प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस तिथि पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का अभिषेक किया जाएगा। इसमें यज्ञ, हवन और पूजन की परंपरागत विधियां संपन्न होंगी। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के साथ संत-महात्मा, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस तिथि पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का अभिषेक किया जाएगा। इसमें यज्ञ, हवन और पूजन की परंपरागत विधियां संपन्न होंगी। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के साथ संत-महात्मा, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।
दर्शन और आवागमन की विशेष व्यवस्था
रक्षा मंत्री मंदिर निर्माण के लिए चल रहे कार्यों को भी देखेंगे। अनुष्ठान में शामिल होने के बाद अंगद टीला परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे। वह दोपहर 3:20 बजे अयोध्या से वापस होंगे। रक्षामंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन और आवागमन की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर अयोध्या पूरी तरह राममय वातावरण में डूबी हुई है। भजन-कीर्तन, रामकथा और श्रीराम के जयघोष से धर्मनगरी में उत्सव का उल्लास चरम पर है।


