Friday, June 12, 2026
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48 साल का संघर्ष लाया रंग! 1978 संभल दंगे के पीड़ित रस्तोगी परिवार को Yogi सरकार ने दोबारा बसाया, मिला जमीन का पट्टा

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Sambhal News: संभल जिले में साल 1978 में हुए दंगों के एक पीड़ित परिवार को गुरुवार को जिला प्रशासन से जमीन के पट्टे का पहला प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। यह उन परिवारों को फिर से बसाने की कोशिशों का हिस्सा है, जो वर्ष 1978 में हुए दंगे के बाद जिला छोड़कर चले गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने राम शरण दास रस्तोगी के परिवार को 100 वर्ग मीटर जमीन के पट्टे का प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि रस्तोगी दंगों के बाद भयवश साल 1979 में संभल छोड़कर चले गए थे।

दंगाइयों ने की थी रामशरण रस्तोगी की बर्बर हत्या
अधिकारियों के अनुसार, यह आवंटन संभल के आलम सराय देहात गांव में एक समारोह के दौरान किया गया, जिसमें प्रार्थनाएं और वैदिक अनुष्ठान भी किए गए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, संभल में 29 मार्च 1978 को शुरू हुए सांप्रदायिक दंगे में अनेक लोग मारे गए थे और रामशरण दास रस्तोगी भी उन्हीं में शामिल थे। उन्होंने बताया कि दंगाइयों ने उनकी किराने की दुकान लूटने के बाद उसमें आग लगा दी थी और रस्तोगी की चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार करके हत्या करने के बाद उनके शव को कुएं में फेंक दिया था।

पीड़ित परिवारों को दोबारा बसाने के लिए 100 वर्ग मीटर जमीन
पट्टा आवंटन प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद मंत्री राठौर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि 1978 के दंगों के दौरान 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, उनके घर जला दिए गए और लोगों पर जुल्म किए गए। कई परिवारों को मजबूरन पलायन करना पड़ा। सरकार ने ऐसे परिवारों को 100 वर्ग मीटर की जमीन देने का फैसला किया है, ताकि वे वापस आकर अपना घर फिर से बना सकें। इस समय दिल्ली में रह रहे रस्तोगी के पौत्र कपिल रस्तोगी ने बताया कि 29 मार्च 1978 को उनके दादा नखासा इलाके में अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी वहां भीड़ आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मेरे दादा ने दुकान लूटे जाने का विरोध किया, तो भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। उन पर बार-बार चाकुओं से वार किए गए और बाद में उनका शव एक कुएं में पाया गया।

दिल्ली से वापस संभल आकर घर बनाएगा रस्तोगी परिवार
कपिल ने बताया कि धमकियों की वजह से उनका परिवार 1979 में संभल छोड़कर चला गया था और दशकों से बाहर ही रह रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य विधानसभा में 1978 के दंगों का मुद्दा उठाए जाने के बाद परिवार ने उनसे संपर्क किया और प्रशासन ने उनके पुनर्वास के लिए कदम उठाने शुरू किए। कपिल ने कहा कि 48 साल के लंबे संघर्ष के बाद हमें न्याय मिला। कपिल के परिवार की सदस्य रुकमा रस्तोगी ने बताया कि दंगों के बाद धमकियां मिलने के कारण परिवार को संभल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने कहा, “हम वापस आकर यहीं अपना घर बनाना चाहते हैं। हम मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के आभारी हैं।

कुवैत एयरपोर्ट पर ईरान के हमले में उज्जैन के मंजूर अहमद की मौत, वतन वापसी के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे

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नेशनल डेस्कः ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की आग ने एक निर्दोष भारतीय की जान ले ली है, जिससे मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में कोहराम मच गया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हुए भीषण ड्रोन हमले में नागदा निवासी 55 वर्षीय मंजूर अहमद की दर्दनाक मौत हो गई। मंजूर अहमद पिछले 30 सालों से अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कुवैत में दर्जी का काम कर रहे थे और एक लंबे अरसे के बाद खुशी-खुशी घर लौट रहे थे।

मंजूर अहमद बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कुवैत से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाले थे, जहां से उन्हें ट्रेन द्वारा अपने गृह नगर पहुंचना था। उनके परिवार ने उनके स्वागत की भव्य तैयारियां कर रखी थीं और रेलवे स्टेशन पर फूल-मालाओं के साथ उनका इंतजार करने की योजना बनाई थी। मंजूर 8 जून को पड़ोसी जिले रतलाम में होने वाली अपने भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए आ रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनकी मौत की खबर मिलते ही शादी वाले घर की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

बेटे से हुई आखिरी बात, फिर मिली मौत की खबर

मंजूर के 18 वर्षीय बेटे अनस अहमद ने रुंधे गले से बताया कि मंगलवार को ही उनकी पिता से बात हुई थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। कुवैती सेना और गृह मंत्रालय के अनुसार, टर्मिनल-1 को कई ड्रोनों से निशाना बनाया गया, जिसमें मंजूर अहमद की जान चली गई और कई अन्य कर्मचारी व यात्री घायल हो गए।

प्रशासन और दूतावास हुआ सक्रिय
उज्जैन के जिलाधिकारी रौशन सिंह ने पुष्टि की है कि मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर विमान से अहमदाबाद लाया जाएगा और वहां से सड़क मार्ग द्वारा उज्जैन के नागदा पहुंचाया जाएगा। वहीं, कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने केंद्रीय शवगृह का दौरा किया और घायल भारतीयों से अस्पतालों में मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। भारतीय दूतावास लगातार कुवैती अधिकारियों के संपर्क में है ताकि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजा जा सके।

क्षेत्रीय तनाव की भेंट चढ़ी मासूम जान
यह दुखद घटना ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का परिणाम बताई जा रही है। कुवैत के रक्षा और गृह मंत्रालय ने इस हमले में मृत भारतीय नागरिक के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। फिलहाल, पूरे नागदा क्षेत्र में शोक की लहर है और हर कोई मंजूर अहमद के बेसहारा हुए परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जता रहा है।

दिल्ली में DU की असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या से सनसनी, फ्लैट में खून से सना शव मिला

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नेशनल डेस्कः दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एक कॉलेज की 49 वर्षीय सहायक प्रोफेसर बृहस्पतिवार दोपहर पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि मृतक की पहचान देवस्मिता पॉल के रूप में हुई है, जो शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं और वसुंधरा एन्क्लेव के एक फ्लैट में अकेली रहती थीं। पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 2:35 बजे एक महिला ने फोन पर सूचना दी कि उसकी बहन की हत्या कर दी गई है और उसका शव फ्लैट के अंदर पड़ा हुआ है।

पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां फोन करने वाली महिला देवरति पॉल ने अधिकारियों को बताया कि वह अपनी बहन को सुबह से बार-बार फोन कर रही लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पा रहा। देवरति ने पुलिस को बताया कि फ्लैट बाहर से बंद था और किसी अनहोनी की आशंका के चलते उसने ताला तोड़ा और फ्लैट के अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उसने अपनी बहन को घर में मृत पाया और पुलिस को सूचित किया।

डीसीपी ने बताया कि अपराध टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को घटनास्थल पर बुलाया गया। फ्लैट की विस्तृत जांच की गई और प्रासंगिक साक्ष्य व फॉरेंसिक नमूने एकत्र किए गए। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही चल पाएगा। इस संबंध में न्यू अशोक नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। कुमार के मुताबिक, जांचकर्ता पीड़िता की हालिया गतिविधियों, संपर्कों और इलाके के सीसीटीवी फुटेज सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले- PM मोदी मेरे अच्छे दोस्त, भारत और US के बीच जल्द होगा व्यापार समझौता

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वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी गहरी दोस्ती का सार्वजनिक प्रदर्शन किया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना “अच्छा मित्र” बताया और कहा कि वे भारत के साथ एक व्यापार समझौते तक पहुंचेंगे क्योंकि वे मोदी को बहुत पसंद करते हैं। हालांकि, इस दोस्ती के दावों के बीच अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का भी एलान कर दिया है।

“पुराना हिसाब होगा बराबर”— ट्रंप का कड़ा रुख
ट्रंप ने याद दिलाया कि कई वर्षों तक भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाया, जिसका लाभ अमेरिका को नहीं मिल पाया। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदल रही है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा राजस्व प्राप्त कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं और इसी आधार पर वे एक ऐसे व्यापार समझौते की उम्मीद कर रहे हैं जो दोनों देशों के लिए लाभप्रद हो।

जबरन श्रम का हवाला देकर लगाया 12.5% तक अतिरिक्त शुल्क
एक तरफ दोस्ती की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिकी प्रशासन ने भारत समेत करीब 60 देशों पर नए अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने एक सूची जारी की है जिसमें भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है जहां सामान कथित तौर पर ‘जबरन श्रम’ (Forced Labor) के जरिए तैयार किया जाता है।

  • जिन देशों में इन उत्पादों पर पहले से कोई रोक नहीं है, उन पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।
  • जिन देशों ने व्यापार समझौतों के तहत प्रतिबद्धता जताई है, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की मार झेलनी पड़ सकती है।

कपड़ा उद्योग पर विशेष ‘नजर’
अमेरिका ने विशेष रूप से वस्त्र और परिधान (Textiles and Apparel) क्षेत्र के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत चुनिंदा देशों से आने वाले सीमित मात्रा के उत्पादों को ही कम टैरिफ दर पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश मिलेगा। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर कपड़ा क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

सहयोग की उम्मीद: जारी है बातचीत का दौर
इन चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशें जारी हैं। इसी सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भारत का चार दिवसीय दौरा किया और भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के साथ सहयोगपूर्ण माहौल में वार्ता की। भारत और अमेरिका ने एक ऐसे अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करे।

Aaj Ka Good Luck (5th June 2026): आज का गुडलक, 12 राशियों के लिए शुभ संकेत और उपाय

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Aaj Ka Good Luck (5th June 2026): 5 जून 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए विशेष अवसर लेकर आया है। यदि आप जानना चाहते हैं कि आज आपकी राशि का गुडलक कितना साथ देगा और भाग्य को मजबूत करने के लिए कौन-सा उपाय करना चाहिए, तो…

Aaj Ka Good Luck (5th June 2026): 5 जून 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए विशेष अवसर लेकर आया है। यदि आप जानना चाहते हैं कि आज आपकी राशि का गुडलक कितना साथ देगा और भाग्य को मजबूत करने के लिए कौन-सा उपाय करना चाहिए, तो यह विशेष राशिफल आपके लिए है।

मेष राशि (Aries) धीरे-धीरे चल रही प्रगति एकदम से रफ्तार पकड़ेगी। आसक्ति या तनाव से सावधान रहें। नई योजनाओं और नए संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है।
लकी टिप: महत्वपूर्ण निर्णय आत्मविश्वास से लें।

वृषभ राशि (Taurus) मेहनत रंग लाएगी, कड़ी मेहनत सफलता दिलाएगी। नौकरी और बिजनेस में उन्नति होगी। शुभ समाचार मिलने के योग हैं।
लकी टिप: अनावश्यक खर्चों से बचें।

मिथुन राशि (Gemini) आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। व्यापार और नौकरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
लकी टिप: नई योजनाओं पर काम शुरू करें।

कर्क राशि (Cancer) अपने अंदर की आवाज को सुनें अंतर्ज्ञान और रहस्य उजागर होने का समय है। कार्यस्थल पर आपके सुझावों को महत्व मिलेगा।
लकी टिप: भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।

सिंह राशि (Leo) जिस बात से न उम्मीद हो गए थे, वे उम्मीद पूरी होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।
लकी टिप: आत्मविश्वास बनाए रखें।

कन्या राशि (Virgo) मन की शांति और आत्मविश्वास के कारण आप महत्वपूर्ण निर्णय आसानी से ले पाएंगे। परिवार और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
लकी टिप: समय का सदुपयोग करें।

तुला राशि (Libra) आज का दिन नए अवसर लेकर आएगा। सामाजिक संबंध मजबूत होंगे और आर्थिक लाभ होगा।
लकी टिप: रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

वृश्चिक राशि (Scorpio) आज धन लाभ और सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। हर तरफ आपके चर्चे होंगे।
लकी टिप: क्रोध पर नियंत्रण रखें।

धनु राशि (Sagittarius) बदलाव को अपनाएं, धन लाभ और शुभ समाचार मिल सकते हैं। संतुलन और धैर्य बनाकर रखें।
लकी टिप: गुरुजनों का सम्मान करें।

मकर राशि (Capricorn) काम का दबाव रहेगा लेकिन खुद को नियंत्रित करें। गहरी समझ से छिपी जानकारी सामने आएगी।
लकी टिप: मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

कुंभ राशि (Aquarius) परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है।
लकी टिप: सकारात्मक सोच बनाए रखें।

मीन राशि (Pisces) रोजमर्रा के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। मानसिक शांति रहेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।
लकी टिप: धैर्य से कार्य करें।

बुलंदशहर के हनुमान मंदिर में नमाज पढ़ने का VIDEO वायरल: ग्रामीणों में आक्रोश, 3 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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Bulandshahr News: जिले के औरंगाबाद क्षेत्र के गांव ओलिना स्थित हनुमान मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज अदा करने का मामला सामने आने के बाद 3 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज अदा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है।

राजमिस्त्री के काम के लिए आए मजदूरों की हरकत
पुलिस ने बताया कि 31 मई को असर मोहम्मद अपने साथी नजर मोहम्मद व अन्य के साथ औरंगाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत औलीना गांव में राजमिस्त्री का काम करने के लिए राजकुमार नामक व्यक्ति के घर आया था। पुलिस ने बताया कि कुछ देर काम करने के बाद मजदूरों ने दोपहर के भोजन के लिए आराम किया, इस दौरान कथित तौर पर असर मोहम्मद ने हल्की बारिश के बीच मंदिर के अंदर नमाज अदा की। उस समय नजर मोहम्मद भी वहां मौजूद था।

धार्मिक भावनाएं आहत करने का मुकदमा दर्ज
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को घटना प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हुई। पुलिस के मुताबिक इस कृत्य का उद्देश्य पूजा स्थल को अपवित्र करके हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना था। औरंगाबाद थाना के प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद असलम ने बताया मामला दर्ज कर प्रकरण की जांच की जा रही है।

गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: मालवीय नगर होटल आग में एक ही घर के 7 लोगों की मौत

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नेशनल डेस्क:  साउथ दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे’ बेड-एंड-ब्रेकफ़ास्ट में आग लगने से एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। गुरुग्राम के सेक्टर 46 के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल अपने पिता से मिलने दिल्ली आए थे। उनके पिता इस समय दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी तरजनी अग्रवाल, दो बेटियां – जिविशा और वार्या – और चार अन्य रिश्तेदार भी आए थे।

विवेक ने ‘फ्लोरिश स्टे’ बेड-एंड-ब्रेकफ़ास्ट में दो कमरे बुक किए थे, जहां यह आग लगी, तब यह पूरा ग्रुप होटल के रेस्टोरेंट में नाश्ता कर रहा था। आग की चपेट में आने से इन सभी 7 लोगों की मौत हो गई। परिवार के 7 सदस्यों की मौत के बाद, अब इस परिवार में केवल विवेक के 80 वर्षीय पिता, राधे श्याम अग्रवाल ही जीवित बचे हैं।

पड़ोसियों के अनुसार, इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तरजनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल, बेटिया एंजल अग्रवाल और पर्ल अग्रवाल, मामा अशोक गोयल और मामी कमला गोयल शामिल हैं। एक चाचा अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि चाचा किशनगंज से आए थे, जबकि मामा और मामी अजमेर से आए थे।

दिन में बाद में परिवार के अन्य सदस्य शवों को लेने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि शवों को तभी सौंपा जाएगा, जब उनके DNA सैंपल ले लिए जाएंगे। उधर गुरुग्राम में, सेक्टर 46 स्थित परिवार का घर बुधवार को पूरी तरह से खाली पड़ा रहा। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

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दिल्ली के होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत
आग सुबह करीब 8:30 बजे लगी और पांच मंजिला इस संकरी इमारत में तेजी से फैल गई। इस घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे, इसके अलावा दर्जनों अन्य लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि जब आग लगी, उस समय होटल में करीब 40 मेहमान मौजूद थे, जिनमें से ज़्यादातर लोग सो रहे थे।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता (एंट्री और एग्जिट पॉइंट) था। खिड़कियां स्थायी रूप से बंद (सील्ड) थीं, और मुख्य दरवाज़ा सेंसर से संचालित होता था। एक बार आग फैलने के बाद, मेहमानों के पास बाहर निकलने के बहुत ही सीमित विकल्प बचे थे।

इस होटल को दिल्ली सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट’ योजना के तहत लाइसेंस दिया गया था। इस योजना के तहत किसी भी प्रॉपर्टी में छह से ज़्यादा कमरे संचालित करने की अनुमति नहीं होती है। जिस समय आग लगी, उस समय ‘फ्लोरिश स्टे’ में 25 कमरे संचालित हो रहे थे, जिनमें से कुछ कमरे बेसमेंट में भी बने हुए थे।

सपा के पूर्व सांसद रिजवान जहीर को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने रद्द की गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, पुलिस की थ्योरी को बताया दुर्भावनापूर्ण

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Lucknow News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर और उनके दामाद रमीज नेमत के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत शुरू की गई कार्यवाही को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि अधिकारी कानून को लागू करने के लिए आवश्यक वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहे हैं। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने अपील स्वीकार करते हुए टिप्पणी की कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री यह स्थापित नहीं करती है कि आरोपियों की कथित गतिविधियों ने सार्वजनिक व्यवस्था को अस्थिर किया था या अनुचित आर्थिक या अन्य भौतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया था। अदालत ने 26 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और 29 मई को फैसला सुनाया।

पुलिस के गैंगचार्ट और FIR के विरोधाभास पर हाईकोर्ट सख्त
यह मामला बलरामपुर जिले के तुलसीपुर पुलिस थाना में गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज एक प्राथमिकी से जड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस द्वारा तैयार गिरोह सूची में रमीज नेमत को गिरोह का सरगना और रिज़वान जहीर को सदस्य बताया गया। गिरोह सूची 2 आपराधिक मामलों पर आधारित थी। एक मामला 2022 का था जिसमें हत्या के प्रयास के आरोप थे और दूसरा मामला 2023 में दर्ज हत्या का था। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता बी ए खान ने दलील दी कि थाना प्रभारी ने 7 जुलाई 2024 को स्वयं गिरोह सूची (गैंगचार्ट) तैयार की, जबकि प्राथमिकी में कहा गया कि उन्हें 20 जुलाई 2024 को गश्त के दौरान गिरोह की जानकारी मिली। उच्च न्यायालय ने इस विरोधाभास को गंभीर मानते हुए कहा कि प्राथमिकी में दी जानकारी प्रथम दृष्टया अविश्वसनीय प्रतीत होती है और इससे पुलिस की दुर्भावना झलकती है।

कोर्ट को दिखे पुलिसिया दुर्भावना के संकेत
अदालत ने विरोधाभास को अहम माना और पाया कि प्राथमिकी में शामिल वर्णित घटनाक्रम स्वाभाविक रूप से असंभव प्रतीत होता है, जो पुलिस द्वारा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का संकेत देता है। याचिका का विरोध करते हुए, अतिरिक्त सरकारी वकील जी.डी. भट्ट ने दलील दी कि आरोपियों ने क्षेत्र में काफी प्रभाव और आतंक फैलाया, लोगों को उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करने से हतोत्साहित किया। उन्होंने दलील दी कि गैंगस्टर अधिनियम के तहत सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का पालन किया गया था। हालांकि, अदालत ने माना कि यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सामग्री नहीं रखी गई कि कथित कृत्यों ने सार्वजनिक शांति को प्रभावित किया था या सामान्य सामुदायिक जीवन को बाधित किया था।

हाईकोर्ट ने चार्जशीट और समन आदेश किया रद्द
अदालत ने कहा कि यह स्थापित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया कि गिरोह सूची में उद्धृत हत्या का मामला आर्थिक लाभ के लिए किया गया था। पीठ ने टिप्पणी की कि जांच अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और सुनवाई अदालत ने अधिनियम और 2021 नियमों के तहत अनिवार्य संतुष्टि दर्ज किए बिना यांत्रिक रूप से आगे बढ़े। उच्चत न्यायालय ने इसके मद्देनजर आरोप पत्र, संज्ञान आदेश और विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित समन आदेश को रद्द कर दिया, जिससे रिजवान जहीर और रमीज नेमत के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम की कार्यवाही समाप्त हो गई।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: UP के इन 18 शहरों का बदलेगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम, 1725 ई-बसों को हरी झंडी, जानें किसे मिलेगा फायदा

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में सकल लागत अनुबंध (GCC) मॉडल के तहत 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन किया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बीते बुधवार शाम को मंत्रिमंडल की हुई बैठक में मुहर लगाई गई। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य नगरीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं के अनुरूप बनाना है।

निजी ऑपरेटर संभालेंगे ई-बसों का पूरा जिम्मा
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 वातुनकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों का संचालन निजी संचालकों द्वारा जीसीसी मॉडल पर किया जाएगा और अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन तिथि से 12 वर्ष होगी। मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 24 प्रस्तावों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि जीसीसी मॉडल के अंतर्गत बसों की खरीद, चार्जिंग अवसरंचना की स्थापना, चालक एवं तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता, बसों का संचालन और अनुरक्षण की पूरी जिम्मेदारी निजी संचालकों की होगी।

डिपो के लिए मुफ्त जमीन और सरकार तय करेगी किराया
खन्ना के मुताबिक निर्धारित मानकों के आधार पर बस संचालकों को संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क का भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत 12 मीटर ई-बस पर 40 लाख रुपये तथा नौ मीटर ई-बस पर 35 लाख रुपये प्रति बस की दर से अनुदान भी दिया जाएगा। परियोजना के लिए आवश्यक डिपो निर्माण हेतु भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। किराया एवं उपयोगकर्ता शुल्क का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

निजी निवेश से घटेगा सरकारी वित्तीय बोझ
बयान के मुताबिक इस योजना से सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही निजी निवेश के माध्यम से सरकारी वित्तीय भार कम होगा तथा प्रदेश के शहरों में आधुनिक शहरी परिवहन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी। वर्तमान में राज्य के 15 नगर निगम क्षेत्रों में नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है।

आबादी की रफ्तार पर लगा ब्रेक: गिरा भारत का फर्टिलिटी रेट, जानें कहां सबसे कम बच्चे पैदा कर रहीं महिलाएं?

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India Total Fertility Rate Drop : भारत जो कभी अपनी बेकाबू आबादी और ‘जनसंख्या विस्फोट’ की चुनौतियों के लिए दुनिया भर में चर्चा का विषय रहता था अब जनसांख्यिकी (Demographic) के एक बिल्कुल नए और ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। हाल ही में जारी सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत की कुल प्रजनन दर यानी टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR – प्रति महिला औसतन बच्चों को जन्म देने की संख्या) घटकर 1.9 पर आ गई है। यह आंकड़ा इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की आबादी को स्थिर रखने के लिए जरूरी आदर्श स्तर 2.1 माना जाता है और भारत अब इस रिप्लेसमेंट लेवल से काफी नीचे आ चुका है।

जानें क्यों छोटा हो रहा है भारतीय परिवार?

दशकों पहले तक जहां बड़े परिवार रखना भारतीय समाज और संस्कृति की पहचान हुआ करता था वहीं आज के दौर के युवाओं की सोच पूरी तरह बदल चुकी है। इसके पीछे कई ठोस सामाजिक और आर्थिक कारण हैं। बता दें कि आज की युवा पीढ़ी बच्चों की संख्या के बजाय उनकी अच्छी परवरिश और लाइफ क्वालिटी को प्राथमिकता दे रही है।

बड़े शहरों में बढ़ता खर्च, प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतें और बच्चों की उच्च शिक्षा के भारी-भरकम बजट ने मिडिल क्लास परिवारों को परिवार का दायरा सीमित रखने पर मजबूर किया है। महिलाओं में उच्च शिक्षा का ग्राफ बढ़ना, कॉर्पोरेट जगत और नौकरियों में उनकी बढ़ती भागीदारी और शादी की उम्र का बढ़ना इसके सबसे बड़े सामाजिक कारण बनकर उभरे हैं।

फर्टिलिटी रेट में नॉर्थ-साउथ डिवाइड: राज्यों की स्थिति

सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करें तो देश के भीतर ही आबादी की रफ्तार को लेकर उत्तर और दक्षिण के राज्यों में एक बहुत बड़ी खाई (North-South Divide) साफ नजर आती है:

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राज्य / केंद्र शासित प्रदेश,                टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR),                  मौजूदा स्थिति
दिल्ली (Delhi),                                      1.2,                                                      पूरे देश में सबसे कम प्रजनन दर
तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल,                1.3,                                                     आबादी तेजी से स्थिरता और गिरावट की ओर
उत्तर प्रदेश,                                           2.6,                                                     राष्ट्रीय औसत से ऊपर
बिहार (Bihar),                                      2.9,                                                     देश में सबसे अधिक प्रजनन दर

दक्षिण राज्यों में बदलाव की मुख्य वजह: दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में साक्षरता और महिला सशक्तिकरण का स्तर काफी ऊंचा है। यहां जागरूकता अधिक होने के कारण महिलाओं ने परिवार नियोजन (Family Planning) से जुड़े फैसले खुद अपने हाथों में लिए हैं।

क्या भविष्य में भारत भी बनेगा जापान या साउथ कोरिया?

टोटल फर्टिलिटी रेट का 2.1 के आदर्श स्तर से नीचे गिरना भविष्य के भारत के लिए एक नई और गंभीर चुनौती की घंटी है। यदि लंबे समय तक यही स्थिति बनी रही तो आने वाले कुछ दशकों में देश के सामने ये बड़े संकट होंगे:

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बुजुर्गों की बढ़ती आबादी: देश में वृद्ध लोगों की संख्या तेजी से बढ़ेगी जिससे देश के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और पेंशन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

कामकाजी युवाओं की कमी: देश को आगे ले जाने वाले कामकाजी युवाओं (Working-Age Population) की संख्या घटने लगेगी। वर्तमान में जापान, इटली और दक्षिण कोरिया जैसे विकसित देश इसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।