बनता है तो यह मौजूदा कांग्रेस का दूसरा बड़ा क्रिप्टो बिल होगा। इससे पहले GENIUS एक्ट के जरिए 308 अरब डॉलर से ज्यादा के स्टेबलकॉइन सेक्टर को रेगुलेट किया गया था। इसके अलावा, नए SEC प्रमुख पॉल एटकिंस के नेतृत्व में आयोग के क्रिप्टो-फ्रेंडली रुख से भी बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि जनवरी से कुछ उत्पादों को आसान नियमों के तहत लॉन्च करने की छूट दी जा सकती है।

क्रिप्टो बाजार के लिए एक और बड़ा ट्रिगर रिटायरमेंट फंड्स से जुड़ा हो सकता है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव दिया है कि नियोक्ता-प्रायोजित रिटायरमेंट योजनाओं को क्रिप्टो और प्राइवेट एसेट्स में निवेश की अनुमति दी जाए। अगर यह योजना 2026 में लागू होती है, तो इससे ट्रिलियन डॉलर की नई पूंजी क्रिप्टो बाजार में आ सकती है। इसके साथ ही प्रस्तावित टैरिफ डिविडेंड और बड़े टैक्स रिफंड जैसी नीतियां भी जोखिम वाले एसेट्स, जैसे शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी, में मांग बढ़ा सकती हैं।

फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति भी क्रिप्टो बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे ऐसे फेड चेयरमैन की नियुक्ति कर सकते हैं जो ब्याज दरों को 1 प्रतिशत तक लाने में सहज हों। विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में फेड कई बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे अमेरिकी M2 मनी सप्लाई मौजूदा 22 ट्रिलियन डॉलर से काफी ऊपर जा सकती है। इतिहास गवाह है कि जब मनी सप्लाई बढ़ती है, तो बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन्स को इसका फायदा मिलता है।

हालांकि, तकनीकी चार्ट अभी भी सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। साप्ताहिक चार्ट पर बिटकॉइन ने राइजिंग वेज पैटर्न बनाया है और अब उसमें बेयरिश पेनेंट बनता दिख रहा है। इसके अलावा, बिटकॉइन साप्ताहिक टाइमफ्रेम पर सुपरट्रेंड इंडिकेटर के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो आगे और कमजोरी का इशारा करता है। ऐसे में 2026 में संभावित तेजी के लिए जरूरी होगा कि मजबूत फंडामेंटल फैक्टर्स इन नकारात्मक तकनीकी संकेतों पर भारी पड़ें, वरना क्रिप्टो बाजार की गिरावट और गहराने का खतरा बना रह सकता है।

Gold Silver rate down: साल के आखिरी दिन लुढ़क गए सोने-चांदी के दाम, आज इतना है 10g सोने का भाव

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बिजनेस डेस्कः साल के आखिरी दिन बुधवार (31 दिसंबर) को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। आलटाइम हाई बनाने के बाद दोनों कीमती धातुएं लुढ़की हैं। MCX पर सोने का भाव 0.35 फीसदी लुढ़क कर 1,35,962 रुपए प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी की कीमत में 4.13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, ये 2,40,650 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में गिरावट आई है।

दिल्ली में चांदी 2.41 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर

मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 1,000 रुपए उछलकर 2.41 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी। हालांकि, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। यह 2,800 रुपए टूटकर 1,39,000 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) रही। सोमवार को यह 1,41,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रही थी।

रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक, जिगर त्रिवेदी ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव के बावजूद, चांदी को ढांचागत आपूर्ति की दिक्कतों और मजबूत औद्योगिक मांग (खासकर सौर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा) से समर्थन मिल रहा है…।”

LIVE New Year 2026 Live: जापान, उत्तर और दक्षिण कोरिया में नए साल का जश्न, ऐसे किया 2026 का स्वागत; भारत में इंतजार

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दक्षिण और उत्तर कोरिया में इस में हुआ नए साल का स्वागत

नए साल 2026 का स्वागत दक्षिण कोरिया और नॉर्थ कोरिया में पारंपरिक तरीकों से किया गया। जैसे ही घड़ी ने आधी रात का समय बताया, विशाल घंटियों की गूंज के साथ नए साल का आगाज़ हुआ। कोरियाई देशों में नए साल को आधुनिक आतिशबाजी से ज्यादा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया जाता है।  लोग परिवार और समुदाय के साथ इकट्ठा होकर बीते वर्ष को विदा करते हैं और आने वाले साल के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। कई स्थानों पर ऐतिहासिक घंटाघरों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए गए, जहां घंटियों की आवाज़ को नकारात्मक ऊर्जा के अंत और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। परंपरा और अनुशासन से जुड़ा यह उत्सव कोरियाई समाज की सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।

वाराणसी अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़

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वाराणसी – अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत 9 लोग गिरफ्तार हुए, सोशल मीडिया पर विज्ञापनों से फंसाते थे, फर्जी कॉल सेंटर से करते थे नकली शेयर ट्रेडिंग, विज्ञापनों के जरिए लोगों का डाटा जुटाते थे, कॉल करके खुद को बताते थे ट्रेडिंग एक्सपर्ट , मुनाफा देने के नाम पर बनाते थे निशाना, कब्जे 20 फोन, 30 ATM कार्ड, 9 चेकबुक बरामद, दो महिंद्रा थार और लगभग 5 लाख कैश बरामद

लखनऊ यूपी के युवाओं को नए साल पर बड़ा तोहफा,

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लखनऊ- यूपी के युवाओं को नए साल पर बड़ा तोहफा, यूपी पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती निकली, कॉन्स्टेबल से लेकर जेल वार्डर बनने का मौका

Cough Syrup Case: अब शुभम जायसवाल पर 75 हजार का इनाम, अवैध तस्करी में प्रतीक और धर्मेंद्र कुमार गिरफ्तार

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कोडिन युक्त कफ सिरप के सिंडिकेट शैली ट्रेडर्स के कर्ताधर्ता शुभम जायसवाल पर 75 हजार का इनाम हो गया है। 50 हजार कमिश्नरेट पुलिस और सोनभद्र पुलिस ने भी 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है।उधर, कोतवाली पुलिस ने कफ सिरप की अवैध तस्करी में शिल्पी फार्मा के प्रोपराइटर पांडेयपुर के बैंक कालोनी निवासी प्रतीक कुमार और लोकेश फार्मा के प्रोपराइटर भेलूपुर के ताराधाम कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों ने अपनी फर्मों से 5.27 करोड़ की कफ सिरप की शीशी बेची है। आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेजा है। कोतवाली इंस्पेक्टर दयाशंकर मिश्रा के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि शैली ट्रेडर्स के कंपीटेंट पर्सन शुभम जायसवाल के कहने पर झारखंड रांची से कफ सिरप की खरीद कागजों में दिखाई गई। शैली ट्रेडर्स से फेंसेडिल कफ सिरप वाराणसी नहीं आकर बांग्लादेश भेजी जाती थी। दस गुना मुनाफा पर शुभम बेचता था। अपने कागजों पर जिन फर्मों की बिक्री दिखाई है, उन फर्मों को हमने कभी नहीं देखा है। ज्यादा पैसा कमाने की लालच में अपराध किए। दोनों आरोपी धर्मेंद्र और प्रतीक कुमार ने कूटरचित जीएसटी इनवायस, ई वे बिल का प्रयोग कर शैली ट्रेडर्स रांची से कोडीन युक्त कफ सिरप की विभिन्न फर्मों से खरीद और बिक्री करते थे।

आज होगा रामलला का अभिषेक: अनुष्ठान में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी के साथ करेंगे ध्वजारोहण

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प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस तिथि पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का अभिषेक किया जाएगा। इसमें यज्ञ, हवन और पूजन की परंपरागत विधियां संपन्न होंगी। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के साथ संत-महात्मा, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस तिथि पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का अभिषेक किया जाएगा। इसमें यज्ञ, हवन और पूजन की परंपरागत विधियां संपन्न होंगी। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के साथ संत-महात्मा, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।

दर्शन और आवागमन की विशेष व्यवस्था
रक्षा मंत्री मंदिर निर्माण के लिए चल रहे कार्यों को भी देखेंगे। अनुष्ठान में शामिल होने के बाद अंगद टीला परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे। वह दोपहर 3:20 बजे अयोध्या से वापस होंगे। रक्षामंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन और आवागमन की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर अयोध्या पूरी तरह राममय वातावरण में डूबी हुई है। भजन-कीर्तन, रामकथा और श्रीराम के जयघोष से धर्मनगरी में उत्सव का उल्लास चरम पर है।