Monday, June 29, 2026
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आगरा, ताजमहल की सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल

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आगरा, ताजमहल की सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल किया गया, पुलिस, BDS और CISF ने संयुक्त अभ्यास कर सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया।

 

 

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर में भारत के छह वीर हुए थे शहीद, पहली बार जारी हुए इनके नाम

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नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में भारत के छह वीर हुए थे शहीद, पहली बार जारी हुए इनके नाम

*नई दिल्ली:* सरकार ने पहली बार उन छह भारतीय सैनिकों के नाम आधिकारिक तौर पर बताए हैं, जो पिछले साल मई में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाए गए सीमा-पार सैन्य अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान शहीद हुए थे. इन छह जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के “रोल ऑफ ऑनर” सेक्शन में पब्लिश किए गए हैं और नई दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल में भी लिखे गए हैं. यह इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों को हुई जान-माल की हानि की पहली औपचारिक सार्वजनिक मान्यता है. इनके नाम हैं.

 

सूबेदार मेजर पवन कुमार (10 इन्फैंट्री ब्रिगेड)

राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र, 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री)

लांस नायक दिनेश कुमार (5 फील्ड रेजिमेंट)

एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनाइक (851 लाइट रेजिमेंट)

हवलदार सुनील कुमार सिंह (237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी)

सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु सेना पदक, 39 विंग)

इन जवानों के नाम मेमोरियल की “वॉल 3D” के उस सेक्शन में उकेरे गए हैं जो देश की सेवा में अपनी जान देने वाले सैन्य कर्मियों को समर्पित है. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर की जब शुरुआत हुई थी, तब से लेकर आज तक आधिकारिक रूप से यह किसी को भी पता नहीं था, कि भारत ने कितने सैनिकों को खोया है. हालांकि, मीडिया में इस तरह ही खबरें आती रहीं, लेकिन सरकार ने कभी भी पुष्टि नहीं की थी. सरकार ने अब तक “ऑपरेशन सिंदूर” में मारे गए जवानों की पहचान का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया था.

 

*इनमें से सरकार सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु सेना पदक और राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र से सम्मानित भी कर चुकी है:*

 

इन सभी के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज हो चुका है. इस मेमोरियल में उनके नाम दर्ज होते हैं, जो आजादी के बाद अलग-अलग सैन्य अभियानों और संघर्षों में शहीद हुए हैं.

 

नेशनल वॉर मेमोरियल के “रोल ऑफ ऑनर” में नामों का प्रकाशन असल में उन सशस्त्र बलों के जवानों की मौत की पहली आधिकारिक पुष्टि है, जिन्होंने इस ऑपरेशन के दौरान अपनी जान गंवाई. पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया “ऑपरेशन सिंदूर” 7 मई 2025 की सुबह शुरू किया गया था. ऑपरेशन पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए उस आतंकी हमले के कुछ हफ्ते बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे.भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए और जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. दोनों देशों के “डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स” के बीच बातचीत के बाद, भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए

पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के सरकारी आदेश पर लगाई रोक

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पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के सरकारी आदेश पर लगाई रोक

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टालने के सरकारी फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि जिन प्रावधानों के आधार पर आदेश जारी किए गए, उन्हें पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है। राज्य सरकार से चुनाव कराने की समयसीमा बताने वाला हलफनामा मांगा गया है, अन्यथा संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। यह फैसला न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टालने के मामले में राज्य सरकार के रवैये पर गंभीर टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने कहा कि 25 और 26 मई 2026 के जिन आदेशों के आधार पर ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रयास किया गया, वे प्रथम दृष्टया ऐसे प्रावधानों पर आधारित हैं जिन्हें पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है।

 

 

कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 24 एई और 243 के के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता और समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है। अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम अवसर देते हुए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और पंचायत चुनाव कराने की स्पष्ट समयसीमा हलफनामे के साथ पेश करने का निर्देश दिया है।

 

सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि 10 जून 2026 को मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है और आयोग चुनाव कराने के लिए तैयार है। केवल राज्य सरकार की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण चुनाव प्रक्रिया रुकी हुई है।

 

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अगली सुनवाई तक सरकार संतोषजनक जवाब नहीं देती तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि असंवैधानिक प्रावधानों के आधार पर जारी आदेशों के रहते प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी।

यूपी में मानसून का काउंटडाउन शुरू, प्रदेश में रविवार रात आंधी-बारिश के साथ एंट्री; मौसम विभाग ने दिया अटडेट

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लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार रात से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून प्रवेश करेगा। इसके बाद 30 जून से तीन-चार दिनों तक प्रदेशभर में गरज-चमक के साथ व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। बारिश शुरू होने के साथ अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिलेगी।

Etawah: निजी अस्पताल में महिला की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, जांच शुरू

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इटावा जिले में थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत भरथना रोड पर स्थित निजी अस्पताल में महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के महना गांव निवासी सुषमा देवी (60) पत्नी जवाहरलाल का अस्पताल में इलाज चल रहा था।शुक्रवार सुबह महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की जान चली गई।

अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हो गई मौत
डॉक्टरों ने महिला की हालत में सुधार का भरोसा दिलाया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने परिजनों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। जिसके बार पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है।

Auraiya: पूर्व एमएलसी के भतीजे पर कसा शिकंजा, अधिवक्ता को पिस्टल सटाकर की थी लूटपाट, आरोपी को भेजा गया जेल

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औरैया जिले में अधिवक्ता अतुल पाठक को पिस्टल सटाकर लूटपाट, मारपीट और मोबाइल तोड़ने के मामले में आरोपी पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को इंडियन ऑयल चौकी प्रभारी गणेश गुप्ता फोर्स के साथ गश्त पर थे।

इसी दौरान लूट के आरोपी के गांव के बाहर होने की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर गांव भाड़ारीपुर निवासी विशाल उर्फ सुमित पाठक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गांव निवासी अधिवक्ता अतुल पाठक 17 सितंबर 2025 को कचहरी जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे जैसे ही वह गांव के बाहर कन्या विद्यालय के पास पहुंचे।
अवैध पिस्टल निकाली और छाती पर सटा दी
तभी पहले से घात लगाए बैठे पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक का भतीजा विशाल उर्फ सुमित पाठक तीन अज्ञात साथियों ने उन्हें रोक लिया। अधिवक्ता के बताया था कि आरोपी विशाल ने अपनी कमर से अवैध पिस्टल निकाली और उनकी छाती पर सटा दी। इसके बाद शराब पीने के लिए एक हजार रुपये मांगने लगे। इसका विरोध उन्होंने किया।

UP Weather Today: लखनऊ सहित कई जिलों में दो दिन बाद भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, 28 से मानसूनी बारिश

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लखनऊ। प्रदेश में मानसून की दस्तक के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। राजधानी में गुरुवार को दोपहर में कुछ देर के लिए आसमान में बादल तो छाए, लेकिन सूरज की तपिश ने इसे बेअसर कर दिया। आसमान से बरसती आग में बाहर निकलना दूभर हो रहा था। 40 से अधिक जिलों में लू ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।

मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार और शनिवार को भी करीब 30 जिलों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा, जिसमें लखनऊ भी शामिल है। रविवार से मौसम में बदलाव होगा, पर इसका ज्यादा असर पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में ही दिखेगा। हालांकि, 30 जून तक मानसून मध्य यूपी तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले चार दिनों में मानसून प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंचेगा। इसकी शुरुआत पूर्वी यूपी के गोरखपुर, देवरिया और आसपास के जिलों से होगी। 29 जून तक मानसूनी वर्षा का असर लखनऊ समेत आसपास जिलों तक पहुंचने के आसार बन रहे हैं। 30 जून से एक जुलाई के बीच अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बरसात के पूर्वानुमान हैं।

यूपी में मरीजों को अब नहीं भटकना पड़ेगा, तैयार हो रहा 310 अस्पतालों का एकीकृत इमरजेंसी नेटवर्क

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आकस्मिक स्थिति में विशेषज्ञ अस्पताल के लिए रेफर मरीज को एक से दूसरे अस्पताल भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार 310 अस्पतालों का एकीकृत ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीइएन) बना रहा है।

जो मरीज को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करायेगा। पहले 48 घंटें का इलाज मुफ्त होगा। इस योजना को लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गयी है।

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुयी बैठक में कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर जलने, हृदयघात, स्ट्रोक, सेप्सिस, विषाक्तता तथा प्रसूति एवं बाल चिकित्सा संबंधी आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए समन्वित एवं एकीकृत प्रणाली का अभाव है। यूपीटीइएन इसमें कारगर हो सकती है।

यह पहल प्रत्येक नागरिक को आपात स्थिति में गोल्डन आवर के भीतर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ( एसीएस) अमित घोष ने बताया कि यूपीटीइएन को एकीकृत, त्रिस्तरीय, बहु-चरणीय एवं केंद्रीकृत नेतृत्व आधारित नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत स्तर-1 में 11 शीर्ष एवं प्रमुख चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को शामिल किया जाएगा स्तर-2 में 36 मेडिकल कालेजों को जोड़ा जाएगा। स्तर-3 पर प्राथमिक स्तर पर मरीजों के स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) हेतु 126 केंद्र चिह्नित है।

इसके अतिरिक्त प्रारंभिक चरण में 137 निजी चिकित्सा संस्थानों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यूपीटीईएन के प्रथम चरण में कुल 310 चिकित्सा इकाइयों एवं केंद्रों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार भी किया जा सकेगा।

परियोजना को व्यवहारिकता के आधार पर तीन चरणों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। यूपीटीईएन को राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा तथा 112 आपातकालीन सेवा के साथ भी एकीकृत किया जाएगा, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक तीव्र एवं प्रभावी बनाया जा सके।

प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत आपातकालीन उपचार के प्रथम 48 घंटों तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा नेटवर्क को टेलीमेडिसिन एवं डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत करने का भी प्रावधान किया गया है।

लखनऊ में बढ़ते जा रहे अग्निकांड, लोकबंधु अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में आग लगने से अफरा-तफरी

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल परिसर, आशियाना के वन स्टॉप सेंटर में शुक्रवार को आग लग गई। सुबह करीब पांच बजे आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। फायर विभाग को सूचना दी गई। इस दौरान कर्मचारियों ने आधा घंटे में कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।

अस्पताल परिसर में आशा ज्योति केंद्र का संचालन होता है। सुबह करीब पांच बजे शार्ट सर्किट से वन स्टॉप सेंटर के वेटिंग हाल के फॉलसीलिंग से धुआं निकलने लगा। दस मिनट में आग की लपटे दिखने लगीं। थोड़ी देर में ही धुंआ बिल्डिंग में भरने लगा। हालांकि इस दौरान घटनास्थल पर कोई मरीज नहीं था। धुआं बढ़ने से सुरक्षा कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

अस्पताल के कर्मचारी फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने में सफल रहे। तड़के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे भवन में धुआं भर गया। इससे सुरक्षा कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। कर्मचारी घटना स्थल की तरफ भागे। फायर एश्टिग्यूसर से कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

यूपी में ‘सूर्य घर योजना’ का नया रिकॉर्ड, 6.2 लाख घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल; देश में नंबर वन बना उत्तर प्रदेश

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की दिशा में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ (PMSGY) के तहत प्रदेश में अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया जा चुका है। जून 2026 में हुई प्रगति समीक्षा बैठक के आंकड़ों के अनुसार, यूपी ने अपने 11.27 लाख परिवारों के लक्ष्य का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा कर लिया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, देश के कुल सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन में 17 प्रतिशत की हिस्सेदारी दर्ज कर उत्तर प्रदेश ने खुद को देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर लिया है।

हर दिन 2100 घरों पर लग रहे पैनल

योजना को जमीन पर उतारने की रफ्तार में यूपी ने अभूतपूर्व तेजी दिखाई है। यूपी नेडा (UPNEDA) के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि प्रदेश ने मार्च, अप्रैल और मई 2026 में लगातार तीन महीनों तक 50 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। आंकड़ों की बात करें तो जून 2025 में जहां हर दिन लगभग 500 प्लांट लग रहे थे, वहीं मई 2026 तक यह आंकड़ा उछलकर 2100 प्रतिदिन पहुंच गया है। हाल ही में यूपी ने मात्र 22 दिनों में 50 हजार इंस्टॉलेशन पूरे किए हैं, जो देश में सबसे तेज स्थापना दर है।

लोन और वेंडर्स की प्रक्रिया होगी और आसान

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक आवेदन को हर हाल में इंस्टॉलेशन में बदला जाए। इसके लिए बैंकों के स्तर पर ऋण आवेदनों के समयबद्ध अप्रूवल और तुरंत भुगतान (Disbursal) पर जोर दिया जा रहा है। यूपी नेडा डायरेक्टर ने निर्देश दिए कि निष्क्रिय वेंडर्स को हटाया जाए या सक्रिय किया जाए और जरूरत के अनुसार नए वेंडर्स जोड़े जाएं। सरकार का फोकस इस बात पर भी है कि सोलर पैनल लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में होने वाली बचत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें।

रोजगार और अर्थव्यवस्था में ‘ग्रीन बूम’

‘पीएम सूर्य घर योजना’ केवल बिजली बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गेमचेंजर साबित हो रही है। इस योजना के जरिए प्रदेश में 2000 मेगावाट से अधिक की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता जोड़ी जा चुकी है। रूफटॉप सोलर उद्योग में प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कारोबार हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब तक 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जनभागीदारी और सरकार के स्पष्ट विजन के कारण यूपी अब स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का ग्रोथ इंजन बन गया है।