थाना अजनर के लेवा गांव में पिता की तेरहवीं के दिन हमलावरों ने बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। बीच-बचाव करने दौड़े भाई, चाचा और चचेरे भाई समेत छह लोगों को घायल कर दिया। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टर ने एक की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। पुलिस ने दो नामजद व छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
घटना से तेरहवीं कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टर ने विकास को मृत घोषित कर दिया जबकि अनिल की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। शेष घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
सूचना मिलते ही सीओ कुलपहाड़ रविकांत गोंड व सीओ सदर अरुण कुमार सिंह ने जिला अस्पताल पहुंच घटना की जानकारी ली। सीओ ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। विकास के चाचा सुंदरलाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लेवा गांव निवासी अजय सिंह, चरखारी के कनेरा गांव निवासी साहब सिंह और छह अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। थानाध्यक्ष सुभाषचंद्र का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
युवक की हत्या से पूरे गांव में मातम
बीमारी से पिता की मौत के बाद तेरहवीं कार्यक्रम के दिन बेटे की हत्या से पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। परिजन व रिश्तेदार अभी रामकृपाल की मौत का गम भूल भी नहीं सके थे कि तेरहवीं भोज के दौरान मामूली विवाद में बेटे की हत्या की घटना से सभी को झकझोर दिया। घटना से बाद से तेरहवीं में भोजन कर रहे लोग उठकर घटनास्थल के लिए दौड़े। चारोंं ओर चीख-पुकार मची रही। इससे तेरहवीं कार्यक्रम में भोजन करने आए लोग अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। तनाव को देखते हुए गांव मेंं पुलिस बल तैनात रहा।


