नई दिल्ली| देश में इन दिनों चीनी को लेकर चर्चा तेज है। भारत ने घरेलू स्टॉक को मजबूत रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य के साथ ही चीनी और इथेनॉल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्यात पर रोक लगाई है। इसी बीच चीनी किसानों के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है। किसानों को गन्ने का FRP ना देने पर शुगर मिलों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।
7 मिलों से वसूली शुरू
किसानों को गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। महाराष्ट्र विधान परिषद में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने एक सवाल का जवाब में बताया कि साल 2025-26 चीनी सीजन के दौरान FRP के लंबित भुगतान को लेकर 81 चीनी मिलों को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही ₹232.79 करोड़ के बकाया भुगतान के लिए 7 कारखानों के खिलाफ वसूली की कार्यवाही पहले ही शुरू कर दी गई है।
98.33 प्रतिशत भुगतान पूरा
सहकारिता मंत्री ने सदन को बताया कि चीनी मिलों की ओर से गन्ने के भुगतान में देरी के बाद कानूनी नियमों के अनुसार प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि 81 मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि बकाया भुगतान की वसूली के लिए अब तक सात इकाइयों के खिलाफ रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) की कार्यवाही शुरू की गई है।


