Saturday, March 7, 2026
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Shivalik Hills मामले में बड़ा झटका, होशियारपुर-रूपनगर क्रशर यूनिट्स में 13 क्रशर बंद, 180 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

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पंजाब डैस्क : शिवालिक हिल्स के मामले में एन.जी.टी. ने बड़ा झटका दिया है। बताया जा रहा है कि (NGT) ने एक ऐतिहासिक आदेश में होशियारपुर और रूपनगर के शिवालिक हिल्स क्षेत्र में 13 स्टोन क्रशर यूनिट्स को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है और उन्हें 180 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरणीय मुआवजा अदा करने का निर्देश दिया गया है। एनजीटी ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) को भी 90 दिनों के भीतर सभी क्रशर की जांच और कच्चे माल के स्रोत की पुष्टि करने का सख्त निर्देश दिए हैं।

बता दें कि मामला मीडिया रिपोर्ट से शुरू हुआ था, जिसमें बीट क्षेत्र के पहाड़ों के अवैध उत्खनन और विनाश को उजागर किया गया था। गढ़शंकर (होशियारपुर) और खेड़ा काल्मोट (रूपनगर) के गांवों में माइनिंग माफिया ने पहाड़ों को 200 फीट तक समतल कर दिया। यह क्षेत्र राज्य का मुख्य भूमिगत जल पुनर्भरण क्षेत्र है और प्राकृतिक बाढ़ अवरोध के रूप में काम करता है।

चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एनजीटी ने PPCB को निर्देश दिया कि सभी 13 यूनिट्स बंद रहें और पहले से दर्ज आपराधिक मामलों को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही, PPCB को अब पूरे क्षेत्र में अन्य क्रशरों के कच्चे माल के स्रोत का सत्यापन करना होगा।

NGT ने होशियारपुर और रूपनगर के शिवालिक हिल्स क्षेत्र में कई स्टोन क्रशर यूनिट्स को पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया है।

मेरठ अग्निकांड: पांच बच्चों सहित छह लोग एक साथ किए गए सुपुर्द-ए-खाक, गांव में पसरा सन्नाटा

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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक मकान में आग लगने से पांच बच्चों सहित छह लोगों की मौत हो गई और एक महिला घायल हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (मेरठ) अविनाश पांडे ने सिविल अस्पताल में संवाददाताओं को बताया कि घटना किदवई नगर इलाके में रात करीब आठ बजे हुई। उन्होंने बताया कि इकबाल अहमद के आवास पर आग लगने की सूचना रात आठ बजकर 49 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस एवं दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया।

घर में सिलाई का काम करता था परिवार 
पांडे ने कहा, ”तीन मिनट के भीतर, डायल 112 पुलिस प्रतिक्रिया वाहन मौके पर पहुंच गया और उसके तुरंत बाद दमकल की गाड़ियां भेजी गईं।” पुलिस के मुताबिक, घर में सिलाई का काम होता था और बड़ी मात्रा में कपड़े रखे हुए थे जिससे आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। उन्होंने कहा कि इलाके में संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में चुनौती पेश आती है इसलिए अग्निशमन विभाग के बेड़े में शामिल की गईं नयी मोटरसाइकिलों को भेजा गया।

पड़ोसियों ने पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल
एसएसपी ने बताया कि एक स्थानीय निवासी ने भी फंसे लोगों को निकालने में मदद के लिए सीढ़ी लगाकर बचाव प्रयासों में सहायता की। उन्होंने कहा कि पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर प्रथम तल पर फंसे पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दूसरे तल पर फंसे लोग धुएं और लपटों में घिर गए। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को पहुंचने में दिक्कत हुई। बाद में दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और सभी गंभीर रुप से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने का संदेह है और विस्तृत जांच की जा रही है। पांडे ने कहा, ”सबसे बड़ी चुनौती आग पर काबू पाना और उसे आसपास के इलाके में फैलने से रोकना था।” उन्होंने बताया कि कुछ घायलों का अब भी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

 जिला अधिकारी बोले- घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’
पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, ”घटना में सात लोग झुलस गये और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में चिकित्सकों ने उनमें से छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।” घटनास्थल पर पहुंचे जिला अधिकारी वीके सिंह ने इसे ”हृदय विदारक और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि किसी मशीन या उपकरण में शॉर्ट सर्किट के कारण संभवत: आग लगी होगी। उन्होंने कहा, बिजली विभाग के अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा गया है और उनके निष्कर्ष जल्द ही साझा किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि परिवार ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया गया है और अब तक सरकारी सहायता या मुआवजे की कोई मांग नहीं की गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दमकल की चार गाड़ियों को काम पर लगाया गया और स्थानीय निवासियों की मदद से घर के अंदर फंसे लोगों को निकाला गया। उन्होंने कहा, ”आग पर काबू पा लिया गया है और जांच के बाद सही कारण स्पष्ट हो जाएगा।

पोस्टमार्ट कराने से इनकार 
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान रुखसार (25), महबीश (12), हम्माद (चार), अकदस (चार), नबिया (चार माह) और इनायत (चार माह) के रूप में की गई है, जो किदवई नगर में सुराही वाली मस्जिद के पास गली नंबर तीन के निवासी थे। एसएसपी ने बताया कि घायल महिला अमीर बानो (55) का उपचार किया जा रहा है। परिवार के एक सदस्य मोहम्मद फारूक ने कहा कि जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह नमाज पढ़ने गए थे। उन्होंने कहा, ”जब तक मैं लौटा, बाहर बहुत भीड़ थी। मेरी बेटी, मेरा बेटा, मेरे छोटे भाई की जुड़वां बेटियां और उसके बेटे की मौत हो चुकी थी।” उन्होंने बताया कि उनकी बुजुर्ग मां बच गईं, हालांकि सदमे के कारण उनका रक्तचाप बढ़ गया था। फारूक ने कहा कि परिवार को किसी से कोई शिकायत नहीं है और पुलिस और अग्निशमन विभाग ने पूरा सहयोग दिया।

नौचंदी कब्रिस्तान में किए गए सुपुर्द-ए-खाक 
उन्होंने कहा कि परिवार ने कोई मुआवजा नहीं मांगा है। एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि घर में ऑनलाइन कारोबार के लिए कपड़ों का बड़ा भंडार था, जिससे लपटों ने विकराल रूप ले लिया। एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि घटना के समय परिवार के कई सदस्य नमाज के लिए गए हुए थे और स्थानीय लोगों की मदद से छह लोगों को इमारत से निकाला गया।

भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले छह लोगों को मंगलवार सुबह नौचंदी स्थित बाले मियां कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।लिसाड़ी गेट पुलिस के अनुसार घटना के बाद दो जुड़वां बच्चियों के शव रात करीब दो बजे ही दफना दिए गए। रुखसार और तीन बच्चों के शवों को मंगलवार सुबह करीब 11 बजे दफनाया गया। रमजान के महीने में एक ही परिवार के चार जनाजे जब घर से उठे तो इलाके में गमगीन माहौल छा गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। तदफीन के दौरान पुलिस के अलावा समाजवादी पार्टी कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत उपायों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

UP को मिली बड़ी सफलता: सिंगापुर में पहले दिन 20 हजार करोड़ के MoU पर CM योगी ने किए हस्ताक्षर

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सिंगापुर यात्रा के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंगापुर दौरे के पहले दिन आधिकारिक बैठकों और निवेशकों के साथ संवाद के बीच कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

पहले दिन कुल 19,877 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों के समक्ष स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इन समझौता ज्ञापन में एक बड़ा प्रस्ताव यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप की ओर से आया, जिसने ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। इसी क्रम में गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए आठ हजार करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की।

इसी तरह, प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (पीआईडीजी) ने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और कृषि सह सौर (एग्री-पीवी) परियोजनाओं में 2,500 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता ज्ञापन किया। इसके अतिरिक्त एवीपीएन लिमिटेड ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इन पहल से उत्तर प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।

इसके पहले जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित एवं सतत निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ। बयान के अनुसार, भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में छत पर लगने वाली सौर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज एवं ग्रिड को समर्थन देने वाले समाधान, ईवी चार्जिंग ढांचा और स्वच्छ ऊर्जा संचालित हरित औद्योगिक पार्क के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए जलवायु वित्तपोषण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ एवं व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल को लेकर प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक परिवेश और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श माहौल प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया। एक अन्य बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री सोमवार को सिंगापुर यात्रा के पहले दिन आईटीई कॉलेज सेंट्रल में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। यह पहल उत्तर प्रदेश के तेजी से विस्तारित हो रहे बुनियादी ढांचे और रोजगार तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बयान के मुताबिक, अपने सिंगापुर यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर और वैमानिकी केंद्र का निरीक्षण किया तथा उद्योगों के साथ एकीकृत प्रशिक्षण के वैश्विक मॉडल को देखा। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली की सराहना की। मुख्यमंत्री ने आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ विस्तृत बैठक की।

श्मशान बना 3 मंजिला मकान: शॉर्ट सर्किट की एक चिंगारी ने छीन ली 6 जिंदगियां, 5 मासूमों के साथ जिं/दा जल गई ममता

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Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सोमवार की रात एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवईनगर इलाके में एक कपड़ा व्यापारी के तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में परिवार की एक महिला और पांच मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई।

कैसे शुरू हुआ मौत का खेल?
किदवईनगर निवासी कपड़ा व्यापारी इकबाल अंसारी का तीन मंजिला मकान है। घर के ग्राउंड फ्लोर पर रेडीमेड कपड़ों का बड़ा गोदाम बना हुआ है, जबकि ऊपर की मंजिलों पर पूरा परिवार रहता था। सोमवार रात करीब 9 बजे, अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी सीधे कपड़ों के गोदाम तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। कपड़ों का स्टॉक होने की वजह से लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने चंद मिनटों में पूरी सीढ़ियों को घेर लिया। ऊपर रह रहे परिवार को नीचे उतरने का मौका तक नहीं मिला और पूरा घर धुएं के गुबार में तब्दील हो गया।

हादसे में उजड़ गई गोद
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन जब टीम अंदर दाखिल हुई, तो वहां का मंजर देखकर कलेजा मुंह को आ गया। इस अग्निकांड ने इन 6 लोगों की जान ले ली।
– रुखसार (30): आसिम की पत्नी।
– अद्दस (3), नबिया (6 माह), इनायत (6 माह): रुखसार के बच्चे।
– महविश (12) और हम्माद (4): फारूक के बच्चे।
इस हादसे में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जांच में बड़ा खुलासा- शॉर्ट सर्किट और गैस लीकेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम (DM) और एसएसपी (SSP) तुरंत मौके पर पहुँचे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, लेकिन वहां रखे सिलेंडर के लीक होने ने आग में घी का काम किया, जिससे धमाका और लपटें और तेज हो गईं।

इलाके में मातम का माहौल
कपड़ा कारोबारी के घर हुए इस हादसे ने पूरे किदवईनगर को सन्नाटे में डुबो दिया है। एक साथ 5 बच्चों और एक महिला की अर्थी उठने की खबर से हर आंख नम है। फॉरेंसिक टीम अभी भी मौके पर मौजूद है ताकि हादसे के तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच की जा सके।

Daily horoscope : आज इन राशियों के घर बरसेगी समृद्धि और सौभाग्य

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मेष : टीचिंग, कोचिंग, प्रकाशन स्टेशनरी, टूरिज्म, एयर टिकटिंग लिकर, होटलिंग का काम करने वालों को अपने कामों में भरपूर लाभ मिलेगा।

वृष: व्यापार तथा कामकाज की दशा अच्छी, यत्नों में कामयाबी मिलेगी, खुशदिल मूड के कारण आपको हर काम सहल दिखेगा, मन सैर-सफर के लिए राजी रहेगा।

मिथुन: चूंकि सितारा कमजोर है, इसलिए अपने आपको बेगाने झमेलों-पंगों से बचाकर रखें, सफर भी नुकसान-परेशानी देने वाला।

कर्क: सितारा धन लाभ के लिए अच्छा, कारोबारी टूरिंग, प्रोग्रामिंग, प्लानिंग, फ्रूटफुल रहेगी, किसी उलझे कामकाजी काम को हाथ में लेने के लिए समय अच्छा।

सिंह : राजकीय कामों में कदम बढ़त की तरफ, बड़े लोग आपके प्रति सॉफ्ट कंसिडरेट रहेंगे, शत्रु चाह कर भी आपके समक्ष ठहर न सकेंगे।

कन्या : धार्मिक कामों में रुचि, मनोबल दबदबा बना रहेगा, भागदौड़ करने पर आपकी प्लानिंग, प्रोग्रामिंग लाभ देगी।

तुला: सितारा सेहत के लिए कमजोर इसलिए खान-पान संभल-संभाल कर करना चाहिए, मन भी अशांत-परेशान सा रहेगा।

वृश्चिक: अर्थ तथा कारोबारी दशा अच्छी, जिस काम के लिए मन बनाएंगे, उसमें कामयाबी मिलेगी, फैमिली फ्रंट पर तालमेल सद्भाव बना रहेगा।

धनु :  किसी प्रबल शत्रु के टकरावी मूड के कारण आपकी परेशानी बढ़ने का डर, नुकसान का भी डर।

मकर: संतान साथ देगी, तालमेल रखेगी, सहयोग करेगी, भागदौड़ करने पर प्लानिंग, प्रोग्रामिंग फायदा देगी।

कुंभ: कोर्ट-कचहरी  में जाने पर आपके पक्ष की बेहतर सुनवाई होगी, बड़े लोग आपका लिहाज करेंगे तथा आपकी बात ध्यान से सुनेंगे।

मीन : मित्र तथा कामकाजी साथी आपके साथ तालमेल रखेंगे, विरोधी कमजोर रहेंगे मगर अपने क्रोध पर कंट्रोल रखें।

कलयुगी बेटियों ने पिता को क्यों उतारा मौत के घाट? पुलिस के सामने कबूला जुर्म

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मुजफ्फरनगर: जिले के भोपा इलाके में सोमवार को एक दलित व्यक्ति का शव उसके घर से बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में उसकी दो बेटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मोरना गांव में रामप्रसाद (55) का शव उसके घर से बरामद किया गया। उसके गले पर चोट के निशान पाए गए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण क्षेत्र) आदित्य बंसल ने कहा कि पुलिस ने रामप्रसाद की बेटी कोमल (32) और एक अन्य 16 वर्षीय बेटी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल धारदार हथियार और कोमल के खून के धब्बे वाले कपड़े भी बरामद किए हैं।

बंसल ने बताया, ”दोनों आरोपियों ने अपराध को स्वीकार किया कि उन्होंने कई तरह की पाबंदियां लगाने और बात-बात पर टोकने के कारण तंग आकर अपने पिता को मार डाला।” पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रविवार रात भी पिता के साथ दोनों का विवाद हुआ और जब वह सोने चले गए तभी उन्होंने रामप्रसाद की हत्या कर दी।

डच राजनीति में नए युग की शुरुआत: नीदरलैंड को मिला सबसे युवा प्रधानमंत्री ! रॉब जेटन ने ली शपथ

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International Desk:  नीदरलैंड में नई गठबंधन सरकार ने आधिकारिक रूप से शपथ ग्रहण कर ली है। देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में Rob Jetten ने पदभार संभाला। यह नई सरकार कई दलों के गठबंधन से बनी है और राजनीतिक स्थिरता तथा सहमति की नई शुरुआत का संकेत देती है। पिछले कुछ वर्षों में डच संसद में गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान देखने को मिली थी, जिससे निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।प्रधानमंत्री जेटन ने संकेत दिया है कि उनकी प्राथमिकता संसद में सहयोग और सहमति का माहौल बनाना होगा। वे देश के भीतर राजनीतिक संतुलन स्थापित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीदरलैंड की मजबूत भूमिका बहाल करना चाहते हैं।

 

नई सरकार का लक्ष्य यूरोपीय संघ में नीदरलैंड की प्रभावशाली भूमिका को फिर से स्थापित करना है। जेटन ने कहा है कि वे यूरोपीय सहयोग को मजबूत करने के लिए अपने समकक्ष नेताओं से जल्द बातचीत करेंगे।सरकार ने स्पष्ट किया है कि रूस के खिलाफ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को डच समर्थन जारी रहेगा। यह समर्थन राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग के रूप में बना रहेगा। नई कैबिनेट में विभिन्न गठबंधन दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। विदेश नीति, रक्षा और वित्त जैसे अहम मंत्रालयों में अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का संतुलित तरीके से सामना किया जा सके।

कौन हैं रॉब जेटन?
रॉब जेटन  डेमोक्रेट्स 66 (D66) पार्टी से जुड़े हैं और पहले जलवायु व ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं। यूरोपीय सहयोग, हरित नीतियों और सहमति की राजनीति उनके प्रमुख एजेंडा हैं। वे यूक्रेन समर्थन और मजबूत EU भूमिका के पक्षधर हैं। Rob Jetten नीदरलैंड के एक प्रमुख उदारवादी नेता हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी पहचान बनाई। रॉब जेटन का जन्म 1987 में हुआ। उन्होंने सार्वजनिक प्रशासन (Public Administration) की पढ़ाई की और छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे।  रॉब जेटन के नेतृत्व में गठित यह सरकार डच राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक मानी जा रही है। युवा नेतृत्व, यूरोपीय सहयोग पर जोर और वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय रुख इन सबके जरिए नीदरलैंड आने वाले वर्षों में अपनी अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगा।

‘एपस्टीन फाइल्स में आपका नाम सामने आना शर्म की बात’, राहुल गांधी ने Video जारी कर पीएम पर साधा निशाना

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नेशनल डेस्कः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, उनके कुछ मंत्रियों और उनके करीबी मित्रों के नाम एपस्टीन फाइल्स में सामने आए हैं। उन्होंने इसे “शर्म की बात” बताया।

वीडियो में क्या बोले राहुल गांधी?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा:, “मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं। एपस्टीन फाइल्स में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना – ये शर्म की बात है। आपने अमेरिका के साथ जो व्यापार सौदा किया है, जिसमें आपने देश को बेच दिया – ये शर्म की बात है। हमारे देश का डेटा दे दिया। किसानों को खत्म कर दिया। कपड़ा उद्योग बर्बाद कर दिया – ये शर्म की बात है।”

 

अमेरिका में चल रहे मामलों का जिक्र

राहुल गांधी ने आगे लिखा कि कारोबारी Gautam Adani पर अमेरिका में चल रहे मुकदमे ने प्रधानमंत्री की “रातों की नींद उड़ा रखी है।” उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक कारोबारी का नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी और सरकार के वित्तीय ढांचे से जुड़ा है। राहुल ने आरोप लगाया कि 14 महीनों से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो अपने आप में “शर्म की बात” है।

अन्य उद्योगपतियों का भी जिक्र

राहुल गांधी ने अपने बयान में उद्योगपति Anil Ambani का भी नाम लिया। उन्होंने कहा, “मोदी जी, आप अपने मित्रों अनिल अंबानी, अदाणी और अपने लिए जो उचित समझें, वो कीजिए। मैं और कांग्रेस पार्टी के बब्बर शेर देश की रक्षा करते रहेंगे। एक इंच पीछे नहीं हटेंगे।”

शरीर में पानी की कमी होने पर दिखते हैं ये बड़े लक्षण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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नेशनल डेस्क: पानी हमारे शरीर के लिए जीवनदायी तत्व है। यह न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर के लगभग हर जरूरी काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार मानव शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। यही कारण है कि शरीर में पानी की कमी होने पर सेहत पर सीधा और गंभीर असर पड़ सकता है।

शरीर में पानी क्यों है जरूरी
पानी शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करता है। यह पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाता है और अपशिष्ट तथा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है। पाचन तंत्र को सही ढंग से चलाने, रक्त संचार को सुचारु रखने और जोड़ों को लचीला बनाए रखने में भी पानी की अहम भूमिका होती है। पर्याप्त पानी न मिलने पर शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है।

किन कारणों से होती है पानी की कमी
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना इसका सबसे सामान्य कारण है। इसके अलावा अधिक पसीना आना, उल्टी-दस्त, बुखार, धूप में लंबे समय तक रहना या ज्यादा व्यायाम करना भी शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकता है। अधिक चाय, कॉफी या शराब का सेवन भी शरीर से तरल पदार्थ कम कर देता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन की समस्या जल्दी देखने को मिल सकती है, इसलिए इन वर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

पानी की कमी के लक्षण कैसे पहचानें
Lady Hardinge Medical College से जुड़े मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी होने पर सबसे पहले तेज प्यास लगती है। मुंह, जीभ और होंठ सूखने लगते हैं। पेशाब की मात्रा कम हो जाती है और उसका रंग गहरा पीला दिखाई दे सकता है। थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सिरदर्द भी सामान्य संकेत हैं। कई बार ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और व्यक्ति सुस्ती महसूस करता है। त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है। कुछ लोगों में दिल की धड़कन तेज हो सकती है या बेचैनी महसूस हो सकती है। बच्चों में रोते समय आंसू कम आना और असामान्य सुस्ती भी डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। यदि लक्षण गंभीर हों तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

पानी की कमी से होने वाली संभावित समस्याएं
लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी बनी रहे तो इसका असर किडनी पर पड़ सकता है। पेशाब से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं और पथरी बनने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा कब्ज, लो ब्लड प्रेशर और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी जैसी हालत भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए समय रहते लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है।

बचाव के लिए क्या करें
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना बेहतर होता है। गर्मी के मौसम में या व्यायाम के दौरान तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे पेय भी शरीर में पानी और जरूरी लवणों की पूर्ति में मदद कर सकते हैं। अत्यधिक चाय, कॉफी और शराब से परहेज करना चाहिए। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या भी शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।

NEET-PG 2025 कट-ऑफ विवाद: कम परसेंटाइल पर बवाल, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी सफाई

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नेशनल डेस्क: NEET-PG 2025 के क्वालीफाइंग परसेंटाइल में बड़ी कटौती को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। Ministry of Health and Family Welfare ने अदालत में दायर हलफनामे में कहा है कि कट-ऑफ कम करने से डॉक्टरों की क्लिनिकल दक्षता या मरीजों की सुरक्षा प्रभावित नहीं होती।

मंत्रालय के अनुसार, NEET-PG परीक्षा का मकसद न्यूनतम चिकित्सीय योग्यता तय करना नहीं है, क्योंकि यह योग्यता MBBS डिग्री और एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने के बाद पहले ही प्रमाणित हो जाती है। NEET-PG का उद्देश्य सीमित पोस्टग्रेजुएट (PG) सीटों के लिए उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट तैयार करना है।

9,621 सीटें खाली रहने के बाद लिया गया फैसला

हलफनामे में बताया गया कि राउंड-2 काउंसलिंग के बाद ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में कुल 9,621 सीटें खाली रह गईं। इनमें 5,213 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की थीं। कुल लगभग 70,000 PG सीटें उपलब्ध थीं, जबकि परीक्षा में 2,24,029 अभ्यर्थी शामिल हुए। AIQ के तहत करीब 31,742 सीटें थीं। कट-ऑफ में बदलाव 13 जनवरी 2026 को National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) की नोटिस के जरिए लागू किया गया और यह राउंड-3 काउंसलिंग से प्रभावी हुआ।

सरकार के मुख्य तर्क

  • NEET-PG स्कोर रिलेटिव परफॉर्मेंस पर आधारित होते हैं, इन्हें क्लिनिकल अयोग्यता का पैमाना नहीं माना जा सकता।
  • सभी अभ्यर्थी पहले से लाइसेंसधारी MBBS डॉक्टर हैं और स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने के पात्र हैं।
  • PG कोर्स तीन वर्ष का सुपरवाइज्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें अंत में MD/MS परीक्षा में कम से कम 50% अंक अनिवार्य हैं।
  • कट-ऑफ में कमी एक नीतिगत निर्णय है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक संसाधनों से बनी सीटों को खाली जाने से बचाना है।
  • यह फैसला निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि जनहित में लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता: क्वालिटी पर न पड़े असर

मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court of India की बेंच—जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे—ने केंद्र से पूछा कि इतनी बड़ी कटौती से PG मेडिकल शिक्षा के मानकों पर असर नहीं पड़ेगा, यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।

कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि सामान्य श्रेणी में 50वें परसेंटाइल से 7वें परसेंटाइल तक और आरक्षित वर्गों में 0 परसेंटाइल तक कटौती की गई है। कुछ श्रेणियों में नेगेटिव स्कोर (-40) तक के अभ्यर्थियों को पात्र बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। अदालत ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि PG स्तर पर गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है।

याचिकाकर्ताओं का तर्क

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं पिंकी आनंद और गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि काउंसलिंग प्रक्रिया के बीच कट-ऑफ घटाना न्यायालय द्वारा तय सिद्धांतों के विपरीत है। उनका कहना है कि इससे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य के अधिकार और मेडिकल शिक्षा के मानकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

आगे क्या?

अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत यह तय करेगी कि कट-ऑफ में की गई कटौती को बरकरार रखा जाए या इसमें संशोधन आवश्यक है। यह फैसला न केवल हजारों अभ्यर्थियों, बल्कि देश की मेडिकल शिक्षा प्रणाली पर भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है।