Sunday, February 15, 2026
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यूपी: संजय प्रसाद और आशीष गोयल समेत पांच प्रमुख सचिव बने अपर मुख्य सचिव…पढ़ें पूरी लिस्ट

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उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी है। संजय प्रसाद और आशीष गोयल सहित पांच प्रमुख सचिवों को अपर मुख्य सचिव (ACS) बनाया गया है। इससे शासन में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत किया गया है।

सरकार के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अपर मुख्य सचिव की भूमिका नीति निर्माण और विभागीय समन्वय में बेहद अहम होती है। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को उनके अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पढ़ें पूरी लिस्ट…

Kanpur Dehat: कोविड में मदद कर जीता विश्वास, फैला दिया धर्मांतरण का मकड़जाल, आरोपियों के चौंकाने वाले खुलासे

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Kanpur Dehat News: कन्नौज में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने अपनी लिखा-पढ़ी में चूक कर दी थी। इस बार पुलिस ने धर्मांतरण के मकड़जाल से निकलने के प्रयास में जुटे निबौली निवासी रामभरोसे की शिकायत पर गंभीरता दिखाई। पीड़ित ने पुलिस को आरोपियों की मदद के नाम पर प्रलोभन देने से लेकर धर्मांतरण आदि कराने का चिट्ठा खोला।

कानपुर देहात में कोरोना महामारी ने लोगों को रोजगार से लेकर पेट भरने तक का संकट खड़ा कर दिया था। उस दौर में मिली तनिक सी मदद भी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। अकबरपुर थाना से एक किलोमीटर दूर पर बंद हुए एक स्कूल में व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने वाले शातिरों ने पहले लोगों को उनके कौशल निखारने व मदद करने के नाम पर विश्वास जीता। साथ ही धर्मांतरण का मकड़जाल फैलाकर कानपुर देहात के अलावा कई स्थानों के लोगों का धर्मांतरण करवा दिया। कन्नौज जिले के धर्मांतरण के मामले में पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कानपुर देहात से उसके तार जुड़े होने की जानकारी मिली।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की ओर से एसआईटी का गठन कर जांच शुरू करवाई गई थी। शनिवार को नवाकांति का संचालन करने वाले डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी व सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि नवाकांति सोसाइटी में पहले स्कूल का संचालन होता था। जोकि कोविड में बंद हो गया था। बाद में यहां व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया था। तीनों लोग सूक्ष्म व लघु स्तर पर अपना जाल फैला कर अनुसूचित जाति के लोगों व आर्थिक रूप कमजोर लोगों को फंसाते थे। आरोपी लोगों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई व अन्य तकनीकी कौशल प्रशिक्षण का प्रलोभन देकर अपने पास लाते थे।अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने की आशंका
साथ ही, लोगों को हैंडपंप सहित अन्य छोटी-छोटी जरूरत की चीजें देते थे। लोगों के जाल में फंसने पर बाइबिल रीडिंग से लेकर वेपटिस्म प्रक्रिया से शुद्धीकरण के बाद धर्मांतरण तक काम करते थे। इन लोगों ने जिले में करीब 50 हैंडपंप लगवाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रत्येक हैंडपंप लगाने में करीब 50 हजार रुपये तक का खर्चा आता था। जांच के दौरान पुलिस को संस्था के भवन से कई कागजात मिले हैं। जिनकी गहन जांच की जा रही है। आरोपियों ने अभी तक कितने लोगों का धर्मांतरण करवाया है। इनके अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने को लेकर जांच की जा रही है।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की ओर से एसआईटी का गठन कर जांच शुरू करवाई गई थी। शनिवार को नवाकांति का संचालन करने वाले डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी व सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि नवाकांति सोसाइटी में पहले स्कूल का संचालन होता था। जोकि कोविड में बंद हो गया था। बाद में यहां व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया था। तीनों लोग सूक्ष्म व लघु स्तर पर अपना जाल फैला कर अनुसूचित जाति के लोगों व आर्थिक रूप कमजोर लोगों को फंसाते थे। आरोपी लोगों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई व अन्य तकनीकी कौशल प्रशिक्षण का प्रलोभन देकर अपने पास लाते थे। 

अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने की आशंका
साथ ही, लोगों को हैंडपंप सहित अन्य छोटी-छोटी जरूरत की चीजें देते थे। लोगों के जाल में फंसने पर बाइबिल रीडिंग से लेकर वेपटिस्म प्रक्रिया से शुद्धीकरण के बाद धर्मांतरण तक काम करते थे। इन लोगों ने जिले में करीब 50 हैंडपंप लगवाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रत्येक हैंडपंप लगाने में करीब 50 हजार रुपये तक का खर्चा आता था। जांच के दौरान पुलिस को संस्था के भवन से कई कागजात मिले हैं। जिनकी गहन जांच की जा रही है। आरोपियों ने अभी तक कितने लोगों का धर्मांतरण करवाया है। इनके अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने को लेकर जांच की जा रही है।

Kanpur Dehat They gained trust by helping during COVID then spread a web of religious conversion

आयु वर्ग व स्तर के हिसाब से चलाते थे क्लब
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि वह लोग गांवों में रहने कम पढ़े लिखे लोगों, युवाओं, बच्चों व बुजुर्गों के हिसाब से क्लब बनाकर संचालन करते थे। इनमें इन लोगों के दो क्लब सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहते थे। जिसमें पहला क्लब गृह कलीसिया के नाम से संचालित होता था। जिसमें गांव स्तर पर ईसाई धर्म को अपना लेने वाला युवक अपने घर में अस्थाई रूप से चर्च का संचालन कर प्रार्थना सभा कर लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने व ईसाई धर्म की खूबियां गिनाकर उन्हें प्रभावित करता था। लोगों को झांसे में लेने के बाद उनका धर्म परिवर्तन करवाने का काम करते था। वहीं दूसरा समूह अवाना जोकि विशेष तौर पर बच्चों को धर्मांतरण करवाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के ओर से वीडियो बाइबिल रीडिंग स्कूल, वोकेशनल सेंटर, प्रौढ़ शिक्षा केंद्र, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र आदि का संचालन किया गया। यहां तक कि धर्मांतरण के बाद जिले में ईसाई धर्म में सबसे परिपक्व हो जाने वाले व्यक्ति को जिला स्तर का पादरी आदि भी घोषित कर देते थे।

कन्नौज में हुई चूक से ली सीख, तत्परता से की कार्रवाई
कन्नौज में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने अपनी लिखा-पढ़ी में चूक कर दी थी। कन्नौज में हुई किरकरी से पुलिस ने धर्मांतरण के मकड़जाल से निकलने के प्रयास में जुटे निबौली निवासी रामभरोसे की शिकायत पर गंभीरता दिखाई। पीड़ित ने पुलिस को आरोपियों की मदद के नाम पर प्रलोभन देने से लेकर धर्मांतरण आदि कराने का चिट्ठा खोला, तो पुलिस ने भी लिखा-पढ़ी में पीड़ित की सुरक्षा व आरोपियों पर कार्रवाई करने में कसर नहीं छोड़ी। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दर्ज की गई प्राथमिकी में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5(1)/5(2)/5(3) लगाई है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस अधिनियम की धारा 3 किसी महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति के लोगों के साथ धोखाधड़ी कर धर्मांतरण कराने पर लगाई जाती है। इसमें करीब पांच साल की सजा हो सकती है। धारा 5(1) की जबरन धर्मांतरण को दर्शाती है। इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। धारा 5(2) धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग को दर्शाती है। इसमें अधिकतम 14 साल की सजा व अर्थदंड का प्रावधान है।

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व्यापारिक गतिविधियों की तरह फैला रहे थे मकड़जाल
व्यवसायिक कंपनियां व चिट फंड कंपनियां जिस प्रकार से एक चेन से लोगों को जोड़कर अपना कारोबार बढ़ाती हैं। कारोबार को एक नियत स्तर पर लाभ पहुंचाने पर संबंधित सदस्य को उपहार भी देती हैं। ठीक इसी तरह धर्मांतरण गिरोह के सदस्य भी अनुसूचित जाति के लोगों का धर्म परिवर्तन करवाने के लिए प्रयोग करते थे। पहले यह कुछ लोगों को मदद के नाम पर अपने झांसे में लेते थे। इसके बाद तय स्थान पर होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होने के 200 रुपये देते थे। ईसाई धर्म का प्रचार करने व धर्मांतरण करवाने वाले लोगों को कौशल संबंधी प्रशिक्षण देने के साथ छह से 10 हजार रुपये मासिक वेतन के रूप में देते थे। इसके बाद नए लोगों को जागरूक कर धर्मांतरण करवा देने पर भी उनको उपहार के रूप में तय धनराशि मुहैया करवाते थे। इसके साथ ही अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भी खर्चा देते थे।

सर्विलांस व साइबर टीम की मदद से मिले थे सुराग
कन्नौज में धर्मांतरण गिरोह के सदस्य पन्नालाल से पूछताछ के बाद सक्रिय हुई कानपुर देहात की सर्विलांस व साइबर टीम ने पन्नालाल से फोन पर संपर्क करने वाले लोगों की जांच कर कड़ी से कड़ी जोड़कर बाढ़ापुर स्थित धर्मांतरण गिरोह के सदस्यों के गिरेबान तक जा पहुंची। पुलिस अब इन आरोपियों के खातों में देश व विदेश से हुई फंडिंग आदि की जांच में जुटी है।

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कन्नौज के अलावा आसपास के जिलों में भी फैले हो सकते हैं तार
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य प्रदेश व अन्य प्रांतों में होने वाले आयोजन में भी शामिल होने जाते थे। कन्नौज में पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया था। मिर्जापुर में भी दिसंबर माह में धर्मांतरण के मामले सामने आए थे। पुलिस आरोपियों के बार्डर के जिले औरैया, जालौन, कानपुर नगर के साथ फतेहपुर, झांसी, चंदौली आदि स्थानों पर तार फैले होने को लेकर छानबीन में जुटी है।

करीब एक माह से एसआईटी जुटा रही थी सुराग
पुलिस को कन्नौज से इनपुट मिलने के बाद एसआईटी टीम काम कर रही थी। इसमें इंटेलीजेंट इनपुट भी जुटाए गए। इसके बाद यह पता चला कि अकबरपुर में धर्म परिवर्तन की एक्टिविटी हो रही है। नवाकांती सोसाइटी के नाम से अकबरपुर में एक स्किल डेवलपमेंट एकेडमी संचालित थी। पुलिस को पता चला है कि डेनियल शरद सिंह का मूल नाम शरद सिंह है धर्म बदलने के बाद शरद सिंह के साथ डेनियल जोड़ा।

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आंध्रप्रदेश से जुड़े तार खंगाल रही पुलिस
धर्मांतरण के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की है। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया नवाकांती सोसाइटी पूर्व में स्कूल के रूप में संचालित थी। पुलिस छानबीन में कुछ आईडी मिली है, जिन्हें संस्था के लोगों द्वारा एकत्र किया गया था। इससे यह पता चल सकेगा, कितने लोगों का अब तक धर्मांतरण कराया। जांच में मिले अभिलेख व बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है। जिससे यह पता लगाया जा सके इसमें कहां से तार जुड़े हैं। एसपी ने बताया कि कन्नौज में कार्य हुआ, उसका भी जिले से लिंक है। इनकी संस्था आंध्रप्रदेश के मछली पटनम से पंजीकृत है, हो सकता है संस्था से जुड़े लोगों के और बड़े लिंक हो, इसकी भी गहना से जांच की जा रही है।

पुलिस के हाथ लगी फोटो में दिख रहे विदेशी, फंडिंग की होगी जांच
एसआईटी की जांच में पकड़े गए आरोपियों के रिकार्ड से कुछ पुरानी फोटो हाथ लगीं हैं। साथ ही दर्ज कराई गई एफआईआर में रामभरोसे ने विदेश से संस्था को फंडिंग किए जाने के आरोप लगाए हैं। इस पर भी पुलिस कड़ी से कड़ी मिलाकर बारीकी से जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि पुलिस को कुछ फोटो मिली हैं। इसमें कुछ फोटो में 15 से 20 व कुछ में 40 से 50 लोग बैठकर बाइबल पढ़ते दिख रहे हैं। इसमें कुछ विदेशी दिखने वाले लोग भी प्रार्थना करते दिख रहे हैं। इस आधार पर फोटो व बैंक अकाउंट का आकलन किया जा रहा है।

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युवाओं को जोड़ने के लिए ईसाई धर्म अपनाने पर देते थे जोर
पुलिस को रामभरोसे ने बताया कि वह खेती किसानी करता है। 10 पूर्व उसकी जब नवाकांति सोसाइटी में हरिओम से मुलाकात हुई तो उसने बेरोजगार युवाओ को जोड़ने के लिए कहा। धीरे-धीरे कर कई लोग संस्था से जुड़ गए। कुछ महिलाएं भी जुड़ गईं। जिन्हें सिलाई मशीन व रुपये दिए जाने का लालच दिया जाने लगा। बताया कि जब लोग जुड़ने लगे तो ईसाई धर्म की प्रार्थना होने लगी। इस बीच लोगों को ईसाई धर्म के उपदेश सुनने के लिए मेमोरी कार्ड दिए जाते थे। कुछ को रेडियो भी दिए गए। संस्था में दो लोग पैंट शर्ट पहन कर आते थे, जिनका नाम कभी नहीं बताया गया। वह जय मसीह से अभिवादन कर अपनी बात शुरू करते थे और जब बात खत्म होती थी तो भी जय मसीह बोलते थे। कन्नौज के ठठिया में संस्था का पन्नालाल पकड़ा गया तो मुझे पता चला कि धर्म बदलना कानूनी रूप से गलत है। यह लोग लोगों से बेरोजगारी व उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन करा रहे है तो उसने विरोध किया। तीनों ने उसे धमकाया तब उसने पुलिस की शरण ली।

 

Kanpur Accident: तेज रफ्तार DCM ने बाइक को रौंदा; मां-बेटे की मौके पर मौत, चाची की हालत नाजुक…हैलट रेफर

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कानपुर के घाटमपुर में सजेती थाना क्षेत्र के कैथा चौराहे के समीप रविवार को तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। भीषण हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे सीएचसी से हैलट रेफर किया गया है।

साढ़ थाना क्षेत्र के सूलपुर निवासी अर्पित पाल (17) पुत्र मथुरा पाल अपनी मां अनीता पाल (50) और चाची आकांक्षा (35) पत्नी गोकुल पाल के साथ बाइक से अपनी बुआ के नवजात बेटे की मौत होने पर झंडापुर कोरिया जा रहे थे। जैसे ही बाइक कैथा चौराहे के पास पहुंची तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्पित और उसकी मां की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजन रो-रोकर बेहाल
वहीं, आकांक्षा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को एंबुलेंस द्वारा सीएचसी घाटमपुर पहुंचाया। यहां हालत गंभीर देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया। वहीं, दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक अर्पित अपनी दो बहनों, श्रद्धा (उर्फ रोली पाल) और सपना पाल का अकेला भाई था। इकलौते बेटे और मां की एक साथ मौत से पिता सत्येंद्र पाल और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

kanpur: शराब पीने को लेकर हुए विवाद में पत्नी और ढाई साल के बच्चे की हत्या, आरोपी युवक फरार… पुलिस मौके पर

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घाटमपुर क्षेत्र के गोपालपुर के मजरा सर्देपुर में शराब पीने को लेकर पत्नी से विवाद होने पर युवक ने पत्नी व ढाई साल के बच्चे को धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। आरोपी फरार है और पुलिस मौके पर पहुंचकर पड़ताल कर रही है। पत्नी पांच माह की थी गर्भवती फिर भी…
आरोपी सुरेन्द्र कमाई को लेकर लगातार कुछ नहीं करता था। वह कभी ट्रक में खलासी का काम कर लेता था तो कभी मजदूरी करता था। घर का खर्च भी बमुश्किल चलता था। इसके बाद उस कमाई को शराब के नशे में उड़ाता रहता था। इसी बात को लेकर उसका पत्नी रूबी से अक्सर विवाद होता रहता था।

रूबी मौजूदा समय पांच माह की गर्भवती थी। बावजूद इसके विवाद होने पर सुरेन्द्र का दिल नहीं पसीजा और उस पर इस कदर गुस्सा हावी हुआ कि गर्भवती पत्नी रूबी व बच्चे लवांश पर धारदार हथियार से हमला कर दोनों को मौत के घाट उतर दिया।

घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर पड़ताल कर रही है। 

Auraiya News: रील की लत बच्चों व महिलाओं को कर रही बीमार

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औरैया। सोशल मीडिया अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। वहीं, मोबाइल पर रील की लत बच्चों और महिलाओं के लिए परेशानी बनती जा रही है।इससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति में गिरावट आ रही है। याद रखने की क्षमता भी कमजोर हो रही है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ने से ऐसे लोग मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज चिचौली के मनोरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों रोजाना पांच से सात लोग ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा और मनोदशा को लेकर समस्या बढ़ रही है। इनमें सोचने-समझने का स्तर सामान्य से काफी कम पाया जा है। मनोरोग चिकित्सक के सवाल जवाब में मरीजों की मनोदशा उभरकर सामने आ रही है। खास बात तो यह है कि इन मरीजों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी आयु छह से 12 साल के बीच है।मनोचिकित्सक डॉ. अनामिका राजपूत बताती हैं कि अधिकांश मामलों में कारण मोबाइल की बढ़ती लत है। घंटों रील देखने से छोटे बच्चों में यह समस्या चिड़चिड़ेपन के तौर पर सामने देखी जा रही है। अक्सर बच्चे के रोने या परेशान करने पर अभिभावक उसे मोबाइल देकर बैठा देते हैं। महिलाएं खुद भी मोबाइल पर रील देखना और बनाना बहुत पसंद कर रही हैं। ऐसे में उनकी सोचने-समझने की शक्ति प्रभावित हो रही है। महिलाओं में सिरदर्द की समस्या भी सामने आ रही है। नवंबर से अब तक करीब 130 ऐसे मरीज मानसिक रोग विभाग में पहुंचे।

डॉक्टर ने बताया कि ऐसे में लोगों की काउंसलिंग कर मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही बच्चों के साथ अभिभावकों को अधिक समय बिताने के लिए कहा जा रहा है।

अभिभावक ये कर सकते हैं

– मोबाइल का सीमित प्रयोग करें और बच्चों को भी सचेत करते रहें।
– तीन साल की उम्र के बाद बच्चे को सिर्फ एक घंटे ही टीवी देखने दें।

-खाना खिलाते या दूध पिलाते समय बच्चे से बात करें, मोबाइल से दूर रखें।

– खाना खाते समय अभिभावक भी टीवी व मोबाइल न देखें।

– बच्चों के सामने मोबाइल का प्रयोग करने से बचें।

जिद्दीपन की प्रवृति बढ़ रही
मोबाइल का ज्यादा प्रयोग हमें मानसिक तौर पर कमजोर बनाता है। मोबाइल की वजह से बच्चों में कई समस्याएं बढ़ गई हैं। लोगों में सोचने व समझने की शक्ति कमजोर पाई जाती है। झगड़ा और जिद्दीपन की प्रवृति भी देखने को मिल रही है। ऐसे बच्चों-महिलाआें व अभिभावकों को काउंसलिंग की जरूरत है। मरीजों को उपचार के साथ ही रील की लत दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
-डॉ. अनामिका राजपूत, मनोचिकित्सक

दिबियापुर ट्रेनें निरस्त रहने से यात्री रहे परेशान

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दिबियापुर। फफूंद स्टेशन पर ट्रेनों के घंटों विलंब से आने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । रविवार को आगरा लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, गोविंदपुरी अलीगढ़ पैसेंजर व अप महानंदा एक्सप्रेस निरस्त रहीं।इसके अलावा कानपुर की ओर जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस तीन घंटे, टूंडला से कानपुर सेंट्रल मेमू 30 मिनट लेट रही। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 45 मिनट, नेताजी एक्सप्रेस 45 मिनट, डाउन महानंदा 1:15 घंटे व गोमती एक्सप्रेस 30 मिनट लेट पहुंची।

वहीं, इटावा की ओर जाने वाली अवध एक्सप्रेस 45 मिनट, फतेहपुर से इटावा जाने वाली पैसेंजर 30 मिनट व टूंडला मेमू एक घंटे लेट रही। (संवाद)

Auraiya News: नालों से गुजरी पेयजल पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त, आ रहा गंदा पानी

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औरैया। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद भले ही प्रशासन अलर्ट मोड में होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।शहर में नाले-नालियों में पड़ी क्षतिग्रस्त और लीकेज पाइप लाइनें साफ बता रही हैं कि गंदा पानी लोगों के घरों पहुंच रहा है। इसे लेकर लोग परेशान हैं।
नगर पालिका की कार्रवाई फिलहाल सिर्फ कागजों और सीमित सुधारों तक सिमटी नजर आ रही है। व्यापक स्तर पर न तो पाइप लाइनें बदली जा रही हैं और न ही लीकेज को स्थायी रूप से ठीक किया जा रहा है।
शहर के गोविंदनगर इलाके में जिस पाइप लाइन से पेयजल की आपूर्ति होती है, वह एक गंदे नाले के अंदर से होकर गुजर रही है। नाले में इतना कचरा भरा है कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल है। इसी नाले में पाइप लाइन लीक है, इससे नाले का गंदा पानी सीधे पाइप के जरिये घरों तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है।वहीं, सत्ती तालाब के सामने स्थित गुरहाई मोहल्ले में पेयजल कनेक्शनों की हालत और भी चिंताजनक है। यहां क्षतिग्रस्त पाइपों के कारण नाली का पानी सप्लाई लाइन में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी में दुर्गंध और गंदगी आती है।

उधर, नियम के मुताबिक पानी की टंकी की सफाई हर छह महीने होती है। सफाई होने की तिथि टंकी पर अंकित की जाती है, लेकिन शहर की किसी भी पानी की टंकी पर सफाई की तारीख दर्ज नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टंकियों की सफाई कब हुई या हुई भी है या नहीं।


क्लोरीन मिल रहा या नहीं, कोई रिकॉर्ड नहीं
पानी को शुद्ध करने के लिए टंकियों में क्लोरीन डोजर लगाए गए हैं, लेकिन किस टंकी में कितना क्लोरीन डाला जा रहा है, इसका कोई लिखित रिकॉर्ड नगर पालिका के पास उपलब्ध नहीं है। इससे पानी की शुद्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बुधवार को आएगी सैंपल की रिपोर्ट
दो पानी की टंकियों में खराब क्लोरीन डोजर ठीक कराने के बाद नगर पालिका ने शहर की सभी 12 पानी की टंकियों से सैंपल लेकर जल निगम की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट बुधवार को आने की संभावना है, इससे यह स्पष्ट होगा कि शहरवासी अब तक दूषित पानी पी रहे थे या नहीं।

क्षतिग्रस्त लाइनों की जानकारी की जा रही है। इन्हें ठीक कराया जाएगा। टंकियों से पानी के सैंपल लिए गए थे, बुधवार तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
– विपिन कुमार सिंह, अवर अभियंता, नगर पालिका

फोटो-32-गोविंदनगर की पाइपलाइन गंदे नाले में क्षतिग्रस्त हालत में। संवाद

Auraiya News: कांग्रेसियों ने किया उपवास और प्रदर्शन

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औरैया। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर 40 दिवसीय मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को जनपद में इस आंदोलन की शुरूआत की गई। जिला कोऑर्डिनेटर रामानंद चौबे व जिलाध्यक्ष सरिता दोहरे की मौजूदगी में शहीद पार्क में उपवास व विरोध प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने कहा भाजपा सरकार ने मनरेगा को जानबूझकर बीमार बना दिया है। इस दौरान यह संकल्प लिया गया कि मनरेगा बचाओ संग्राम को जनपद के ब्लॉक, पंचायत और गांव तक पहुंचाकर जन संघर्ष खड़ा किया जाएगा।

उपवास में वरिष्ठ नेता मखलू पांडे, कृष्ण चंद्र गोयल, बृजकिशोर पांडे, दिलीप तिवारी, त्रिलोकीनाथ गुप्त, प्रवीण गुप्त, गिरीश सिकरवार, प्रेम चंद्र गुप्ता, रामू पाठक, अशोक शर्मा, अरविंद वाजपेई, शिवनाथ सिंह सेंगर आदि शामिल रहे।

Auraiya News: युवक को गोली मारने के मामले में एजेंसी कर्मचारी को पुलिस ने पकड़ा

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औरैया। शहर में युवक आशुतोष को गोली मारने के मामले में पुलिस ने कार एजेंसी समेत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले।पुलिस वहां से अहम सुराग मिलने के बाद नामजद कर्मचारी को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। वहां वारदात को लेकर कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। मामले में पीड़ित ने देर शाम दो नामजदों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
शहर से सटे गांव करमपुर निवासी आशुतोष तिवारी (23) की कार दिबियापुर रोड स्थित टाटा एजेंसी पर क्लेम के लिए खड़ी थी। शनिवार को एजेंसी से फोन आने के बाद गांव निवासी गोपाल के साथ पीड़ित एजेंसी पहुंचा। काम पूरा नहीं मिलने पर वह कार लेकर गांव के लिए चल दिया। नहर पुल के पास दो बाइक सवार चार आरोपियों ने कार पर फायरिंग शुरू कर दी। कमर में गोली लगने से कार चला रहा आशुतोष घायल हो गया था। उसके साथ में मौजूद गोपाल ने वारदात की जानकारी पुलिस को दी थी।अस्पताल में भर्ती आशुतोष ने पुलिस को साजिश के तहत बुलाकर जानलेवा हमले की बात कही। एसपी के निर्देश पर वारदात के बाद तीन टीमों काे लगाया गया था। रविवार को कोतवाली पुलिस एजेंसी पर पहुंची। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। मौजूद कर्मचारियों से वारदात के बारे में पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को वहां से कुछ साक्ष्य मिले। इसके बाद नामजद कर्मचारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कर्मचारी ने पुलिस को पर्याप्त जानकारी दी है, इससे पुलिस दूसरे आरोपी तक पहुंच गई है।

एजेंसी के कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को घटना से संबंधित काफी साक्ष्य मिले गए हैं। पीड़ित द्वारा तहरीर दे दी गई है। जल्द प्राथमिकी दर्ज कर खुलासा किया जाएगा।

Auraiya News: पहले सेमीफाइनल में मैनपुरी की टीम विजेता

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औरैया। तिलक स्टेडियम में रविवार देर रात तक वॉलीबॉल टूर्नामेंट चलता रहा। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में रविवार शाम पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लखनऊ को हराकर मैनपुरी की टीम ने जीत दर्ज की। वहीं, देर रात तक दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला चलता रहा।महाविद्यालय के तिलक क्लब की ओर से वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। स्टेडियम में शनिवार को भाजपा नेता संतोष शर्मा व मन्नू तोमर ने परिचय सत्र के साथ टूर्नामेंट का शुभारंभ किया था। रविवार सुबह से शुरू हुए टूर्नामेंट में बारी-बारी कई टीमों ने अपना हुनर दिखाया। शाम को खेले गए पहले सेमीफाइनल में लखनऊ को हराकर मैनपुरी ने जीत दर्ज की। वहीं, ग्वालियर व मथुरा के बीच देर शाम दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया, जो देर रात तक चलता रहा।

इस आयोजन को लेकर दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। तिलक महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रवक्ता विनय द्विवेदी ने बताया कि पहले सेमीफाइनल में विजेता रही मैनपुरी की टीम अब दूसरी विजेता टीम से खेलेगी।