लखनऊ। लोहिया संस्थान ने तीन महीने में 100 मरीजों की रोबोटिक सर्जरी करने में कामयाबी हासिल की है। इनमें से 75 फीसदी मरीज प्रोस्टेट, ब्लैडर, एडिनल ग्लैंड कैंसर के थे। बाकी किडनी व यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियों के थे। अब रोबोट से किडनी ट्रांसप्लांट की तैयारी है। संस्थान के निदेशक ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।विभाग के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे सबसे अधिक किडनी, प्रोस्टेट के कैंसर मरीजों की सर्जरी की गई। ब्लैडर और एडिनल ग्लैंड के कैंसर के मरीजों को भी राहत मिली है। पेशाब के रास्ते से रुकावट व खराब किडनी निकालने में भी रोबोटिक सर्जरी का सहारा लिया गया।निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि रोबोट से किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी ओपेन सर्जरी से किडनी प्रत्यारोपण किए जा रहे हैं। एक वर्ष में 500 से अधिक ऑपरेशन रोबोट से करने का लक्ष्य है।
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के शुल्क में रोबोटिक सर्जरी
डॉ. ईश्वर राम ने बताया कि निजी अस्पतालों से करीब तीन गुना कम कीमत पर संस्थान में रोबोटिक सर्जरी हो रही है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के शुल्क पर ही यह सर्जरी की जा रही है। अब संस्थान रोबोटिक सर्जरी के लिए अलग से शुल्क तय करेगा, जो सामान्य ही रखा जाएगा। रोबोटिक सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. ईश्वर राम, डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. संजीत कुमार सिंह, डॉ. अंकुश, डॉ. शिवानी, डॉ. नंदन शामिल हैं।


