शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में शामिल होने वाली ई बसों के लिए इंतजार बढ़ता जा रहा है। एचआरटीसी द्वारा दोबारा करवाए गए ट्रायल में बस एक रूट पर फेल हो गई है। इसमें कोई तकनीकी खामी नहीं आई लेकिन 180 किमी की तय माइलेज यह नहीं दे पाई।
15 रूटों पर दोबारा ट्रायल करवाया गया था। 14 रूटों पर ट्रायल सफल हो गया है केवल एक रूट पर ही माइलेज कम आई है। एचआरटीसी प्रबंधन ने बसों की डिलीवरी लेने से इंकार कर दिया है। निगम ने तर्क दिया है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार जब तक बस तैयार नहीं होगी तब तक डिलीवरी नहीं ली जाएगी।
कंपनी ने पहले 100 बसों को सोलन स्थित एचआरटीसी की वर्कशाप में भेज दिया था। अब इन बसों को यहां से दोबारा परवाणु शिफ्ट कर दिया गया है। निगम प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि सड़क की स्थिति का आकलन राज्य लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम से करवाया जाएगा। निगम के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल की ओर से इस संबंध में लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है।
36 रूटों पर करवाया था ट्रायल
एचआरटीसी ने प्रदेश में 36 स्थानों पर इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल करवाया है। 15 रूटों पर खामियां पाए जाने पर दोबारा ट्रायल करवाया गया। कंपनी ने कहा था कि एक बार बैटरी चार्ज बस 180 किलोमीटर चलेगी। एक रूट पर कुछ कमी आ रही है।
11 महीने का समय दिया था
2025 में ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को 297 बसों की खरीद का ऑर्डर जारी किया था। 424.01 करोड़ रुपये का टेंडर है। कंपनी ने 11 महीने में यह ऑर्डर पूरा करने का आश्वासन दिया था। कंपनी को नौ जनवरी तक 50 प्रतिशत यानी 149 बसों की डिलीवरी करनी थी, जिसमें कंपनी सफल नहीं हुई है।


