World Strongest Flying Bird in Kanpur Zoo: कानपुर चिड़ियाघर में ‘बार-हेडेड गूज’ नाम का एक खास मेहमान पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिसे इसकी अद्भुत उड़ान क्षमता के कारण प्रकृति का ‘एविएशन चैंपियन’ भी कहा जाता है. इस पक्षी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हिमालय की चोटियों को पार करते हुए माउंट एवरेस्ट जैसी 29 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है, जहां ऑक्सीजन की भारी कमी के बावजूद इसके फेफड़े और विशेष हीमोग्लोबिन इसे सक्रिय रखते हैं. मध्य एशिया और तिब्बत से आने वाला यह प्रवासी पक्षी एक बार में 1200 से 1500 किलोमीटर तक की निरंतर उड़ान भरने में सक्षम है. अपने सिर पर मौजूद दो काली धारियों और पीले रंग की चोंच से पहचाने जाने वाला यह परिंदा न केवल बच्चों और बड़ों के लिए अजूबा बना हुआ है, बल्कि कानपुर प्राणी उद्यान के सबसे खास और शक्तिशाली जीवों में गिना जा रहा है.
कानपुर में 4,00,00,00,000 रुपये का लैंड स्कैम, पूर्व एडीएम, कंपनियों व बैंक अधिकारियों पर FIR
यह मामला साल 2011 से शुरू हुआ था. शासन ने चपरघटा और आसपास के गांवों (कृपालपुर, भुण्डा, रसूलपुर और भरतौली) की ग्राम समाज और निजी काश्तकारों की जमीन थर्मल प्लांट के लिए आवंटित की थी. जिलाधिकारी कपिल सिंह के संज्ञान में जब यह आया कि बिना सरकार की अनुमति के सरकारी जमीन को बैंकों में बंधक रखा गया है, तो उन्होंने जांच के आदेश दिए. जांच में पता चला कि कंपनियों ने अफसरों के साथ मिलकर राजस्व क्षति पहुंचाई है. इसके बाद भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह की तहरीर पर थाना मूसानगर में एफआईआर दर्ज की गई है.
कानपुर देहात के भोगनीपुर में वर्ष 2011 में हिमावत पावर और लैन्को अनपरा पावर कंपनियों को थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए 7 गांवों की लगभग 2332 एकड़ भूमि दी गई थी. समझौते की शर्तों के अनुसार, इन कंपनियों को 3 साल के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर बिजली उत्पादन करना था. लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी कंपनियों ने वहां कोई काम नहीं किया और वह सरकारी तथा अधिग्रहीत भूमि आज भी खाली पड़ी है. इन कंपनियों ने धोखाधड़ी करते हुए भूमि समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया. प्रशासन को यह भी शिकायत मिली कि पावर कंपनियों ने इस सरकारी भूमि को गिरवी रखकर बैंकों से 1500 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया. कंपनियों ने न तो बिजली घर बनाया और न ही बैंकों का कर्ज चुकाया.
जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में कंपनियों और बैंकों के साथ-साथ तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) ओ.के. सिंह की भी मिलीभगत थी. जब बैंकों ने इस कीमती भूमि को अवैध रूप से नीलाम करने की कोशिश की, तो वर्तमान जिलाधिकारी कपिल सिंह ने इसका संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्काल एक्शन लिया गया. नीलामी पर रोक लगाकर इसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया.
वर्तमान में इस जमीन की कीमत सर्किल रेट के मुताबिक 300 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि बाजार मूल्य इससे भी कहीं अधिक है. शासन के निर्देश पर अब दोनों कंपनियों, संबंधित बैंकों (IDBI, कैनरा, PNB) के अधिकारियों और दोषी प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ थाना मूसानगर में जालसाजी और साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.
Prateek Yadav Death News: मैं नहीं, भैया अखिलेश यादव ही राजनीति में आगे बढ़ें.. सैफई के प्रधान ने साझा की प्रतीक यादव की अनसुनी कहानियां
प्रधान बताते हैं कि प्रतीक का ऐसा कहना था कि उन्हें राजनीति नहीं करनी है. राजनीति उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ही करें और राजनीति में आगे बढ़ें. यही प्रतीक यादव की इच्छा थी.
साझा किए पुराने दिन
UP Weather Alert: लखनऊ, कानपुर में आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, 38 जिलों में बारिश की चेतावनी
प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने सबको हैरान कर दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत का कारण ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ (हृदय और श्वसन तंत्र का काम बंद कर देना) रहा. यह स्थिति बड़े पैमाने पर हुए पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म की वजह से बनी. आसान भाषा में कहें तो फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम गया था, जिससे दिल पर दबाव पड़ा और सांसें अचानक थम गईं. लखनऊ के सिविल अस्पताल लाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था. डॉक्टरों ने उनके विसरा और हार्ट के सैंपल सुरक्षित रखे हैं ताकि मौत की तह तक जाया जा सके.
बताया जा रहा है कि प्रतीक पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. मौत से ठीक 13 दिन पहले, यानी 30 अप्रैल को भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी. उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 3 दिन इलाज चला. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी, लेकिन प्रतीक बिना मेडिकल परमिशन के ही घर चले आए थे. शायद यही लापरवाही उनकी सेहत पर भारी पड़ गई.
प्रतीक का जन्म 7 जुलाई 1987 को फर्रुखाबाद के व्यवसायी चंद्रप्रकाश गुप्ता के घर हुआ था. उनकी मां साधना गुप्ता एक नर्स थीं. प्रतीक जब महज एक साल के थे, तभी उनके पिता ने साथ छोड़ दिया और तीन साल की उम्र में माता-पिता का तलाक हो गया. प्रतीक की जिंदगी में मोड़ तब आया जब उनकी मां साधना गुप्ता ने मुलायम सिंह यादव की मां मूर्ति देवी की जान बचाई. अस्पताल में एक गलत इंजेक्शन लगने से साधना ने मूर्ति देवी को रोका था, जिससे मुलायम काफी प्रभावित हुए. साल 2007 में मुलायम ने साधना गुप्ता से शादी की और सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा देकर सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि ‘साधना मेरी पत्नी और प्रतीक मेरा बेटा है.’
मुलायम सिंह यादव चाहते थे कि प्रतीक भी परिवार की तरह राजनीति में आएं. प्रतीक ने लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल और लखनऊ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के बाद ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA किया. जब वे भारत लौटे, तो उनके पास सत्ता के गलियारों में बैठने का पूरा मौका था, लेकिन उन्होंने रीयल एस्टेट के बिजनेस को चुना. वे मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर ही रहना पसंद करते थे.
प्रतीक यादव को लग्जरी कारों और फिटनेस का जबरदस्त जुनून था. एक समय उनका वजन 103 किलो तक पहुंच गया था. तब मुलायम सिंह यादव ने उनसे कहा था कि अगर वजन कम करोगे तो बड़ा इनाम मिलेगा. प्रतीक ने इस चैलेंज को गंभीरता से लिया और जिम में पसीना बहाकर 36 किलो वजन घटाया. इसके बाद उन्होंने लखनऊ में अपना खुद का जिम खोला और बॉडी बिल्डिंग को अपना पैशन बना लिया. वे अक्सर अपनी करोड़ों की लैंबोर्गिनी कार को लेकर चर्चा में रहते थे.
प्रतीक और अपर्णा बिष्ट की प्रेम कहानी किसी फिल्म से कम नहीं थी. दोनों स्कूल के दिनों से दोस्त थे. एक जन्मदिन की पार्टी में ईमेल आईडी एक्सचेंज करने से शुरू हुई यह दोस्ती 2011 में शाही शादी में बदली. हालांकि, उनकी शादीशुदा जिंदगी में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखे गए. इसी साल जनवरी में प्रतीक ने सोशल मीडिया पर तलाक की बात कहकर सबको चौंका दिया था, लेकिन महज 9 दिन बाद ही दोनों के बीच सुलह हो गई और उन्होंने अपनी तस्वीर साझा करते हुए खुद को ‘चैंपियंस का परिवार’ बताया.
अपर्णा ने राजनीति में कदम रखा और 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं. 2022 में उन्होंने सबको तब हैरान कर दिया जब वे सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गईं. वे मुलायम परिवार की पहली सदस्य थीं जिन्होंने बीजेपी का दामन थामा. वर्तमान में वे महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं.
प्रतीक का कारोबार मुख्य रूप से उनके साले चंद्रशेखर सिंह बिष्ट (अमन बिष्ट) के माध्यम से चलता था. साल 2012 में सपा सरकार बनने के बाद चंद्रशेखर ने कई कंपनियां रजिस्टर कराई थीं. पिछले साल प्रतीक तब चर्चा में आए जब उन्होंने अपने पूर्व पार्टनर कृष्णानंद पांडेय के खिलाफ 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की FIR दर्ज कराई थी.
प्रतीक यादव भले ही मीडिया से दूर रहते थे, लेकिन वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ के जरिए बेघर जानवरों और गरीब लोगों की मदद करते थे. आज उनके जाने से यादव परिवार में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना मुश्किल है. 38 साल की उम्र, अपनी छोटी बेटियों का चेहरा और अपनी शर्तों पर जीने वाला वो शख्स अब बस यादों में रह गया है.
UP Weather Alert: लखनऊ, कानपुर में आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, 38 जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. देर रात तेज आंधी-तूफान के बाद मोदीनगर क्षेत्र के निवाड़ी में जोरदार बारिश हुई है. बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं. मौसम सुहाना हो गया है. आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है. बारिश का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है.
देवरिया जिले में देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है. तेज हवाओं के बाद जिले के कई स्थानों पर पेड़ और पोल गिरे पड़े हैं. देवरिया पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल. जिले के कई स्थानों पर खुद पेड़ काट कर रास्ता को किया क्लियर. जनपद की एक दर्जन से अधिक स्थान रोड पर गिरे थे
UP Death News: प्रयागराज में 17, भदोही में 11… यूपी में आंधी-तूफान से 70 लोगों की मौत
उन्नाव जिले में आंधी-तूफान और बारिश से 6 लोगों की मौत हो गई. माखी थाना क्षेत्र के रहने वाले 65 साल के छंगा की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई. दही थाना क्षेत्र में अलग अलग घटनाओं में विनोद और राम आसरे की मौत हो गई. आसीवन थाना क्षेत्र में पेड़ गिरने अंश व राजेपाल की मौत हो गई. पुरवा कोतवाली क्षेत्र में आंधी के समय दीवार गिरने से सियाराम की मौत हो गई. उन्नाव में आंधी तूफान की वजह से 6 की मौत हो गई.
वहीं इन मौतों तो लेकर CM योगी आदित्यनाथ ने आंधी, तूफान आकाशीय बिजली से हुई जनहानि का संज्ञान लिया है. CM योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. CM योगी ने अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं. CM ने DM को फील्ड पर निकल कर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. CM ने आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशु हानि पर 24 घंटे में मुआवजा देने का निर्देश दिया है. साथ ही सीएम योगी ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Prateek Yadav Death News Live: प्रतीक यादव के घर पहुंचा शव वाहन, बाहर समर्थकों की भीड़
Prateek Yadav Death News Live: प्रतीक यादव के निधन पर पूरे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है. उनके चाहने वालों के साथ-साथ सपा समर्थक भी शोकाकुल हैं. बुधवार की सुबह प्रतीक यादव का निधन हो गया था. उन्हें सुबह-सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने पल्स और हॉर्ट रेट नापी गई. लेकिन कोई भी हलचल नहीं हुई. इसके बाद प्रतीक यादव का इसीजी किया गया.
लेकिन यहां भी डॉक्टरों को कोई हलचल नहीं मिली. इसके बाद प्रतीक यादव को मृत घोषित कर दिया गया. प्रतीक यादव के निधन की खबर आते ही हड़कंप मच गया. लोग उनके आवास से लेकर अस्पताल तक भारी संख्या में पहुंचने लगे. फिर उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू के मॉर्चरी हाउस ले जाया गया,
जहां खुद अखिलेश यादव भी पहुंचे हुए थे. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी हुई. प्रतीक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बुधवार की शाम को करीब 4 आई थी, जिसमें मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताया गया था. हालांकि प्रतीक यादव के शरीर पर मिलीं कुछ चोटों का भी जिक्र था.

