अजीतमल (सहार)। जनगणना को लेकर तहसील प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सात मई से 21 मई तक होने वाली स्व-डिजिटल जनगणना में आप स्वयं अपने मोबाइल से अपने परिवार का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक कर्मचारी घर-घर जाकर जनगणना का कार्य पूर्ण करेंगे।
उप जिलाधिकारी निखिल राजपूत व तहसीलदार अविनाश कुमार की अध्यक्षता में जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना को संपन्न कराने के लिए तहसील में 514 प्रगणक व सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है।
अजीतमल 21 मई तक अपने मोबाइल से दर्ज कर सकेंगे ब्योरा
औरैया दिनभर छाए रहे बादल, रुक-रुककर हुई बारिश
औरैया। मौसम लगातार करवट ले रहा है। दो दिन पहले आंधी के साथ हुई बारिश की दस्तक ने लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत दी। बृहस्पतिवार को भी कुछ ऐसा रहा। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दिनभर रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही। वहीं, कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हुई। ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। मौसम विभाग ने
मौसम का मिजाज इन दिनों बदला हुआ चल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह की शुरुआत घने बादलों के साथ हुई। पूरे दिन सूरज नहीं निकले। दिनभर रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही। वहीं एरवाकटरा, बिधूना व बेला समेत अन्य कस्बों में तेज बारिश भी हुई। हालांकि तेज बारिश का दौर कुछ देर का ही रहा लेकिन यह बारिश मक्का, उड़द व मूंग की फसलों के लिए राहत लेकर आई।किसानों के अनुसार फसलों में एक सिंचाई की लागत इस बारिश के साथ कम हो गई है। हालांकि तापमान में गिरावट के साथ ही अब इन फसलों पर कीट का प्रकोप बढ़ेगा। सड़कों पर बारिश के दौरान सन्नाटा भी देखने को मिला। बाजार में बृहस्पतिवार को न के बराबर चहलकदमी रही। दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक टिक गया।
वर्ज़न—-
जिले के छिटपुट स्थानों पर बारिश हुई है। हालांकि तेज हवा नहीं चली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी हल्की बारिश के आसार हैं।-डॉ. रामपलट, मौसम वैज्ञानिक
Auraiya News: कोठीपुर बंबा की पटरी से हटवाया अतिक्रमण
अछल्दा। ब्लॉक के गांव पुरवा उदयी और लोहरई के पास सिंचाई विभाग कोठीपुर बंबा की पटरी पर किए गए अतिक्रमण को हटवा दिया गया। लंबे समय से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
कोठीपुर बंबा की सर्विस रोड पर स्थानीय लोगों ने लंबे समय से गोबर के घूरा और कंडे रखकर अस्थायी कब्जा कर लिया था। सड़क संकरी होने के कारण आए दिन परेशानी की स्थिति बनी रहती थी। बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग की सख्ती देख कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही ट्रैक्टरों की मदद से अपना सामान हटाना शुरू कर दिया, वहीं शेष अतिक्रमण को विभाग ने बुलडोर चलाकर साफ कर दिया। कार्रवाई के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह सक्रिय नजर आए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा मार्ग पर अतिक्रमण किया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अजीतमल दो साल में ही उखड़ गई हाईवे को जोड़ने वाली सड़क
अजीतमल। कस्बे को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली प्रमुख सड़क महज दो वर्षों में ही बदहाल हो गई। कोतवाली के बगल से होकर गुजरने वाली इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था। अब इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अजीतमल और बाबरपुर कस्बे को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इससे क्षेत्र के दूरदराज गांवों के लोग हाईवे तक पहुंचते हैं। निर्माण के समय आबादी वाले क्षेत्र में सीसी सड़क व उसके बाद डामर और हॉटमिक्स प्लांट से सड़क बनाई गई थी। इसके बावजूद दो साल के अंदर सड़क उखड़ जाने पर स्थानीय लोग निर्माण में घपलेबाजी का आरोप लगा रहे हैं।
पीएमश्री स्कूलों में फर्नीचर जुटाने की तैयारी शुरू
औरैया। पीएमश्री स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने की कवायद शुरू है। अब इन स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए जरूरी फर्नीचर को जुटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जनपद में चल रहे स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों का छात्र नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मूलभूत सुविधाएं भी बेहतर की जा रही है। जिले के 14 पीएमश्री स्कूलों में प्राथमिकता से ये काम जारी है। छात्रों को यहां पर आकर्षित करने के लिए जरूरी इंतजाम भी किए जा रहे हैं। इसके लिए अब बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर जुटाया जा रहा है। गर्मी की छुट्टी से पहले ये संसाधन पीएमश्री स्कूलों में पूरे हो जाएंगे। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि पीएमश्री स्कूलों में जरूरी फर्नीचर क्रय करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी स्कूलों की तरह सुविधाएं देने पर जोर है। किसी तरह की कोई कमी न रहे। इसे लेकर बीईओ स्तर से भी जांच करने के लिए कहा गया है।
यूपी: प्रदेश में औसत से 13 डिग्री तक गिरा पारा, सोमवार से सक्रिय होगा एक और पश्चिमी विक्षोभ; अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। बीते 24 घंटों में राजधानी लखनऊ समेत तराई, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 27 मिमी बारिश जालौन में हुई, जबकि महराजगंज में 23 मिमी और झांसी में 20 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई।बारिश और ठंडी हवाओं के असर से तराई व पश्चिमी जिलों में मौसम में ठंडक बढ़ गई। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 10 से 13 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया। हरदोई, इटावा, बरेली और नजीबाबाद में तापमान सामान्य से करीब 13 डिग्री नीचे पहुंच गया। नजीबाबाद में 25 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे कम अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ का युवा सम्मेलन, कर्मचारी हितों और ओपीएस बहाली पर जोर
जयपुर: 4 मई 2026 को उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ जयपुर मंडल द्वारा लोको कॉलोनी जयपुर स्थित कोच केयर कॉम्प्लेक्स परिसर में युवा सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमे मुख्य अतिथि उत्तर पश्चिम रेलवे के जोनल अध्यक्ष एस आई जेकब, उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के जोनल महामंत्री विनोद मेहता, उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के मंडल अध्यक्ष सौरभ दीक्षित, उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के मंडल मंत्री दीपक वर्मा रहे।
इस युवा सम्मेलन मैं जयपुर मंडल अध्यक्ष सौरभ दीक्षित ने बोला कि रेल इतिहास में ऐसे युवा सम्मेलन बहुत कारगर साबित होगे और हमारी कर्मचारी हितों की इस लड़ाई के आधार स्तंभ है। रैलो में आने वाला समय युवाओं का है इसलिए ट्रेड यूनियनों की मजबूती के लिए युवाओं को आगे आना होगा। युवा कर्मियों के हितों के लिए ओपीएस लेना हमारा प्रमुख संघर्ष है और इसे सफल बन कर रहेंग। जोनल महामंत्री विनोद मेहता ने बोला कि इस युवा सम्मेलन में आए मुद्दों पर सरकार से लड़ाई लड़ कर हासिल करना होगा। जिसके लिए युवाओं की भागीदारी अहम हिस्सा रहेगा एनपीएस को हटा कर युवाओं को ओपीएस में शामिल करवाने का हमारा संघर्ष लगातार जारी है और इसे सफल बनाने के लिए हम हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी।
जब तब हम इसमें सफल नहीं हो जाते जोनल अध्यक्ष एस आई जैकब ने 8 वें वेतन आयोग के बारे में विस्तार से बताया एवं सरकार से 8 वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 69000/₹ रखने की मांग रखी और बताया कि NFIR की यह मांग युवा सम्मेलन में उत्तर पश्चिम रेलवे सरकारी आंकड़ो के अनुसार सार्थक है और उचित माध्यम से सरकार के सामने रखी गई है। मजदूर संघ के मंडल प्रवक्ता अनिल चौधरी ने बताया कि यह युवा सम्मेलन भारतीय रेलों में हो रहे युवा साथियों के साथ अन्याय के खिलाफ एक आंदोलन है इस युवा सम्मेलन में प्रमुख रूप से जिन मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई वो इस प्रकार है-
1. एनपीएस और यूपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
2. पदो के सृजन पर लगी रोक हटाई जाए
3. नए कामो के लिए नये पदो का सृजन किया जाए
4. रेलवे की सभी कोटियों की पुनः संरचना व अपग्रेडेशन 01-11-2023 से लागू किया जाए
5. कर्मचारियों के माता पिता को चिकित्सा व सुविधा पास का लाभ दिया जाए
6. निजीकरण व ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाई जाए
7. बोनस भुगतान में लगी सीलिंग लिमिट हटाई जाए
8. रेल आवासो की खराब स्थिति में सुधार किया जाए
9. हार्ड ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को हार्ड ड्यूटी अलाउंस दिया जाए
10. ट्रैकमैन व प्वाइंट्समैन कोटि को 4200 ग्रेड पे तक पदोन्नति दी जाए
11. ALP की भर्ती ग्रेड पे 2800 तक की जाए
12. नाईट ड्यूटी अलाउंस पर लगी सीलिंग लिमिट हटाई जाए
13. कोरोना काल में फ्रिज किए डीए को ब्याज सहित वापस किया जाए
मीडिया प्रभारी एव यूथ विंग के शाखा अध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया की इस युवा सम्मेलन में बहुत बड़ी संख्या में जयपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों से युवा साथीयो ने भाग लेकर इसे सफल बनाया इस युवा सम्मेलन में मंडल पदाधिकारी मोहन पुनिया प्रवीण सिंह, चौहान सुनील यादव, प्रमोद डांगी, लोकेश कसाना, मनीष शर्मा समेत कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Daily horoscope : आज इन राशियों पर बरसेगी लक्ष्मी जी की कृपा
मेष : राज दरबार में जाने पर आपके पक्ष की बेहतर सुनवाई होगी, शत्रुु आपके समक्ष टिक न सकेंगे, तेज प्रभाव बना रहेगा।
वृष: आम तौर पर मजबूत सितारा आपके कदम को हर मोर्चे पर बढ़त की तरफ रखेगा, मन सैर-सफर के लिए राजी रहेगा।
मिथुन: सेहत के मामले में सावधानी रखनी जरूरी, इसलिए तबीयत को सूट न करने वाली वस्तुएं खान-पान में यूज न करें।
कर्क: व्यापार तथा कामकाज की दशा संतोषजनक, कोशिशों प्रोग्रामों में कामयाबी मिलेगी, फैमिली फ्रंट पर तालमेल-सद्भाव बना रहेगा।
सिंह : दुश्मनों को कमजोर समझने की भूल न करें, क्योंकि दुर्बल सितारा नुकसान-परेशानी देने तथा अपसैट रखने वाला है।
कन्या : किसी प्रॉब्लम को सुलझाने के लिए संतान से मदद सहयोग लिया जा सकता है, मगर पांव फिसलने का डर रहेगा।
तुला: कोर्ट-कचहरी के साथ जुड़े किसी काम को हाथ में लेने के लिए समय अच्छा है, मान-सम्मान की प्राप्ति।
वृश्चिक: किसी बड़े व्यक्ति की मदद लेने के लिए यदि आप उसे अपरोच करेंगे तो वह आपकी बात ध्यान के साथ सुनेगा।
धनु : लोहा, लोहा मशीनरी, लोहा के कलपुर्जों, सरिया का काम करने वालों को अपने कामों में भरपूर लाभ मिलेगा।
मकर: अर्थ तथा कारोबारी दशा अच्छी, कोशिशों इरादों में कामयाबी मिलेगी मगर शीत वस्तुएं कम यूज करें।
कुंभ: ध्यान रखें कि उलझनों के कारण आपका कोई बना बनाया काम न उलझ-बिगड़ जाए।
मीन : व्यापार कारोबार में लाभ देने, अर्थ दशा कम्फर्टेबल रखने वाला सितारा मगर स्वभाव में क्रोध बना रहेगा।
पति घर से बाहर था और पीछे से सब खत्म हो गया… मां ने खुद को लगाई आग, 2 मासूमों की दम घुटने से मौत
Shamli News: उत्तर प्रदेश में शामली जिले के कैराना कस्बे में बीते गुरुवार को पारिवारिक विवाद के बाद एक महिला ने कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया, जिसके बाद धुएं से दम घुटने से उसकी 2 नाबालिग बेटियों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

बंद कमरे में आत्मदाह की कोशिश: धुएं के गुबार ने मासूमों को किया बेहोश
पुलिस के अनुसार, अनीता (30) ने अपने घर के एक कमरे के अंदर बिस्तर पर खुद को कथित तौर पर आग लगा ली, जिससे बंद कमरे में भारी धुआं जमा हो गया। उसकी 2 बेटियां वंदना (10) और डेढ़ साल की जसप्रीत कथित तौर पर दम घुटने के कारण बेहोश हो गईं। पुलिस क्षेत्राधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला और उसकी दोनों बेटियों को अस्पताल पहुंचाया।
दो बेटियों ने तोड़ा दम, मां की हालत गंभीर
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने वंदना और जसप्रीत को मृत घोषित कर दिया, जबकि अनीता का इलाज चल रहा है। दोनों बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई जब अनीता का पति जस्सी घर से बाहर था। पुलिस ने कहा कि संदेह है कि पारिवारिक विवाद के कारण आत्मदाह का प्रयास किया गया। पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है।
दंगों के दाग धुले, विकास की नई पहचान: सहारनपुर में 2131 करोड़ की सौगात के साथ CM योगी ने भरी हुंकार
Saharanpur News: उत्तर प्रदेश में जाति आधारित राजनीति को बढावा देने के लिए प्रदेश की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश अब तुष्टिकरण और फतवा की राजनीति से दूर विकास और लोक कल्याण आधारित व्यवस्था की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तुष्टीकरण नहीं, बल्कि संतुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकारी संसाधनों का उपयोग कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल, अवैध कब्जों और जातीय-साम्प्रदायिक समीकरणों को साधने में किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार उन्हीं संसाधनों को सड़क, विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, आरसीसी ड्रेन, एक्सप्रेसवे तथा धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास जैसे जनहितकारी कार्यों में लगा रही है।
सहारनपुर में पुराने ढर्रे को बदलती नई व्यवस्था
योगी सहारनपुर में आयोजित 2,131 करोड़ रुपए की 325 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे । मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में सरकारी धन का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक तुष्टीकरण से जुड़े कार्यों में अधिक होता था, जबकि वर्तमान सरकार उसी संसाधन को आधारभूत ढांचे और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि अब सड़क, विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, आरसीसी ड्रेन, एक्सप्रेसवे तथा धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर, जिसकी पहचान कभी दंगों, फतवों और पलायन जैसी घटनाओं से जुड़ गई थी, आज तेजी से विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति के केंद्र के रूप में उभर रहा है।
कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति का नया केंद्र
मुख्यमंत्री के अनुसार, मां शाकम्भरी धाम के पुनरुद्धार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित एयरपोर्ट, स्पोर्ट्स कॉलेज, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तथा इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब जैसी योजनाओं के माध्यम से जिले में विकास को नई गति मिली है। योगी ने कहा कि सहारनपुर वही जनपद है, जहां वर्ष 2013 से 2016 के बीच दंगे, कर्फ्यू, पलायन और अराजकता का माहौल बना रहता था। उन्होंने कहा कि उस दौर में शिक्षा, खेल और उद्योग के क्षेत्र में कोई बड़ा केंद्र विकसित नहीं हो पाया था। किसान परेशान थे, युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहे थे और व्यापारी भय के वातावरण में काम करने को मजबूर थे।
देवबंद से लेकर काष्ठ कला तक बदली पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि फतवों और कुसंस्कृति के कारण देवबंद की पहचान भी प्रभावित हुई थी। उन्होंने 2016 के सिख विरोधी दंगों और मुजफ्फरनगर-शामली हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश अशांति की चपेट में था, लेकिन समस्याओं को सुनने और समाधान करने वाला कोई नहीं था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद सहारनपुर ने विकास और प्रगति की नई दिशा में कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जिले की विश्वस्तरीय काष्ठ कला को नया मंच और पहचान मिली है तथा आज सहारनपुर अपनी सांस्कृतिक विरासत, उद्योग और विकास कार्यों के दम पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।

