Thursday, February 19, 2026
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अजीतमल तीन तलाक बोल महिला को घर से निकाला

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अजीतमल (औरैया)। फिरोजनगर की रहने वाली महिला ने अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों पर प्रताड़ित करने और तीन तलाक बोलकर घर से निकालने का आरोप लगाया है।मामले में शौहर समेत 13 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। महिला ने गर्भपात का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फिरोजनगर निवासी निशा खान ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि उसके पिता की लगभग छह वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है।भाइयों ने 19 फरवरी 2025 को कानपुर देहात के थाना मूसानगर के मोहल्ला चिपैटी अंबेडकर निवासी नौशाद खान पुत्र इस्लाम खान के साथ उसका निकाह कराया था। कुछ दिन बाद ही ससुरालीजन दहेज के लिए मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे। 30 नवंबर को पति नौशाद ने उसकी पिटाई कर दी। आरोपी उसका अल्ट्रासाउंड कराने ले गए और गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगे।

आरोप है कि दो दिसंबर को फिर से पिटाई की गई तो उसने अपने भाइयों को जानकारी दी। इस पर शौहर ने तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने शौहर नौशाद खान, जेठ लुकमान खान, इमरान खान, शमशाद खान, इरशाद खान, देवर दिलशाद खान, ससुर इस्लाम खान, जेठानी अजरा बेगम, हिना, रजिया, रुखसार बेगम व सन्नो पत्नी पप्पू निवासी घाटमपुर कानपुर देहात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके अलावा ननद यासमीन बेगम रिजवान निवासी हमीरपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एरवाकटरा युवक को लाठी-डंडों से पीटा, मरणासन्न कर छोड़ा

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एरवाकटरा। थाना क्षेत्र के गांव नहराबोझ में खेत की देखभाल करने गए युवक की कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। हमलावर उसे मरणासन्न अवस्था में खेत पर ही छोड़कर भाग गए। आसपास से निकले ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घायल को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।गांव नहराबोझ निवासी मुकेश कुमार राजस्थान में अपने बड़े पुत्र विवेक के साथ सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। घर पर पत्नी रानी देवी, पुत्रवधू मोहिनी व छोटा पुत्र ऋषि (18) रहते हैं। शुक्रवार की दोपहर ऋषि खेत पर खड़ी फसल की रखवाली के लिए गया था। इसी बीच गांव के ही कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद उसे मरणासन्न अवस्था में खेत पर पड़ा छोड़कर भाग गए।

ग्रामीणों ने पुलिस और एंबुलेंस को इसकी सूचना दी। घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एरवाकटरा लेकर गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सैफई रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी हरिहर सिंह परिहार ने बताया कि घायल को सैफई हॉस्पिटल भेजा गया है। मौके पर जाकर जांच की जा रही है। घायल के पिता ने गांव आकर तहरीर देने की बात कही है।

डिपो में 65 बसों का बेड़ा, सिर्फ दो में लगी फॉग लाइट

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औरैया। जिले में शाम होते ही कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इसके बावजूद रोडवेज की बसें बिना फॉग लाइट के सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं।हालात यह हैं कि डिपो में 65 बसों का बेड़ा है, इनमें सिर्फ दो में ही फॉग लाइट लगी है। यह लापरवाही कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है

औरैया डिपो से 65 बसों का संचालन इटावा, कानपुर, कन्नौज समेत विभिन्न मार्गों पर किया जाता है। पिछले दस दिन से कोहरा वाहनों के आवागमन को प्रभावित किए हुए है। नियमों के अनुसार कोहरे के मौसम में सभी सार्वजनिक वाहनों में फॉग लाइट होना अनिवार्य है, ताकि दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। बावजूद इसके रोडवेज प्रशासन इस पर उदासीन रुख अपनाए हुए है। डिपो की 65 में से सिर्फ दो बसों में ही फॉग लाइट का इंतजाम है।
यात्री हर मोड़ पर अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं। उधर, बस स्टैंड परिसर में ही डिपो कार्यशाला संचालित है। ऐसे में किसी खराबी अन्य कमी को दुरुस्त करने के लिए बसों को यहीं लाया जाता है लेकिन, जब कार्यशाला के स्टोर में ही फॉग लाइट उपलब्ध नहीं है तो बसों में कहां से लगाई जा सकती है।

अजीतमल में रोडवेज डिपो की मांग ने पकड़ा जोर

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अजीतमल। क्षेत्र की वर्षों पुरानी रोडवेज बस समस्या एक बार फिर सुर्खियों में है। अब यहां के लोगों ने रोडवेज डिपो बनाने की मांग को फिर से शुरू कर दिया है।लोगों को कहना है कि बसें कस्बे के अंदर न आने से समस्या है। यह समस्या तभी दूर हो सकेगी,जब यहां डिपो की स्थापना होगी। लोगों ने बताया कि सदर विधायक गुड़िया कठेरिया द्वारा मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट के दौरान औरैया डिपो की बसों को अजीतमल कस्बे के अंदर से चलाने की मांग रखी गई। जबकि क्षेत्र की सबसे अहम और स्थायी मांग अजीतमल में रोडवेज डिपो की स्थापना को नजरअंदाज कर दिया गया।बताया कि औरैया डिपो की लगभग 60 बसें प्रतिदिन हाईवे से होकर संचालित हो रही हैं। ऐसे में कस्बे के यात्रियों को बस पकड़ने के लिए हाईवे तक भटकना पड़ता है। छात्र, महिलाएं, बुजुर्ग और दैनिक यात्री सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।बसें हाईवे से निकल जाती हैं। कस्बे के लोगों को जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ती है। यह समस्या वर्षों से है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। विमल पांडेय एडवोकेटकेवल बसों को अंदर से चलाने की बात करना जनता को बहलाना है। जब तक डिपो नहीं बनेगा, तब तक कोई व्यवस्था टिकाऊ नहीं होगी। विपिन तिवारी

केवल औरैया डिपो की बसों को कस्बे में लाने की बात जनता को गुमराह करने जैसी है। जब तक अजीतमल में रोडवेज डिपो नहीं बनेगा, तब तक बसें कभी भी हटाई जा सकती हैं। मोर्चा ने एलान किया है कि विधानसभा चुनाव 2027 तक आंदोलन जारी रहेगा। विशाल गुप्ता

अजीतमल की बस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष औरैया डिपो की बसों को कस्बे के अंदर से चलाने की मांग रखी है। डिपो स्थापना का विषय भी महत्वपूर्ण है, इस पर आगे प्रयास जारी रहेंगे।- गुड़िया कठेरिया, सदर विधायक

खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग किसान पर सांड़ ने किया हमला

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दिबियापुर। सर्द रात में शुक्रवार की रात अपने खेत पर रखवाली कर रहे एक बुजुर्ग किसान पर सांड़ ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने किसी तरह किसान को सांड़ से बचाया।घायल हालत देखते हुए किसान को सीएचसी दिबियापुर लाया गया। वहां से उन्हें चिचौली मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दिबियापुर क्षेत्र के गांव कनमऊ निवासी गंगा सिंह (65) अपने गेहूं की खेत की रखवाली करने गए थे। रात के समय वह खेत की मेड़ पर चल रहे थे, इसी दौरान एक सांड़ ने हमला कर दिया।शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे। शोर मचाने पर सांड़ रात के अंधेरे में निकल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने गंगा सिंह को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने गंगा सिंह को चिचौली रेफर कर दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि अन्ना मवेशियों की वजह से खेत की रखवाली करनी पड़ रही है। यह सांड़ कई लोगों पर हमला कर चुका है। गनीमत रही कि समय रहते गंगा सिंह ने शोर मचा दिया।

रुरुगंज प्रीमियर लीग के दूसरे दिन सहार ने कुसमरा, साहूपुर ने रुरुकलां से जीता मैच

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बिधूना। रुरुगंज प्रीमियर लीग के दूसरे दिन शुक्रवार को खेले गए मुकाबलों में दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला। पहले मैच में सहार टीम ने कुसमरा को एकतरफा मुकाबले में 40 रनों से पराजित कर मैच जीत लिया।वहीं, दूसरे मुकाबले में साहूपुर ने रुरुकलां को छह रनों से हराकर जीत दर्ज की। राधाकृष्ण स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में सहार के कप्तान शंकर सेंगर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया।सहार की ओर से ओपनर मोनिस कुरैशी ने 27 गेंदों पर 54 रन और पुष्पेंद्र सिंह ने 15 गेंदों में पांच छक्कों की मदद से 35 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर 114 रनों का लक्ष्य बनाया। कुसमरा टीम के बॉलर अभय सेंगर ने लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लिए लक्ष्य का पीछा करने उतरी कुसमरा टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम 74 रनों पर सिमट गई।

सहार ने मुकाबला 40 रनों से जीत लिया। गेंदबाजी में गुल्ला और पुष्पेंद्र ने दो-दो विकेट लिए, जबकि मोनिस कुरैशी ने एक विकेट झटका। ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए मोनिस कुरैशी को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।

दूसरा मुकाबला साहूपुर और रुरुकलां के बीच खेला गया। साहूपुर के कप्तान रोहित अवस्थी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। साहूपुर की ओर से कल्लू सेंगर ने 15 गेंदों पर 24 रन, मो. आदिल ने 11 गेंदों पर 20 रन और अमन ने 22 रन बनाए। निर्धारित 10 ओवरों में साहूपुर ने 93 रन बनाए। रुरुकलां की ओर से सोमिल शर्मा और रवि राजपूत ने दो-दो विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी रुरुकलां टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और छह ओवर में 40 रन पर उसके पांच विकेट गिर गए। इसके बाद सोमिल शर्मा ने 13 गेंदों पर सात छक्कों की मदद से 45 रन बनाकर मुकाबले में रोमांच भर दिया, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। साहूपुर ने यह मैच छह रनों से जीत लिया।
ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए कल्लू सेंगर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। मैच में अंपायर की भूमिका गोपाल सेंगर और वशीम कुरैशी ने निभाई। टूर्नामेंट के उपाध्यक्ष मैनेजर पोरवाल ने बताया कि शनिवार को पहला मुकाबला इटावा बनाम कन्नौज और दूसरा मैच बाबरपुर बनाम ऊसराहार के बीच खेला जाएगा।

औरैया उप्र में खेल प्रशिक्षकों की भर्ती ने जगाई उम्मीद

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औरैया। उप्र में खेल प्रशिक्षकों की भर्ती ने जिले के खिलाड़ियों की उम्मीद जगाई है। जिले से लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं इस भर्ती से जिले को नये कोच भी मिल सकते हैं।कोच की कमी को देखते हुए क्रीड़ा कार्यालय से पहले ही डिमांड भेजी जा चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जिले को नये कोच मिल सकते हैं।

खेल निदेशालय उप्र ने अंशकालिक मानदेय खेल प्रशिक्षकों की रिक्तियां निकाली हैं। एजेंसी के जरिए ये नियुक्तियां होंगी। इसमें तीरंदाजी के दो, नेटबॉल के एक, जिम्नास्टिक के चार, तैराकी के तीन, बास्केटबॉल व भारोत्तोलन के पांच-पांच पदों पर भर्ती की जाएगी।इसके अलावा क्रिकेट, खो-खो, शूटिंग, सॉफ्ट टेनिस, कराटे, वुशु, रोइंग, स्क्वैश व बैडमिंटन के एक-एक पद पर प्रशिक्षक नियुक्त किए जाने हैं। इसके साथ ही टेबल टेनिस व लॉन टेनिस के तीन-तीन खेल प्रशिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए आवेदन सेवायोजन कार्यालय के पोर्टल पर दो जनवरी तक किए जा सकते हैं।

जिला क्रीड़ा अधिकारी संजीव वर्मा ने बताया कि जिले के खिलाड़ी इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षकों की नियुक्ति के बाद उन्हें जरूरत वाले जिलों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो कोच हैं। पांच खेल के कोच की डिमांड भेजी गई है। इस भर्ती के बाद जिले को प्रशिक्षक मिलने की अधिक संभावना है।

Auraiya News: सर्दी की छुट्टी के बाद शुरू होगा निपुण आकलन

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औरैया। जिले में चिह्नित 100 के करीब परिषदीय स्कूलों के बच्चों का निपुण आकलन अब सर्दी की छुट्टी के बाद होगा। दिसंबर माह में प्रस्तावित यह अभियान अब 27 जनवरी से शुरू होगा।इसके लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं के जनवरी माह के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण शुरू हो जाएंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी किए गए निर्देश के बाद जिले में निपुण आकलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। परिषदीय विद्यालयों में निपुण आकलन 27 जनवरी से शुरू होंगे।यह आकलन एप के जरिये ऑनलाइन किया जाएगा। इसे फरवरी तक पूरा किया जाना है। इस आकलन में बच्चों के अक्षर ज्ञान बारीकी समझी जाएगी। इसमें सर्वे में कक्षा एक व दो के बच्चों की भाषा व गणित की दक्षता का आकलन करने के लिए इस बार नोटों को चुना गया है।

डीएलएड प्रशिक्षु ऑनलाइन एप के जरिये कक्षा एक के बच्चों को 20 रुपये तक के नोट और सिक्कों की पहचान कराएंगे। इन्हें सही बता पाने वाले बच्चों को ही निपुण माना जाएगा। वहीं कक्षा दो के बच्चों से 100 रुपये तक की नोट की पहचान कराई जाएगी। भाषा में शब्दों की पहचान, मिलाकर शब्दों को पढ़ने की दक्षता भी देखी जाएगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि 27 जनवरी से जिले में निपुण आकलन शुरू होगा। इसे लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण शुरू कराए जा रहे हैं। चयनित स्कूलों में यह काम फरवरी माह में पूरा करा लिया जाएगा।

Auraiya News: सात राजकीय स्कूलों में 37 लाख रुपये से बनेंगी कक्षाएं

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औरैया। राजकीय स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिले के सात राजकीय स्कूलों को चुना गया है, जहां 37 लाख रुपये से अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण कराया जाएगा।जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इन स्कूलों में कक्षाएं कम होने से सीटों की संख्या नहीं बढ़ पा रहीं थीं।राजकीय स्कूलों में छात्रों की संख्या न बढ़ने के संदर्भ में प्रधानाचार्याें से बात की गई तो कुछ ने बताया कि स्कूल में अतिरिक्त कक्षाएं नहीं हैं। अगर छात्र बढ़ते भी हैं तो उनको बैठाने की व्यवस्था नहीं है।इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच कर ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने को कहा गया। निरीक्षण कर स्कूलों की व्यवस्थाएं देखीं गईं तो मानपुर, नसीराबाद, करमूपुर, भैसोल, अयाना, एरवाकटरा व सहार में अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता महसूस की गई।इन स्कूलों में एक-एकअतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण के लिए 37 लाख रुपये खर्च होने का आकलन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह प्रस्ताव प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रस्ताव पास होने के बाद इन स्कूलों में कक्षाओं का निर्माण शुरू कराया जाएगा।सात राजकीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता महसूस की गई थी। इन स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ सकती है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य ने बताया कि

कंचौसी/दिबियापुर घने कोहरे ने बिगाड़ी चाल, घंटों देर से पहुंच रहीं ट्रेनें

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कंचौसी/दिबियापुर। घने कोहरे ने ट्रेनों की चाल मंद कर दी है। इससे एक घंटे का सफर तीन घंटे में पूरा हो रहा है। ऐसे हालात में यात्री थकान महसूस करते हुए परेशान हो रहे हैं। ट्रेनें घंटों देर से आने के कारण यात्री स्टेशन पर बैठने को मजबूर हैं। उधर, फफूंद में कई ट्रेनें लेट रहीं।बृहस्पतिवार की रात दिल्ली से चली फरक्का एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे से अधिक देरी से कंचौसी स्टेशन पर पहुंची। यात्रियों ने बताया कि ट्रेनें लेट होने से यात्रा उबाऊ हो रही है। एक्सप्रेस ट्रेनें पैसेंजर से भी धीमी गति से चल रही हैं। दूरस्थ स्थानों पर जाने वालों के लिए यह स्थिति काफी दिक्कत भरी है। वहीं, चंडीगढ़ से प्रयागराज तक जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस भी अपने समय से पांच घंटे की देरी से कंचौसी पहुंची।

इसी तरह दिल्ली की ओर जाने वाली फरक्का और ऊंचाहार एक्सप्रेस अपने समय से कई घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची। दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेमू व पैसेंजर एक से डेढ़ घंटे की देरी से आई। इससे कानपुर, इटावा, लखनऊ, बनारस, फतेहपुर, प्रयागराज, दिल्ली, अछल्दा, रूरा, पनकी धाम, गोविंदपुरी, झींझक, फिरोजाबाद, टूंडला आदि स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक दरबारी कुमार ने बताया कि कोहरे की वजह से ट्रेनें लेट चल रही हैं।

उधर, फफूंद स्टेशन पर कई ट्रेनें घंटों लेट आ रही हैं। फफूंद स्टेशन पर शुक्रवार को ऊंचाहार एक्सप्रेस एक घंटा, फफूंद से कानपुर सेंट्रल मेमो एक घंटा, फफूंद से कानपुर सेंट्रल पैसेंजर दो घंटा, आगरा से लखनऊ जाने वाली सुपरफास्ट इंटरसिटी एक्सप्रेस तीन घंटा, टूंडला से कानपुर सेंट्रल मेमू 2:45 घंटा, स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 2:30 घंटा, नेताजी एक्सप्रेस छह घंटे लेट आईं।

वहीं, गोमती एक्सप्रेस एक घंटा सहित