बनारस लिट फेस्ट में प्रस्तुतियों के बीच सांसद व भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने राजनीतिक बातें भी कीं। कहा कि राजनीति की बातों को बहुत दिल पर न लिया करो। देश सुरक्षित हाथों में है। बनारस के सांसद जी पर भरोसा रखें। बबवा गरदा उड़वले बा…। इस दौरान मनोज तिवारी ने पंचायत काके सबसे प्रसिद्ध गीत हिंद के सितारा गाकर उसकी कहानी भी सुनाई। कहा कि हिंद के सितारा किसने लिखा पता नहीं लेकिन मैंने इसे अपनी मां के मुंह से सुना था। हां, ये जरूर है कि इसे मैंने नया साउंड देने की कोशिश की। ये लोकगीत 9 दिनों तक इंटरनेशनल ट्रेंड कर रहा था।पहले तो पंचायत सीरीज के लोग कुछ और गाना लेकर आए थे, लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया और कहा कि आप किसी और से गवा लो। लेकिन वो नहीं माने तो मैंने ये गाना भिजवाया। इसमें असम के एक लड़के ने मदद की। मनोज तिवारी ने कहा कि आप अपनी जड़ों से जुड़कर संगीत को आगे बढ़ाएं। इस दौरान मनोज तिवारी ने कहा कि काशी में रहने वाला भी इस शहर को नहीं जानता। बहुत बतियाना और बहुत रिसर्च करना होगा। लेकिन इतना पता है कि काशी हमारे लिए एक रिचार्जिंग सेंटर है।
मनोज तिवारी ने खुद से कंपोज कियए हुए हर हर महादेव… गीत की प्रस्तुति दी तो दर्शक दोनों हाथ उठाकर महादेव की भक्ति संगीत में लीन हो गए। इसके बाद ”ए राजा जी एकरा के…, सूरीनाम यात्रा का किस्सा सुनाते हुए तोर मोर लावा मिलाए सखी…, कनवा में सोहे वाली…, शीतला घाट पे काशी में…, बगल वाली जान मारेली…, जिया हो बिहार के लाला… गाकर श्रोताओं को खूब झूृमाया। अब मेरी अंग्रेजी ठीक हो गई है, इस पर भी श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए। प्रस्तुति से पहले मंच पर दीपक मधोक और उनकी पत्नी समेत पूरे परिवार ने स्वागत किया।
राजेंद्र प्रसन्ना ने बांसुरी बजाकर सुनाया बनारसी दादरा
वाराणसी। बनारस लिट फेस्ट में प्रख्यात बांसुरी वादक पं. राजेंद्र प्रसन्ना ने बांसुरी बजाकर बनारसी दादरा सुनाया। राग शुद्ध सारंग से बांसुरी वादन किया। यह रागधारा कभी एक ताल की गंभीरता में ठहरी, तो कभी द्रुत तीन ताल की चपल चाल में लहराई। बनारसी दादरा को बांसुरी में पिरोया तो खूब तालियां बजीं। हर तरह की लयकारी निकलती रही। बांसुरी पर डॉ. राकेश कुमार और प्रांजल सिंह की सधी हुई संगत भी रही। तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती ने संगत की। फेस्टिवल के अध्यक्ष दीपक मधोक और बनारस घराने के प्रख्यात शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पं. साजन मिश्र भी इस नाद-यात्रा में रहे।

