बिधूना। नवमी और दशहरा पर अवकाश होने से सीएचसी की ओपीडी बुधवार को बंद रही। ऐसे में मरीजों की सुविधा के लिए बुधवार को इमरजेंसी कक्ष को सक्रिय किया गया। यहां तैनात डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों का इलाज किया। दोपहर करीब दो बजे तक 45 मरीजों को दवा दी गई।
Auraiya News: समिति से खाद खरीदने के लिए अब सदस्यता व फार्मर आईडी अनिवार्य
औरैया। रबी सीजन की दस्तक के साथ ही समितियों पर खाद के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही है। किसानों से जमीन के रकबे से लेकर आधार कार्ड देखे जा रहे हैं। अब इस कड़ी में शासन स्तर से नया फरमान जारी हो गया है। किसानों को समिति का सदस्य होना व फार्मर आईडी की बाध्यता कर दी गई है। दोनों के न होने की स्थिति में संबंधित किसान को निजी दुकानों से खाद खरीदने की सलाह दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद किसान लगातार समितियों पर खाद खरीदने पहुंच रहे हैं। आशंका यह भी जताई जा रही कि किसान गेहूं की बोआई के लिए अभी से खाद जुटाने के प्रयास में जुट गए हैं। ऐसे में खाद की एकाएक बिक्री में उछाल आ गया है। उधर खाद की बिक्री पिछले सालों की तरह सीमित रहे। इसे लेकर किसानों के खतौनी के कागजात लेकर समितियों पर मानक के तहत खाद दी जा रही है। अब इस कड़ी में कृषि विभाग के मुख्य सचिव की ओर से नया फरमान जारी किया गया है। इसमें समिति पर खाद बिक्री करने के लिए समितियों के सदस्यों को प्राथमिकता देने का हवाला दिया गया है।
वहीं, समिति के सदस्य न होने की स्थिति में फार्मर आईडी किसानों को दिखाने होगी। दोनों के न होने की स्थिति में किसानों को निजी खाद दुकानों से खरीदारी करने की सलाह देने को कहा गया है। शासन का यह आदेश काफी हद तक समितियों पर जुट रही भीड़ को कम सकेगा। प्राइवेट दुकानों पर खाद बिक्री बढ़ने की संभावना है। एआर काेऑपरेटिव संजीव कुमार ने बताया कि समितियों से खाद खरीदने के लिए किसानों के लिए सदस्य बनना और फार्मर आईडी जरूरी कर दी गई है। दोनों के न होने की स्थिति में किसान को प्राइवेट दुकान से खाद खरीदनी होगी। शासन से निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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सदस्यता अभियान व फार्मर आईडी को मिलेगी रफ्तार
समितियों पर इन दिनों सदस्य बनाए जाने का अभियान चलाया जा रहा है। जिले में दो लाख किसानों को सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। वहीं, गांव-गांव फार्मर आईडी भी बनाई जा रही है। जानकारों की माने तो शासन के इस आदेश के बाद दोनों ही अभियानों को रफ्तार मिलेगी।
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बोले किसान, हो रही परेशानी
नहीं है फार्मर आइडी और सदस्यता
फोटो-01एयूआरपी 05- भूरेलाल। संवाद
सरसों की बोआई को लेकर अभी खाद की जरूरत है। न ही फार्मर आईडी है ओर न ही समिति की सदस्यता है। निजी दुकानों पर महंगे दामों पर अब खाद खरीदनी होगी।-भूरेलाल, निवासी बीलपुर
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किसी तरह मिल जाए खाद
फोटो-01एयूआरपी06-महेंद्र कुमार। संवाद
समितियों पर पहले खतौनी व आधारकार्ड जमा कराए जा रहे थे। अब सदस्यता व फार्मर आईडी की अनिवार्यता परेशानी बढ़ाएगी। फिलहाल खाद मिल जाए। बाद में सदस्यता व फार्मर आईडी बनवाई जाएगी।-महेंद्र कुमार, हरनागरपुर
Auraiya News: बारिश और हवा से गिरी फसलें, उत्पादन होगा प्रभावित
औरैया। सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश व तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिलेभर में कई जगह धान व बाजरा की फसलें खेत में ही गिर गई। फफूंद क्षेत्र के केशमपुर गांव समेत आसपास के इलाकों में धान और बाजरा की फसल में पानी भर गया है। जलभराव के कारण फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
दो दिन की बारिश ने कई किसानों की धान व बाजरा की फसल वाले खेतों में पानी भर गया है। बारिश के साथ चली तेज हवाओं से पकने को तैयार खड़ी धान की फसल की बाली झुक गई है। इससे उसके जमीन में गिरकर खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसान प्रमोद, विपिन, पप्पू ने बताया कि धान की फसल अब कटाई के कगार पर थी। अचानक हुई तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया है। फसल की बाली पानी में डूबने से उत्पादन प्रभावित होगा। इसी तरह बाजरे की फसल में नमी बढ़ने से दाने काले पड़ने की आशंका हैं। लागत व मेहनत से तैयार हुई फसल पर अब बारिश ने झटका दिया है।
गर्मी से कुछ राहत तो मिली है लेकिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश से बाजरा व धान आदि की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बाजरा की फसल पूरी तरह गिर कर बर्बाद हो गई है जबकि खेतों में बोई गई सरसों व लाही की फसल भी सड़कर बर्बाद होने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि दो दिन पहले तेज धूप के साथ बादल साफ दिखाई दे रहे थे। ऐसे में उन्होंने लाही की फसल को बोया था। बाजरा की फली में लगा फूल भी झड़ गया है।
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गन्ने व बाजरा की फसल गिरी
फोटो-01एयूआरपी29- अयाना के एक खेत में गिरी पड़ी गन्ने की फसल। संवाद
अयाना। बेमौसम हुई बरसात के बाद चली तेज हवा से फसलें प्रभावित होने से किसानों के चेहरों पर उदासी छा गई है। सबसे ज्यादा नुकसान बाजरा और गन्ने की फसल पर पहुंचा है। इसके अलावा सरसों की बोआई भी प्रभावित हुई है। ऐमा सेंगनपुर निवासी किसान रहीस ने बताया कि उन्होंने तीन बीघा जमीन पर गन्ने की फसल बोई थी। खेत में फसल तैयार हो चुकी थी। शरद पूर्णिमा के बाद से गन्ना की कटान शुरू हो जाती। मंगलवार को बारिश के बाद चली हवा से फसल गिर गई। इससे उनकी फसल को करीब 40 फीसदी नुकसान हुआ है। सेंगनपुर निवासी धीरेंद्र उर्फ तालू ने बताया कि उन्होंने दो बीघा जमीन पर बाजरा की फसल बोई थी। फसल में बाल आ चुकी थी। इस बार फसल पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा अच्छी थी। मौसम की मार से फसल को 30 फीसदी नुकसान पहुंचा है।
UP: वरिष्ठ लिपिक की आत्महत्या मामले में चेयरमैन पति ने रखा पक्ष, कहा- नौकरी जाने और रिकवरी के डर से दी जान
घटना के पांच दिन बाद सोशल मीडिया पर चेयरमैन पति कुलदीप गुप्ता ने अपना पक्ष रखा। डीएम-एसएसपी से स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव के यमुना में कूदने के पांच दिन बाद बुधवार रात आरोपी चेयरमैन के पति कुलदीप उर्फ संटू गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता है। वायरल वीडियो में कहा कि राजीव यादव की मौत का उन्हें भी दुख है। आरोप लगाया कि राजीव यादव की सर्विस बुक में स्थायी नौकरी पाने का कोई आदेश संलग्न नहीं है। नौकरी जाने और रिकवरी होने के डर से सुनियोजित ढंग से राजीव यादव ने जान दी है। पूर्व चेयरमैन ने कुछ कागजात भी फेसबुक पर अपलोड किये हैं।
सात मिनट 20 सेकेंड के वीडियो में कुलदीप गुप्ता ने बताया कि कुछ लोगों की राजनीतिक द्वेष के कारण हम लोगों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएम-एसएसपी से उनका आग्रह है कि किसी एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए। ताकि जनता के सामने सच्चाई सामने आ सके। राजीव यादव ने नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ व्यक्तिगत रिट दायर की थी। इसमें कोर्ट ने आदेश दिया था कि दो माह में प्रकरण को निपटा दिया जाए।
इस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने एक कमेटी गठित कर दी थी ताकि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराया जा सके। बताया कि इसकी जांच की जा रही थी। अभी तक नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से उन पर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। आरोप लगाया कि राजीव यादव नगर पालिका अध्यक्ष पर पदोन्नति का दबाव डाल रहे थे। ताकि उन्हें सेवानिवृत्त होने पर अच्छा ऐरियर मिल सके। कुलदीप गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष ने राजीव यादव को बताया था कि यह पद सेंट्रलाइज है, इसलिए उन्हें पदोन्नति नहीं दी जा सकती। आरोप लगाया कि इस पर राजीव यादव ने नगर पालिका अध्यक्ष को फंसाने की धमकी दी थी। बताया कि हाईकोर्ट में अवमानना की शिकायत करने से पहले एक शासन में शिकायत की थी। इसका निस्तारण 19 फरवरी 2025 में निस्तारण कर गया था। उस समय ईओ के पद पर विनय मणी त्रिपाठी तैनात थे। लेकिन वह 1986 से अपनी नियुक्ति मान रहे हैं। उनकी सर्विस बुक में नियुक्ति का कोई आदेश नहीं हैं। जांच कमेटी का गठन किया गया था।
उन्होंने क्यों ऐसा किया, वह लेटर उन्हें एक सप्ताह पहले दिखाया था तब उसमें तारीख नहीं थी। यह तारीख साजिश के तहत डाली गई। राजीव यादव ने अपना वेतन डालने की बात अध्यक्ष से कही थी जिसपर अध्यक्ष ने कहा था जिस दिन सभी कर्मचारियों का वेतन डलेगा उस दिन आपका भी डल जाएगा। अफसोस हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। उनकी नियुक्ति की जांच करवाई जाए, आखिर नियुक्ति हुई कैसे थी इसकी जांच होनी चाहिए। पूर्व चेयरमैन ने कहा कि राजीव यादव को लग रहा था कि उनकी नियुक्ति में गड़बड़ है। एक तरफ वह अपनी नियुक्ति 1986 से मान रहे हैं। एक तरफ वो कह रहे हैं कि उनकी नियुक्ति 2000 में हुई हैं एक जगह कह रहे हैं 2002 में हुई है। इस संबंध में उनकी हाईकोर्ट से रिट खारिज हो गई। पूर्व चेयरमैन ने डीएम और एसएसपी से गुहार लगाई कि इसकी स्पष्ट जांच करा लें। उनकी मृत्यु होने का मुख्य कारण यही है कि उनके बच्चे की नौकरी मिल जाएगी, करोड़ों रुपए की रिकवरी नहीं होगी। इसी के चलते उन्होंने ईओ ,चेयरमैन सहित हम लोगों को फंसाया हैं।
पालिका कर्मचारी की आत्महत्या मामले में पूर्व मंत्री ने सपा को घेरा
नगर पालिका के कर्मचारी राजीव यादव की आत्महत्या के मामले में सोमवार को पूर्व मंत्री अशोक यादव ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सपा के मुखिया अभी तक कर्मचारी के घर सांत्वना देने नहीं आए। यदि सपा मुखिया खुद परिवार की पीड़ा नहीं सुनेंगे तो मुझे विधानसभा में उतरकर लोगों की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
पूर्व मंत्री अशोक यादव बुधवार को राजीव यादव के घर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैं राजनीतिक नहीं सामाजिक बात कर रहा हूं। इटावा को महत्व नहीं मिल रहा है। आज के समय में सैफई ऊपर है। इटावा को सपा ने दोयम दर्जे पर लाकर खड़ा कर दिया है। इटावा को अपना स्थान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के लिए मैं आज यहां पर किसी से अपील करने नहीं आया हूं बल्कि परिवार और आप सभी को यह बताने आया हूं कि मैं इस परिवार के साथ खड़ा हूं। यह पीड़ित परिवार का नहीं मेरा मामला है। उन्होंने अपनी अधिवक्ता बेटी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी बेटी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही है। इस केस पर जब बेटी से बात हुई तो उसने कहा कि इस मामले में धाराएं बढ़ाईं जा सकतीं हैं। इसलिए पीड़ित परिवार की यह न्याय और सामाजिक लड़ाई अशोक यादव लड़ेगा। इस मौके पर सर्वजन सुखाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद यादव, डॉ. कैलाश यादव, आकाश यादव आदि मौजूद रहे
IIT Student Suicide: परिजनों का गंभीर आरोप, दो दिन तक कमरे में लटका रहा शव; हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही
Kanpur News: आईआईटी के बीटेक छात्र धीरज सैनी की आत्महत्या के बाद गुरुवार को परिजनों ने आईआईटी प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने दो दिन बाद जानकारी दी है।कानपुर में आईआईटी के बीटेक छात्र धीरज सैनी की आत्महत्या के मामले परिजनों ने गुरुवार को आईआईटी प्रबंधन पर जांच की मांग करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को वीडियोग्राफी के बीच उसका पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद सब लेकर परिजन हरियाणा स्थित महेंद्रगढ़ के लिए रवाना हो गए। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे धीरज सैनी के ताऊ सत्येंद्र का कहना था कि मेरा बच्चा बहुत आरक्षित प्रकृति का था।
अपने काम से ही मतलब रखता था। दो दिन बाद आईआईटी प्रबंधन ने फोन कर उनके बच्चे की आत्महत्या की जानकारी दी, जो कितनी बड़ी लापरवाही है। घटना सुनते ही मानो, तो शरीर ने काम करना बंद कर दिया हो। किसी तरह कानपुर पहुंचे यह दिल ही जानता है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले धीरज के चाचा संदीप ने उससे फोन पर बात की थी। संदीप फल की रेहड़ी लगाकर बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाते थे।
गोमती घाट पर बड़ी संख्या में हो रहा मूर्ति विसर्जन,
लखनऊ- गोमती घाट पर बड़ी संख्या में हो रहा मूर्ति विसर्जन, नवरात्र के 9 दिन पूरे होने के बाद हो रहा विसर्जन, मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने पहुंच रहे भक्त, ढोल-नगाड़ों के साथ बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे, पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या में ड्यूटी लगाई गई, प्रशासन ने अलग विसर्जन के लिए घाट तैयार किए, गोमती नदी से हटकर विसर्जन के लिए घाट तैयार, झूले लाल वाटिका के पास बनाया गया विसर्जन घाट

