हापुड़-तेंदुआ दिखाई देने से मचा हड़कंप, खेतों में बैठा दिखा तेंदुआ, भागे किसान, तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, गढ़ तहसील क्षेत्र के लडपुरा का मामला
बिधूना। दीपों के पर्व दीपावली पर सोमवार को बाजार में सुबह से ही रौनक रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ती गई। मिठाई और फूलों की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। पूरे दिन लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे रहे। बाजार में रंग-बिरंगी सजावट, झिलमिलाते दीप, चमकदार झालरों और खुशियों से सराबोर लोगों की भीड़ ने त्योहार की रौनक को दोगुना कर दिया। दुकानदारों के चेहरों पर भी मुस्कान नजर आई।
औरैया। दीपावली पर रोशनी के साथ-साथ आसमान में रंग बिखेरने वाले पटाखों की सोमवार को खूब बिक्री हुई। जिले में चिह्नित जगहों पर सजे पटाखा बाजारों में खूब भीड़ उमड़ी। प्रशासन की ओर से पटाखों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। व्यापारियों का कहना है कि तीन दिन की बिक्री के दौरान करीब एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार हो गया है।
दिबियापुर। त्योहार पर जल्दी घर पहुंचने के लिए ट्रेनों से यात्रा करने वालों की फफूंद स्टेशन पर सोमवार को यात्रियों की भीड़ दिखी। स्टेशन पर रुकी आगरा से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में चढ़ने-उतरने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। मौके पर जीआरपी व आरपीएफ ने यात्रियों को नियंत्रित किया। पुलिस ने इस दौरान यात्रियों के सामानों की जांच भी की। लोगों को ट्रेन रुकने पर ही बोगी में चढ़ने के निर्देश दिए गए।इटावा की ओर जाने वाली अलीगढ़ सुपरफास्ट पैसेंजर, गोमती एक्सप्रेस में भीड़ कम देखने को मिली। इससे उसमें यात्रियों को सीटें खाली मिलीं। इसके अलावा नेताजी एक्सप्रेस, ऊंचाहार, संगम, शताब्दी व इटावा मेमू में भीड़ का नजारा देखने को मिला। जैसे ही ट्रेन आकर रुकी। वैसे ही यात्री चढ़ने व उतरने की जद्दोजहद में लगे रहे। सीटों के लिए भी मारामारी रही। कई यात्री तो बोगी के गेट पर खड़े होकर सफर करते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि दूर दराज से लोग घर जल्दी आने के लिए ट्रेन का ही सहारा लेते हैं। त्योहार के बाद वापसी में भी यात्रियों की भीड़ अधिक होगी। ऐसे में रेलवे अधिकारियों को कोई वैकल्पिक ट्रेन रोकने की व्यवस्था करनी चाहिए। आरपीएफ व जीआरपी ने ट्रेन की बोगी में किनारे बैठे यात्रियों को ट्रेन के अंदर करवाया और पायदान पर न बैठने की सलाह दी। (संवाद)
बिधूना। दीपावली के अवसर पर जहां सरकारी विभागों में छुट्टी का आलम रहा तो वहीं सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए डॉक्टर से लेकर अन्य स्टाफ मुस्तैद रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में सोमवार को इमरजेंसी कक्ष में अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने स्वयं मरीजों का उपचार किया। छुट्टी के बावजूद डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती से मरीजों को राहत मिली।
औरैया जिले में दीपावली की रौनक के बीच रविवार की रात दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ में एक समोसे की दुकान में रखे फ्रिज में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर बगल की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों दुकानों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने जमकर नाराजगी जताई।

कानपुर में सीनियर डिवीजन सिविल जज की कोर्ट में तैनात महिला स्टेनो नेहा (25) ने कचहरी की छठवीं मंजिल से कूदने से पहले अपनी मां से बातचीत की थी। पहला फोन मां की ओर से दोपहर 1:11 बजे आया। इसके बाद दोनों के बीच 1:52 बजे तक पांच बार फोन पर बात हुई। यह जानकारी पुलिस को नेहा की कॉल डिटेल से मिली है।
मां से पहले स्टेनो के पिता ने भी उन्हें फोन किया था। कोतवाली पुलिस माता-पिता से जानकारी जुटा रही है। सोमवार को उनके पिता की तहरीर ले ली गई है। घाटमपुर निवासी नेहा ने शनिवार दोपहर कचहरी की छठवीं मंजिल की छत कूदकर जान दे दी थी। महिला स्टेनो के परिजनों ने कोर्ट के पेशकार और चपरासी पर बेटी को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।पुलिस के पास आ गई है नेहा की कॉल डिटेल
कोतवाली पुलिस ने पेशकार की ओर से अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की। सोमवार को पुलिस के पास नेहा की कॉल डिटेल आ गई है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि आखिरी बार उनकी परिजनों से क्या बात हुई थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना की जानकारी के लिए कार्यालय स्टॉफ के बयान लिए जाएंगे।
साक्ष्य मिलते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
ये था पूरा मामला
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने समारोह में शहीदों को नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य पूंजी है, जिसे हम कभी नहीं भूल सकते। उनकी स्मृतियां हमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा का अमर संदेश देती हैं। प्रदेश पुलिस ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है।
सीएम ने कहा कि 2024-25 के दौरान प्रदेश के तीन बहादुर पुलिसकर्मियों एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह (जौनपुर) और आरक्षी सौरभ कुमार (गौतमबुद्ध नगर) ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को भरोसा दिया कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ हर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि 96 पुलिस कर्मियों (केंद्रीय बलों एवं अन्य राज्यों के मूल निवासी यूपी के पुलिसकर्मी सहित) को कुल 30.70 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। पुलिस कर्मियों की सेवानिवृत्ति और मृत्यु के उपरांत 90% जीपीएफ के 2,511 प्रकरणों का भुगतान किया गया, जबकि 108 पुलिस कार्मिकों को अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई। 234 मेधावी पुलिसकर्मियों के बच्चों को 51.10 लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी गई तथा 1.12 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की गई।
सीएम ने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी 519 मामलों में 11.85 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति दी गई, जबकि 170 कर्मियों को जीवन रक्षक निधि से 6.64 करोड़ रुपए अग्रिम दिए गए। 374 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को 11.86 करोड़ रुपए की बीमा धनराशि और 124 आश्रितों को बैंक ऑफ बड़ौदा के ‘पुलिस सैलरी पैकेज’ से 67.76 करोड़ रुपए का भुगतान कराया गया।
पुलिस भर्ती और प्रशिक्षण में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2017 से अब तक 2.09 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिनमें 34 हजार महिलाएं शामिल हैं। राजपत्रित स्तर पर 1.52 लाख से अधिक पदोन्नतियां दी गई हैं। वर्तमान में 28,154 पदों पर भर्ती और 2,391 पर पदोन्नति प्रक्रिया जारी है।
इससे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा और समर्पण समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है। पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य पथ पर अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सभी अमर शहीद पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि!’
वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि पुलिसकर्मियों का साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा है।