स्थान : डफरिन अस्पताल का गेट
रिपोर्टर: एक बच्चे को एरा मेडिकल कॉलेज ले चलना है
चालक : एंबुलेंस ऑक्सीजन या बिना ऑक्सीजन चाहिए?
रिपोर्टर : भाई, बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर है।
चालक: ठीक है, बताओ कहां पर
लगानी है एंबुलेंस ?
रिपोर्टर : डफरिन गेट पर एंबुलेंस लेकर चलना होगा, वैसे कितना किराया लोगे? चालक : भैया, 1250 रुपये पड़ेगा। रिपोर्टर: एरा यहां से 8-10 किमी से ज्यादा दूर नहीं है।
चालक : बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर है, लोकल में इतना ही किराया लगता है। रिपोर्टर: ठीक है। अभी रहने दो… बाद में आता हूं।
स्थान : बलरामपुर अस्पताल का गेट
रिपोर्टर : भाई, अंदर एक मरीज है, उसे सीतापुर ले चलना है।
चालक: सीतापुर में कहां पर जाना है?
रिपोर्टर : सीतापुर बस स्टैंड के पास मरीज को लेकर जाना है।
चालक : मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत तो नहीं है?
रिपोर्टर नहीं… ऑक्सीजन की जरूरत
नहीं है।
चालक: चार हजार रुपये लगेंगे। उधर से खाली लौटना पड़ेगा।
रिपोर्टर : ये तो बहुत ज्यादा है, ऐसे तो 40 रुपये प्रति किमी हुआ !
चालक: ठीक है आप 3800 ही दे देना,
इससे कम नहीं हो पाएगा।
रिपोर्टर : फिर भी बहुत ज्यादा है। रहने दो।
स्थान : लिंब सेंटर के सामने
रिपोर्टर: मरीज को दिल्ली के सफरदगंज अस्पताल ले चलना है।
चालक: मरीज अभी कहां पर भर्ती है?
रिपोर्टर : केजीएमयू ट्रॉमा में भर्ती है।
चालक: ऑक्सीजन की जरूरत भी पड़ेगी?
रिपोर्टर: हां, तभी तो बड़े अस्पताल जा रहे हैं। चालक: 14 हजार रुपये पड़ेंगे, ईको वैन एसी वाली देंगे।
रिपोर्टर : एडवांस लाइफ सपोर्ट वाली एंबुलेंस कितने में जाएगी?
चालक : रुको पूछकर बताते हैं… उसमें खर्च बढ़ जाएगा।
रिपोर्टर : पूछ कर बताओ, कितना लगेगा।
चालक: (किसी से फोन पर बात करने के बाद) भैया 22 हजार रुपये लगेंगे।
रिपोर्टर: ठीक है, नंबर दो, कॉल करूंगा।