Monday, July 13, 2026

EPFO का नया फैसला, प्राइवेट नौकरी करने वालों के PF फंड पर माफी योजना शुरू; सिर्फ 6 महीने का समय

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नई दिल्ली। निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड की सुरक्षा के मद्देनजर ईपीएफओ ने मान्यता प्राप्त गैर सरकारी भविष्य निधि ट्रस्टों को सरकारी नियमन के दायरे में लाने के लिए एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) की शुरूआत की है। ईपीएफओ ने कर्मचारियों के बकाए फंड समेत अन्य नियमों के पालन के लिए शुरू की गई इस माफी स्कीम के तहत निजी पीएफ ट्रस्टों से आवेदन मांगे है। श्रम मंत्रालय के अनुसार अगले छह महीने के दौरान योजना में शामिल होने का आवेदन करने वाले ट्रस्टों के खिलाफ पुराने लंबित मामलों से लेकर वित्तीय दंड जैसी कार्यवाही से छूट दे दी जाएगी। ईपीएफओ के दायरे से बाहर चलने वाले निजी पीएफ ट्रस्टों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है।

ईपीएफओ माफी योजना 2026 उन प्रतिष्ठानों पर लागू होती है जो आयकर अधिनियम 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्ट का संचालन कर रहे हैं, लेकिन जिनके पास संबंधित सरकार – केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो, से औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। संसद से पारित वित्त विधेयक 2026 ने मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्टों को नियंत्रित करने वाले आयकर ढांचे को कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम 1952 के वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रविधानों के अनुरूप कर दिया है।

सिर्फ इनको मिलेगी मान्यता

आयकर अधिनियम 2025 के अंतर्गत मान्यता केवल उन्हीं भविष्य निधियों को प्राप्त होगी जिन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम 1952 की धारा 17 के अंतर्गत छूट प्राप्त की है। ऐसे प्रतिष्ठानों को अधिनियम की धारा 17 और सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 143 के अंतर्गत माफी का लाभ मिल सकेगा। माफी योजना की अधिसूचना 29 जून को जारी की गई और जो संस्थाएं अपने पीएफ ट्रस्ट को पूर्व की तारीख से नियमित कराना चाहती हैं।साथ ही जिन्होंने पहले ही ””नॉन-एग्जेम्प्टेड”” (छूट-रहित) संस्थान के तौर पर नियमों का पालन शुरू कर दिया है या जो भविष्य में इसके पालन का विकल्प चुन रही हैं वे इस स्कीम के लिए पात्र हैं।

श्रम मंत्रालय के अनुसार जो संस्थान पीएफ ट्रस्ट को पिछली तारीख से नियमित कराना चाहते हैं और सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 के तहत छूट-प्राप्त संस्थान के तौर पर काम जारी रखना चुनते हैं वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगे। स्कीम के तहत मिलने वाले मुख्य फायदों में पूर्व की तारीख से रेगुलर होना, छूट का दर्जा और ट्रस्ट की शुरुआत से लेकर तय कट-ऑफ तारीख तक ट्रस्ट की मान्यता शामिल है।

पात्र संस्थाओं को सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 के तहत कुछ जरूरी शर्तों जैसे कर्मचारियों की कम-से-कम संख्या और कॉर्पस (फंड) के आकार से जुड़े नियमों से भी छूट मिलेगी। तीन साल तक नियमों के पालन की शर्त को पूरा माना जाएगा। बकाया राशि, हर्जाने और ब्याज के लिए लंबित मामलों को वापस ले लिया जाएगा और वे खत्म माने जाएंगे। बशर्ते कर्मचारी सदस्य के पीएफ खातों में कानूनी दरों के बराबर या उससे बेहतर दर पर ब्याज और योगदान मिला हो।

साफ है कि माफी योजना के तहत कर्मचारियों के बकाए पीएफ को लेकर किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी बल्कि इसका लाभ लेने के लिए उनके पीएफ के बकाए पुराने रकम को भी जमा कराना होगा।

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