डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी में समर्थकों द्वारा लगाए जा रहे जय श्री राम के नारों को रुकवाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अब वह सबके हैं।
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ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह के ठीक बाद मुख्यमंत्री सीधे जोरासांको पहुंचे। वहां उन्होंने कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक तू-तू मैं-मैं का नहीं है। हमारे सामने बड़ी जिम्मेदारियां हैं। जो लोग राजनीति करना चाहते हैं वे जारी रख सकते हैं, लेकिन हम आगे बढ़ेंगे।
जय श्री राम के नारों पर आपत्ति
जब मुख्यमंत्री ठाकुरबाड़ी परिसर में मीडिया से बात कर रहे थे, तभी वहां मौजूद भीड़ ने जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए। सीएम सुवेंदु ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया दी और समर्थकों को नारे बंद करते हुए कहा कि यह जय श्री राम कहने की जगह नहीं है, यहां केवल कविगुरु का नाम होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विवादों से बचते हुए कहा कि उनका लक्ष्य अब पूरे बंगाल का विकास है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं कोई विवादास्पद टिप्पणी नहीं करूंगा। मैं मुख्यमंत्री हूं और अब मैं हर किसी का हूं। बंगाल को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। शिक्षा और संस्कृति नष्ट हो गई है। आइए, मिलकर बंगाल का पुनर्निर्माण करें।
विश्वविद्यालय के दिनों को किया याद
ठाकुरबाड़ी में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सीएम अधिकारी ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी और अन्य अधिकारियों के साथ समय बिताया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री इसी विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं।
उन्होंने यहां से पर्यावरण अध्ययन में एमए किया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुरोध पर उन्होंने बिचित्रा भवन में कुलपति से बातचीत की और काली चाय के साथ नमकीन का आनंद लिया।


