Sawan Putrada Ekadashi 2026 Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इनमें से भी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे ‘श्रावण पुत्रदा एकादशी’ कहा जाता है, अपना एक विशेष और अत्यंत कल्याणकारी स्थान रखती है। मान्यता है कि जो भी विवाहित जोड़ा संतान सुख से वंचित है या जिसके वंश की प्रगति रुक गई है, यदि वह इस दिन पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना करता है, तो उसे योग्य संतान की प्राप्ति होती है।
श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व: धार्मिक दृष्टिकोण से, श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत केवल संतान प्राप्ति के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन की समस्त बाधाओं और पापों के नाश के लिए भी रामबाण माना गया है। जो साधक इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनके घर में कभी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती।


