Friday, June 26, 2026

यूपी में मरीजों को अब नहीं भटकना पड़ेगा, तैयार हो रहा 310 अस्पतालों का एकीकृत इमरजेंसी नेटवर्क

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आकस्मिक स्थिति में विशेषज्ञ अस्पताल के लिए रेफर मरीज को एक से दूसरे अस्पताल भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार 310 अस्पतालों का एकीकृत ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीइएन) बना रहा है।

जो मरीज को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करायेगा। पहले 48 घंटें का इलाज मुफ्त होगा। इस योजना को लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गयी है।

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुयी बैठक में कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर जलने, हृदयघात, स्ट्रोक, सेप्सिस, विषाक्तता तथा प्रसूति एवं बाल चिकित्सा संबंधी आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए समन्वित एवं एकीकृत प्रणाली का अभाव है। यूपीटीइएन इसमें कारगर हो सकती है।

यह पहल प्रत्येक नागरिक को आपात स्थिति में गोल्डन आवर के भीतर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ( एसीएस) अमित घोष ने बताया कि यूपीटीइएन को एकीकृत, त्रिस्तरीय, बहु-चरणीय एवं केंद्रीकृत नेतृत्व आधारित नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत स्तर-1 में 11 शीर्ष एवं प्रमुख चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को शामिल किया जाएगा स्तर-2 में 36 मेडिकल कालेजों को जोड़ा जाएगा। स्तर-3 पर प्राथमिक स्तर पर मरीजों के स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) हेतु 126 केंद्र चिह्नित है।

इसके अतिरिक्त प्रारंभिक चरण में 137 निजी चिकित्सा संस्थानों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यूपीटीईएन के प्रथम चरण में कुल 310 चिकित्सा इकाइयों एवं केंद्रों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार भी किया जा सकेगा।

परियोजना को व्यवहारिकता के आधार पर तीन चरणों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। यूपीटीईएन को राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा तथा 112 आपातकालीन सेवा के साथ भी एकीकृत किया जाएगा, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक तीव्र एवं प्रभावी बनाया जा सके।

प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत आपातकालीन उपचार के प्रथम 48 घंटों तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा नेटवर्क को टेलीमेडिसिन एवं डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत करने का भी प्रावधान किया गया है।

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