Friday, May 8, 2026
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लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान ने चलाया ट्रैक्टर:बोले- UP में क्लीन प्लांट सेंटर बनेंगे, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अफसरों को दी नसीहत

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। निजी क्षेत्र को भी इसमें सहायता दी जाएगी। आम और केले के निर्यात में 5 प्रतिशत तथा अंगूर के निर्यात में 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

शिवराज सिंह चौहान आज से रहमानखेड़ा में शुरू हुए 2 दिवसीय ‘फ्रूट होराइजन-2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह को ट्रैक्टर पर बैठाकर आम का फसल देखा। पेड़ में लगे आम के फलों को हाथ से छूकर बागवानों से उनकी खासियत जाना। किसानों से संवाद किया।

इस दौरान कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने विभाग के अफसरों को नसीहत देते हुए कहा- कुछ भी हो जाए, उन्हें किसानों के हित के लिए मेहनत करनी पड़ेगी, क्योंकि अब शिवराज सिंह चौहान विभाग के मंत्री हैं।

इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्रैक्टर चलाया। उनके साथ कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह बैठे रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- आम की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली, अब इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम जारी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- आम की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली, अब इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम जारी है।
काकोरी क्षेत्र के रहमानखेड़ा में दो दिवसीय फ्रूट होराइजन-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
काकोरी क्षेत्र के रहमानखेड़ा में दो दिवसीय फ्रूट होराइजन-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

‘रूस समेत कई देशों में मलिहाबाद के आम की मांग’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आम की शेल्फ लाइफ 25 से 30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली है। अब इसे 40 से 50 दिनों तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। निर्यात लागत कम करने के लिए समुद्री मार्ग को बढ़ावा दिया जाएगा। अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे नए बाजारों में भारतीय आम भेजने की तैयारी भी जारी है।

मलिहाबाद के आम अब विदेश में और बड़ी पहचान बनाएंगे। रूस समेत कई देशों में यहां के आम की भारी मांग है। एक्सपोर्ट क्लस्टर और क्लीन प्लांट सेंटर बनने से किसानों को बेहतर बाजार और ज्यादा मुनाफा मिलेगा। उत्तर प्रदेश की जलवायु फलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है तथा प्रदेश में 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त बागवानी शुरू की जा चुकी है।

विकसित भारत के लिए विकसित खेती जरूरी है। किसानों को बागवानी और आधुनिक तकनीक से जोड़ना होगा।

‘खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। जल्द ही एक एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। जो पौध तैयार होने से लेकर फल बाजार तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन करेगा। किसानों को फसल संरक्षण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, भंडारण और निर्यात संबंधी प्रशिक्षण देने के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया जाएगा।

‘मैं स्वयं किसान हूं’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा- कृषि मंत्री के रूप में किसानों की सेवा ही मेरी पूजा है। मैं स्वयं किसान हूं, इसलिए उनकी समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझता हूं। गेहूं और धान के भंडारण में सफलता के बाद अब किसानों को बड़े स्तर पर बागवानी से जोड़ना आवश्यक है।

‘प्रमुख सचिव बड़ा होता है कि 4 बार का मुख्यमंत्री’

कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र भारत दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- सुबह 10 मैंने एक अफसर को फोन किया कि एक्सपोर्ट के क्षेत्र में आज बैठक है, आपको पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि नहीं साहब आज प्रमुख सचिव की मीटिंग है।

अब बताइए प्रमुख सचिव बड़ा होता है कि 4 बार का मुख्यमंत्री और भारत का कृषि मंत्री। इन अधिकारियों को अब ध्यान देना होगा कि इस विभाग के मंत्री अब शिवराज सिंह चौहान हैं। इस तरह उदासीनता से काम नहीं चलेगा। आपको मेहनत करनी पड़ेगी।

समय से पहुंचना पड़ेगा। एक्सपोर्ट पर ध्यान देना पड़ेगा। राज्य के किसानों के हित के लिए आपको ध्यान देना ही पड़ेगा। इसमें कोई दोराय नहीं है। जब तक उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों के फसल को वैश्विक बाजार में नहीं पहुंचा दूंगा, चैन की सांस नहीं लूंगा।

लखनऊ एयरपोर्ट पर 2.86 करोड़ का गांजा पकड़ा:तस्कर गिरफ्तार, बैंकॉक से 12 वैक्यूम पैक पाउच में लाया

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लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का गांजा बरामद किया है। बैंकॉक से आए एक पैसेंजर के पास से लगभग 2.859 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) मिला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2.86 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यात्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

वैक्यूम पैक पाउच में लाया गया

खुफिया सूचना के आधार पर एआईयू टीम ने बुधवार रात बैंकॉक से लखनऊ पहुंची एयर एशिया की फ्लाइट संख्या FD-146 के एक यात्री को ग्रीन चैनल पर रोका। रात 10:35 बजे पहुंची इस फ्लाइट के यात्री पर संदेह होने पर अधिकारियों ने उसके चेक-इन बैगेज की गहन तलाशी ली।

जांच के दौरान यात्री के बैग से 12 पारदर्शी वैक्यूम पैक पाउच बरामद हुए। इन पाउचों में हरे फूल और फलनुमा पदार्थ भरे थे। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने इसे गांजा/मारिजुआना यानी हाइड्रोपोनिक वीड के रूप में पहचाना।

पैसेंजर को भेजा गया जेल

अधिकारियों ने बरामद प्रतिबंधित मादक पदार्थ को एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 43 के तहत जब्त कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एआईयू अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह तस्करी का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हैं।

4 मई को 12 करोड़ का गांजा पकड़ा गया था

लखनऊ एयरपोर्ट पर 4 मई रात राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने एक यात्री के पास से लगभग 12 करोड़ रुपये की 12 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद की। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, डीआरआई को 4 मई की रात इसकी जानकारी मिली थी। बताया गया था कि बैंकॉक से रात 10:35 बजे लखनऊ पहुंचने वाली एयर एशिया की फ्लाइट (एफडी-146) से एक यात्री भारी मात्रा में मादक पदार्थ ला रहा है। सूचना मिलते ही डीआरआई की टीम एयरपोर्ट पर अलर्ट हो गई।

विमान के पहुंचने पर यात्रियों की गहनता से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, एक संदिग्ध यात्री के सामान की तलाशी ली गई, जिसमें उसके बैग से करीब 12 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने तत्काल ड्रग्स जब्त कर आरोपी यात्री को हिरासत में ले लिया।

15 दिन पहले पकड़ा गया था 14 करोड़ से अधिक का गांजा

लखनऊ एयरपोर्ट पर 15 दिन पहले एक यात्री को बड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) के साथ गिरफ्तार किया गया। बरामद मादक पदार्थ का वजन 14.504 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 14.50 करोड़ रुपए है।

खुफिया सूचना के आधार पर एआईयू और सीसीएसआई की टीम ने यह कार्रवाई की। यात्री ओमान एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या WY-265 से बैंकॉक से मस्कट होते हुए लखनऊ पहुंचा था। ग्रीन चैनल पर संदेह के आधार पर उसे रोका गया और उसके सामान की गहन जांच की गई।

जांच के दौरान यात्री के बैग से 29 पारदर्शी वैक्यूम-पैक पाउच मिले। इन पाउच में हरे रंग का फूलनुमा पदार्थ था, जिसकी प्राथमिक जांच में गांजा/मारिजुआना (हाइड्रोपोनिक वीड) होने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने प्रतिबंधित पदार्थ को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 43 के तहत जब्त कर लिया है। आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया।

‘काले अंग्रेज चला रहे पुलिस विभाग’:लखनऊ में कांस्टेबल ने IPS अफसरों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप…VIDEO

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लखनऊ कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने विभाग के अधिकारियों, विशेषकर IPS अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसका वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया है। उसमें कहा है कि पुलिस विभाग को काले अंग्रेज चला रहे हैं। उसने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली का आरोप

वीडियो में कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है। गार्ड कमांडर के माध्यम से सिपाहियों और दीवानों से करीब दो हजार रुपए प्रति माह लिए जाते हैं।

वीडियो में सुनील कुमार शुक्ला ने कहा कि पुलिस विभाग को काले अंग्रेज चला रहे हैं। गणना प्रभारी, आरआई और अन्य अधिकारी इस व्यवस्था में शामिल हैं। वसूली की रकम नीचे से ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है।

लाखों रुपए की उगाही का दावा किया

कांस्टेबल ने दावा किया कि लखनऊ कमिश्नरेट में एक डेटा सेक्शन में 110 से 120 गार्ड तैनात हैं, जहां 500 से 550 ड्यूटी लगाई जाती हैं। आरोप है कि करीब 400 पुलिसकर्मियों से हर महीने दो-दो हजार रुपए वसूले जाते हैं, जिससे लगभग 8 लाख रुपये की उगाही होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी वसूली कई अन्य जगहों पर भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

वीडियो में कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के भीतर से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए सरकार को सीधे कार्रवाई करनी चाहिए।

सुनील कुमार शुक्ला द्वारा जारी यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर पुलिस विभाग में भी चर्चा का माहौल है।

सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा डॉ. शिप्रा पांडेय-

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पुलिस लाइन्स लखनऊ में नियुक्त कांस्टेबल द्वारा लगाये गये आरोपों के सम्बन्ध में कमेटी का गठन कर प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

UP: पुलिस एसआई सीधी भर्ती-2025 का परीक्षा परिणाम जारी, मई में होगा DV/PST; यहां देखें रिजल्ट

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उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण मई के तीसरे सप्ताह में होगा, जबकि शारीरिक दक्षता परीक्षा जून में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।

लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पुलिस उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज कर अपना परिणाम देख सकते हैं।

लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के अभिलेखों की संवीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) मई के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) जून माह में आयोजित की जाएगी। विस्तृत जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट 

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं
  • होमपेज पर SI लिखित परीक्षा परिणाम 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें
  • चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट (PDF) खुल जाएगी
  • अपना रोल नंबर या नाम सर्च करें
  • रिजल्ट की एक कॉपी सेव या प्रिंट कर लें

अगला चरण ऐसा होगा 

जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में पास हुए हैं, उन्हें अब दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) और शारीरिक परीक्षण (PST) के लिए बुलाया जाएगा। यह प्रक्रिया मई 2026 के तीसरे हफ्ते से शुरू होने की संभावना है। इन सभी को पार करने वाले उम्मीदवारों को आखिर में चुना जाएगा और यूपी पुलिस एसआई के तौर पर उनकी नियुक्ति होगी। अगले चरण के लिए नोटिफिकेशन आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी किया जाएगा. इसीलिए सफल उम्मीदवार लगातार वेबसाइट चेक करते रहें।

यूपी: लखनऊ और अवध के कई जिलों में सुबह से लगातार बारिश, शुक्रवार से मौसम में यू-टर्न आने की चेतावनी

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लखनऊ और अवध के कई जिलों में गुरुवार की सुबह एक बार फिर से मौसम में बदलाव हुआ। लखनऊ में सुबह चार बजे से आंधी के साथ बरसात शुरू हुई। लगभग पूरे शहर में कहीं कम तो कहीं ज्यादा बरसात हुई। बारिश के साथ बिजली चमकने और बादलों के गरजने का क्रम जारी रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में गर्मी दोबारा वापसी के लिए तैयार है। विभाग के मुताबिक यूपी में विक्षोभ कमजोर पड़ा है और बुधवार को सिर्फ सिद्धार्थनगर आदि तराई इलाकों में बूंदाबांदी हुई।  बृहस्पतिवार से प्रदेश में बारिश का दायरा सिमट जाएगा और तापमान में क्रमश: बढ़ोतरी दर्ज होगी। साथ ही हवा में नमी की माैजूदगी की वजह से उमस भरी गर्मी में इजाफा होगा। बृहस्पतिवार के लिए कहीं भी आंधी या बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।

बुधवार को 38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ बांदा प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। वहीं उरई में 37.2 डिग्री और झांसी में 36.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। 16 डिग्री के साथ नजीबाबादी में सबसे ठंडी रात रही। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को तराई और दक्षिणी जिलों में हल्की बूंदाबांदी संभावित है। शुक्रवार से बारिश थमने के बाद अगले सात दिनों में तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की बढ़त आएगी। 

आज पूरे दिन बरसात की उम्मीद

राजधानी के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। बूंदाबांदी और हवाओं ने मंगलवार को राहत दी तो बुधवार को दिन चढ़ने के साथ धूप खिली और पारे में 5.3 डिग्री का उछाल आया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी के संकेत जताए हैं। इसके बाद हवा में मौजूद नमी के कारण उमस भरी गर्मी फिर परेशान करेगी।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को हल्की बूंदाबांदी संभावित है। फिर शुक्रवार से विक्षोभ कमजोर पड़ेगा। बारिश थमने के बाद अगले सात दिनों में तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़त आएगी। बुधवार को अधिकतम तापमान 5.3 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम पारा 0.8 डिग्री की बढ़त के साथ 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

UP: संदिग्ध आतंकियों से मांगा गया था वर्दीधारियों को गोली मारते वीडियो, आईएसआई एजेंट ने बरगलाया था

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यूपी एटीएस के हत्थे चढ़े संदिग्ध आतंकी कृष्णा मिश्रा और दानियाल अशरफ की जांच में मोबाइल फोन से वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग, वॉइस नोट और चैट बरामद हुए हैं। इनमें देश विरोधी बातचीत के साक्ष्य मिले हैं।कृष्णा मिश्रा के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें वर्दीधारियों को गोली मारने की बात कही गई है। यही नहीं, गोली मारते हुए वीडियो भी मांगा गया था। आरोपियों ने बताया कि वे मौके की तलाश कर रहे थे, जैसे ही मौका मिलता, वर्दी वालों की हत्या करते।

आईएसआई एजेंट ने बरगलाया… हीरो बनोगे पैसा भी कमाओगे
दानियाल के पास से 9 एमएम पिस्टल और कारतूस, जबकि कृष्णा के पास से तमंचा व कारतूस बरामद हुआ है। एटीएस पता कर रही है कि आखिर ये हाथियार किसने उपलब्ध कराए।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तानियों के संपर्क में आए थे। आईएसआई एजेंट ने उनसे कहा था कि जो वह कह रहे हैं, करते जाओ, तो भारत में तुम्हें हीरो बना देंगे। पैसा भी खूब मिलेगा।

कफ सिरप मामला: विभोर राणा समेत छह के खिलाफ एसटीएफ ने दाखिल की चार्जशीट, जेल में हैं आरोपी

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सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं। वहीं, विदेश में बैठे सिंडिकेट सरगना शुभम जायसवाल व उसके साथियों को भारत लाने की कवायद जारी है। एटीएफ ने पूरी ट्रेल और नेटवर्क खोज निकाला।

कफ सिरप सिंडिकेट के तीन सुपर डिस्ट्रीब्यूटरों समेत छह आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। ये आरोपी जेल में हैं। एसटीएफ छह महीने से विवेचना कर रही थी और सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं। दूसरी तरफ विदेश में बैठे सिंडिकेट सरगना शुभम जायसवाल व उसके साथियों को भारत लाने की कवायद जारी है।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले साल कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट का खुलासा किया था। एसटीएफ जीआर ट्रेडिंग का मालिक विभोर राणा, मारुति मेडिकोज का सचिन कुमार, एबी फार्मास्युटिकल का अभिषेक शर्मा और साथी विशाल सिंह, बिट्टू कुमार व शुभम शर्मा को पकड़ा था। इनके खिलाफ एसटीएफ ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की है। सूत्रों के मुताबिक विभोर राणा एंड कंपनी 2019 से सिरप की तस्करी कर रही थी। जब इन फर्मों का रिकॉर्ड और बैंक खातों समेत एबॉट कंपनी की डिटेल खंगाली गई तो चार वर्षों में 400 करोड़ की खरीद और 1200 करोड़ से अधिक में बिक्री का खुलासा हुआ।

पूरी ट्रेल खोज निकाली: सिंडिकेट एबॉट कंपनी से खेप खरीदकर अलग-अलग राज्यों में बिक्री कर नेपाल और बांग्लादेश पहुंचाता था, इसकी पूरी ट्रेल और नेटवर्क एसटीएफ ने खोज निकाला है। एक-एक खाते की डिटेल और रूट का विवरण विवेचना में शामिल किया गया है। प्रकरण में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा, विकास आदि जेल में हैं। इनके खिलाफ भी जल्द पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। विदेश में शुभम, गौरव व वरुण सिंह के पासपोर्ट निरस्तकर लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए।

UP: अब घर खरीदना होगा आसान, एक क्लिक में जांचें बिल्डर का रिकॉर्ड, खरीदारों को बड़ी राहत

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फ्लैट खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) जल्द ही रेरा 2.0 नाम से नया एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है। इसके जरिए अब कोई भी व्यक्ति घर खरीदने से पहले बिल्डर या रियल एस्टेट कंपनी की पूरी जानकारी एक क्लिक में देख सकेगा।यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी के मुताबिक, यह ऐप इसी साल दिसंबर तक लॉन्च किया जाएगा। इससे घर खरीदने की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। इस प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे शिकायतों का निस्तारण तेजी से होगा और नियम तोड़ने वाले बिल्डरों पर जल्दी कार्रवाई हो सकेगी।नई सुविधा के तहत खरीदार किसी भी प्रोजेक्ट या कंपनी के बारे में जरूरी जानकारी जैसे कितनी शिकायतें दर्ज हैं, प्रोजेक्ट में देरी का रिकॉर्ड, नियमों का पालन, आर्थिक स्थिति और अनुभव आसानी से जान सकेंगे। इससे घर खरीदने से पहले सही फैसला लेना आसान होगा।

इसके अलावा, प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जैसे जमीन का मालिकाना हक, मंजूरी, समय सीमा और फंड के इस्तेमाल का विवरण भी उपलब्ध रहेगा। इससे लोगों को बिना बिचौलिये के सही और पक्की जानकारी मिल सकेगी।

पूर्वाग्रह की धुंध: बंगाल के जनादेश पर विदेशी मीडिया गढ़ने लगा हिंदू राष्ट्रवाद का नैरेटिव, असली वजह क्या है?

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पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता तक पहुंचते ही वैश्विक वैचारिक गलियारों में भी बेचैनी पैदा कर दी। विदेशी मीडिया के बड़े हिस्से ने भारत में लोकतंत्र, अल्पसंख्यक अधिकार और चुनावी निष्पक्षता पर अचानक सवाल उठाने शुरू कर दिए। न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्जियन और अल जजीरा जैसे मंचों पर यह नैरेटिव तेजी से गढ़ा जाने लगा कि भारत हिंदू राष्ट्रवाद की ऐसी दिशा में बढ़ रहा है, जहां लोकतंत्र व बहुलता खतरे में है।

दिलचस्प यह है कि यही बेचैनी तमिलनाडु व केरल के परिणामों पर लगभग गायब रही, जहां भाजपा सत्ता से दूर रही। असम में भाजपा की हैट्रिक भी उतना वैचारिक तूफान नहीं खड़ा कर सकी, जितना बंगाल में सत्ता परिवर्तन ने कर दिया। सवाल यही है कि क्या चिंता वास्तव में लोकतंत्र की है या उस सियासी बदलाव की, जिसने दशकों पुराने वामपंथ और छद्म-सेकुलर वैचारिक गढ़ को ध्वस्त कर दिया? जब भाजपा हारती है, तो विदेशी मीडिया भारत की लोकतांत्रिक परिपक्वता की तारीफ करता है, पर जैसे ही वह निर्णायक जनादेश लेकर आती है, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया संदेह और संस्थागत संकट की भाषा में बदल जाती है। यह चयनात्मक दृष्टि सिर्फ संयोग नहीं लगती।पश्चिमी मीडिया भारत को अक्सर यूरोपीय राजनीतिक अनुभवों के फ्रेम से समझने की कोशिश करता है। वहां राष्ट्रवाद का अर्थ सत्ता विस्तार व नस्लीय वर्चस्व के इतिहास से जुड़ा रहा है। वहीं, भारत में राष्ट्रवाद सांस्कृतिक स्मृति, सभ्यतागत पहचान और ऐतिहासिक आत्मबोध से जुड़ा है। इसे विदेशी मीडिया समझ नहीं पाता। इसीलिए हमारे सांस्कृतिक पुनर्जागरण को सीधे बहुसंख्यकवादी खतरे से जोड़ देते हैं। यही कारण है कि बंगाल में भाजपा की जीत को लोकतांत्रिक परिवर्तन के बजाय हिंदू राष्ट्रवादी कब्जे की तरह प्रस्तुत किया गया।

एसआईआर पर आधा सच ही दिखाने की कोशिश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परिणामों के बाद वोट चोरी का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को भाजपा का आयोग बताया। विदेशी मीडिया ने इन आरोपों को लगभग बिना तथ्य जांचे ही अपने विमर्श का आधार बना लिया। विशेष रूप से एसआईआर को मुस्लिम मतदाताओं को हटाने की साजिश के रूप में पेश किया गया, जबकि हटाए गए 91 लाख नामों में 63% हिंदू मतदाता थे।

बड़ी संख्या में नाम मृत, डुप्लिकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित या फर्जी पाए गए थे। इसके बावजूद विदेशी मीडिया के बड़े हिस्से ने केवल मुस्लिम वोट हटाए गए वाली लाइन को प्रमुखता दी। यही नहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे मंचों ने बिना ठोस प्रमाण के मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता तक पर सवाल खड़े किए। चुनाव आयोग को सरकार नियंत्रित संस्था की तरह पेश करने की कोशिश हुई, जबकि यही संस्थाएं तब तक विश्वसनीय मानी जाती हैं जब तक परिणाम उनकी वैचारिक अपेक्षाओं के अनुरूप हों।

असली बेचैनी मोदी की बढ़ती शक्ति 
सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी और भाजपा का बढ़ता राजनीतिक विस्तार विदेशी वैचारिक प्रतिष्ठानों की सबसे बड़ी बेचैनी बन चुका है। भाजपा अधिकांश राज्यों में प्रत्यक्ष या गठबंधन के जरिए सत्ता में है। ऐसे में भारत को सत्तावादी लोकतंत्र और एकदलीय प्रभुत्व के फ्रेम में फिट करने की कोशिशें और तेज होती दिख रही हैं।

बंगाल का फैसला यह भी साबित करता है कि भारत का मतदाता अपनी प्राथमिकताएं जमीन, अनुभव और आकांक्षाओं के आधार पर तय कर रहा है, न कि न्यूयॉर्क, लंदन या दोहा में बैठे नैरेटिव निर्माताओं की वैचारिक सुविधा के अनुसार।

हिंसा पर चुप्पी, जनादेश पर हंगामा
सबसे बड़ा विरोधाभास बंगाल की हिंसा को लेकर दिखाई देता है। एक दशक में पंचायत से लेकर विधानसभा चुनावों तक बंगाल राजनीतिक हिंसा, हत्याओं व प्रतिशोध की घटनाओं के कारण राष्ट्रीय बहस का केंद्र रहा। विपक्षी कार्यकर्ताओं की हत्याएं, बूथ कब्जाने के आरोप और सिंडिकेट राज की चर्चा भारत के भीतर लगातार होती रही।

विदेशी मीडिया के बड़े हिस्से ने इन्हें कभी उतनी प्रमुखता नहीं दी, जितनी भाजपा की जीत के बाद अल्पसंख्यकों के खतरे को दी जा रही है। अल जजीरा जैसे मंच यह याद दिलाते हैं कि 1984 के दंगों और बाबरी विवाद के बाद बंगाल अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन वे हाल के वर्षों की सियासी हिंसा पर लगभग मौन दिखते हैं। विडंबना यह है कि इस बार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण चुनाव हुआ और उसी के बाद लोकतंत्र पर संकट का शोर सबसे ज्यादा सुनाई देने लगा।

बंगाल ने सिर्फ हिंदुत्व पर वोट नहीं दिया
विदेशी विश्लेषणों में बंगाल की जीत को लगभग पूरी तरह हिंदू ध्रुवीकरण के फ्रेम में समेट दिया गया। लेकिन वे यह देखने में विफल रहे कि जनता की नाराजगी के केंद्र में आर्थिक बदहाली, बेरोजगारी, उद्योगों का पलायन और भ्रष्टाचार भी थे।

प. बंगाल पर कर्ज का बोझ 7.7 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुका है। हजारों कंपनियां राज्य छोड़ चुकी हैं। युवाओं का बड़ा वर्ग रोजगार के लिए पलायन कर रहा है। कट मनी, भर्ती घोटाले और सिंडिकेट संस्कृति जैसे मुद्दे वर्षों से जनता में असंतोष पैदा कर रहे थे। लेकिन विदेशी रिपोर्टों में इन सवालों की जगह हिंदू राष्ट्रवाद बनाम अल्पसंख्यक की बहस ने ले ली।

यूपी में भीषण हादसा: मैजिक वाहन पलटा, आठ लोगों को कुचलते हुए गुजरा ट्रक, चार की मौत; तीन के सिर गायब

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बलिया जिले के मांझी- छपरा मुख्य मार्ग पर इनई गांव के समीप असंतुलित मैजिक वाहन पलटने के बाद सामने से आ रही बेकाबू ट्रक ने आठ लोगों को कुचल दिया। घटनास्थल पर ही चार लोगों की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से जख्मी चार लोगों का छपरा सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।

क्या है मामला
बुधवार तड़के मैजिक पर सवार होकर कुल 13 लोग छपरा के ब्रम्हपुर से बरात में डांस का कार्यक्रम कर बलिया के नरही स्थित लक्ष्मण पुर चट्टी लौट रहे थे। लखनऊ निवासी आर्केस्ट्रा संचालक अशोक राम ने बताया कि सभी मृतक लखनऊ के निवासी हैं, जो ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में आए थे। बताया कि हादसे के बाद मृतकों में से तीन शवों के सिर गायब थे। ट्रक सिर को कुचलते हुए गुजर गया। मृतकों की पहचान राहुल, अवधेश, प्रीति, सोनी के रूप में हुई।

बताया कि बलिया जिले के नरही क्षेत्र में संचालित ‘मुस्कान ऑर्केस्ट्रा’ में काम करते हैं। ऑर्केस्ट्रा टीम छपरा के भगवान बाजार में एक शादी में डांस कर वापस लौट रहे थे। इस दौरान पांच डांसर भी थीं। इनमें से तीन की मौत हो गई। दो की हालत गंभीर है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं वाहनों को कब्जे में लेकर घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया है।