Wednesday, February 11, 2026

DGCA की बड़ी कार्रवाई: Air India की फ्लाइट में 51 गड़बड़ियां, जारी किए सख्त आदेश

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नेशनल डेस्क। राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया के विमानों की सुरक्षा जांच में दर्जनों गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के वार्षिक ऑडिट में एयर इंडिया के परिचालन में कुल 51 सुरक्षा खामियां पाई गई हैं जिसके बाद DGCA ने एयरलाइन के लिए नई डेडलाइन जारी कर दी है।

 

ऑडिट में क्या-क्या खामियां मिलीं?

DGCA के ऑडिट में सामने आई प्रमुख खामियों में शामिल हैं:

  • पुरानी प्रशिक्षण नियमावलियां: पायलटों और अन्य कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग की जाने वाली नियमावलियां अपडेटेड नहीं थीं।
  • फ्रेग्मेंटेड ट्रेनिंग रिकॉर्ड: प्रशिक्षण रिकॉर्ड बिखरे हुए और अव्यवस्थित पाए गए।
  • पायलट प्रशिक्षण का अभाव: कुछ पायलटों का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं हुआ था।
  • अयोग्य सिमुलेटर: प्रशिक्षण के लिए उपयोग किए जा रहे कुछ सिमुलेटर निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे।
  • उड़ान रोस्टर का प्रबंधन करने वाले अप्रशिक्षित कर्मचारी: उड़ान शेड्यूल और रोस्टर संभालने वाले कर्मचारी पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं थे।
  • कम दृश्यता वाले परिचालनों के लिए अनुमोदन में अनियमितताएं: कम दृश्यता में उड़ान भरने के लिए आवश्यक अनुमोदनों में भी अनियमितताएं पाई गईं।

7 गंभीर कमियां 30 जुलाई तक ठीक करने का आदेश

इन 51 खामियों में से 7 कमियां बेहद गंभीर हैं जिन्हें ऑडिट रिपोर्ट में ‘सीरियस लेवल-1’ पर रखा गया है। DGCA ने एयर इंडिया को इन 7 गंभीर कमियों को 30 जुलाई (आज) तक ठीक करने का सख्त आदेश जारी किया है।

वहीं बाकी बचे 44 गैर-अनुपालन मामलों को एयर इंडिया को 23 अगस्त तक सुलझाना होगा। इसके साथ ही DGCA ने एयर इंडिया से सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किए जाने के प्रमाण भी देने को कहा है।

 

DGCA ने पहले भी भेजे थे नोटिस

बता दें कि DGCA ने 23 जुलाई को ही एयरलाइन को विभिन्न खामियों के लिए तीन ‘कारण बताओ’ नोटिस भेजे थे और जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इससे पहले नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने संसद को बताया था कि DGCA ने देरी से हुए स्लाइड निरीक्षण में शामिल विमान को आवश्यक जांच पूरी होने तक तुरंत रोक दिया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सभी एयरलाइनें सुरक्षा और रखरखाव मानकों का पालन करें और उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना, चेतावनी या निलंबन सहित कठोर प्रवर्तन कार्रवाई हो सकती है।

यह कार्रवाई दिखाती है कि नागर विमानन सुरक्षा को लेकर DGCA कोई समझौता करने को तैयार नहीं है।

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