Thursday, February 12, 2026
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Lucknow News: एमबीए करने के लिए लिया 27 लाख का लोन, बैंक ने बंधक के रूप में जमा कराई घर की रजिस्ट्री खो दी, कोर्ट ने लगाया 1.30 लाख का जुर्माना

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बंधक के रूप में बैंक में जमा कराई गई मकान की रजिस्ट्री गुम हो जाने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम की अदालत ने आदेश दिया है कि बैंक वादी को एक लाख 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दे। वादी ने बैंक से 27 लाख रुपये का लोन लिया था और तय समय सीमा में पूरा लोन भी बैंक को अदा कर दिया था। नो ड्यूज मिलने के बाद जब वादी ने बैंक से रजिस्ट्री वापस मांगी तो बैंक की ओर से बताया गया कि वह कहीं गुम हो गई है।इंदिरा नगर निवासी अभिमन्यु यादव ने 4 जुलाई 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम की अदालत में परिवाद दाखिल किया था। इसमें उन्होंने बताया था कि यूके से एमबीए करने के लिए उन्होंने 13 जून 2014 को 27 लाख के लोन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विपुलखंड गोमतीनगर स्थित शाखा में आवेदन किया था। 22 सितंबर 2014 को उन्हें लोन दिया गया जिसकी अदायगी 120 समान किश्तों में करनी थी। इसके एवज में परिवादी के पिता ने इंदिरानगर स्थित अपने घर की रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज को बैंक के पास बंधक के रूप में जमा कराया था। 17 जुलाई 2021 में समस्त राशि की सभी किश्तों का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद बैंक की ओर से 31 जुलाई 2021 को नो-ड्यूज भी जारी कर दिया गया। इसके बाद जब बैंक से घर की रजिस्ट्री के दस्तावेज मांगे गए तो बताया गया कि दस्तावेज कहीं गुम हो गए हैं।

परिवाद के संबंध में बैंक को समन भी भेजा गया लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष नीलकंठ सहाय ने इस संबंध में पिछले माह आदेश पारित किया कि बैंक परिवादी को दस्तावेज खोने की क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपये, मानसिक, शारीरिक व आर्थिक नुकसान के लिए 20 हजार और वाद व्यय के लिए 10 हजार रुपये का भुगतान करे।

Lucknow News: इस बार पूरा दिन भाई बंधवा सकेंगे राखी, नहीं लगेगी भद्रा

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लखनऊ। इस बार भद्रा का मान न होने से रक्षाबंधन पर शनिवार को भाई अपनी बहनों से पूरा दिन राखी बंधवा सकेंगे। पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। 9 अगस्त की सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक पूर्णिमा तिथि में राखी बंधवाने का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद अपराह्न काल और प्रदोष काल में भी राखी बंधवाई जा सकेगी।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस बार भद्रा 8 अगस्त शुक्रवार को दिन में .02:12 से शुरू होकर देर रात 01:52 तक ही है। 9 अगस्त प्रात: से भद्रा नहीं होगी। इस बार रक्षाबंधन के दिन सौभाग्य योग का संयोग बन रहा है। सौभाग्य योग का समापन 10 अगस्त को देर रात 02:15 बजे पर होगा। इसके बाद शोभन योग का निर्माण होगा। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग सुबह 05:47 बजे से लेकर दोपहर 02:23 बजे तक है। इसके साथ ही श्रवण नक्षत्र दोपहर 02:23 बजे तक है। रक्षाबंधन के समय यह मंत्र बोलकर राखी बंधवाएं – येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे माचल माचल।

चारबाग रेलवे स्टेशन से एनईआर का कैब-वे मार्ग बारिश से हुआ जर्जर, 500 मीटर में सैकड़ों गड्ढे

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राजधानी लखनऊ स्थित चारबाग रेलवे स्टेशन से एनईआर की ओर जाने के लिए बना कैबवे की सड़क बारिश से जर्जर हो चुकी है। यहां गड्ढों में जलभराव से आने जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्किंग कर्मी इस सड़क का अलग-अलग वाहनों से अलग-अलग शुल्क वसूल रहे हैं। जबकि, यह शुल्क सड़क को दुरुस्त और रास्ते को सुविधाजनक बनाने के लिए लिया जा रहा है। रास्ते की हकीकत अलग ही तस्वीर बयां कर रही है। इस 500 मीटर की सड़क में हजारों गड्ढे हैं। वहीं इस रास्ते से गुजरने वालों वाहनों की संख्या भी हजारों की तदाद में है।

Lucknow News: भगवान विष्णु को पाताल लोक से वापस लाने के लिए देवी लक्ष्मी ने बांधी थी राक्षस राज बलि को राखी

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पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया, तो उनकी अंगुली से खून बहने लगा। द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर उनकी अंगुली पर बांध दिया। इसके बदले में, कृष्ण ने द्रौपदी को हर संकट से बचाने का वचन दिया था।एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार के रूप में राक्षस राज बलि से तीन पग में उनका सारा राज्य मांग लिया था और उन्हें पाताल लोक में निवास करने को कहा था। तब राजा बलि ने भगवान विष्णु को अपने मेहमान के रूप में पाताल लोक चलने को कहा। जिसे विष्णुजी मना नहीं कर सके। लेकिन जब लंबे समय तक श्री हरि अपने धाम नहीं लौटे तो लक्ष्मीजी को चिंता होने लगी। तब नारद मुनि ने उन्हें राजा बलि को अपना भाई बनाने की सलाह दी। अपने पति को वापस लाने के लिए माता लक्ष्मी गरीब स्त्री का रूप धारण कर राजा बलि के पास पहुंच गईं और उन्हें अपना भाई बनाकर राखी बांध दी। इसके बदले उन्होंने भगवान विष्णु को पाताल लोक से ले जाने का वचन मांग लिया। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा थी और माना जाता है कि तभी से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाने लगा है।

आज पूरे दिन बंधवा सकेंगे राखी

इस बार भद्रा का मान न होने से रक्षाबंधन पर शनिवार को भाई अपनी बहनों से पूरा दिन राखी बंधवा सकेंगे। पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। 9 अगस्त की सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक पूर्णिमा तिथि में राखी बंधवाने का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद अपराह्न काल और प्रदोष काल में भी राखी बंधवाई जा सकेगी।

Lucknow News: एक खजाना नहीं, आजादी का सपना था काकोरी ट्रेन एक्शन

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अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह पर आज शुक्रवार को ‘एक खजाना नहीं, आजादी का सपना था काकोरी ट्रेन एक्शन’ विषय पर परिचर्चा, निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शहीदों के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने कहा कि 9 अगस्त, 1925 वह तारीख है जब क्रांतिकारियों ने उत्तर प्रदेश के काकोरी से गुजरने वाली एक ट्रेन से राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए धन एकत्र करने के मकसद से खजाने को लूटा था। इस घटना का मकसद था कि पैसों से हथियार खरीदे जाएं और अंग्रेजों के खिलाफ उनका इस्तेमाल किया जाए। सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य अवधेश ने बताया कि यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जब हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों ने लखनऊ से सहारनपुर जा रही अंग्रेजी सरकार के खजाने को ले जा रही ट्रेन को रोका था, जिसका उद्देश्य आजादी का सपना था। संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, डॉ. धीरेंद्र सिंह, अरुणेश मिश्र और वनराज आदि ने भी संबाेधित किया।

परिचर्चा के अलावा निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता भी हुई। चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रा रचना मौर्या को प्रथम, अंजलि को द्वितीय तथा उर्वशी यादव को तृतीय पुरस्कार के अलावा पांच अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा को प्रथम, काव्या मौर्या को द्वितीय, यश कुमार को तृतीय पुरस्कार और पांच अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न एवं सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

Lucknow News: बारिश से बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी

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लखनऊ। राजधानी में शहर से लेकर गांव तक बीते बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह तक रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। कहीं पर यह बिजली भूमिगत केबल में फॉल्ट और कहीं पर इंसुलेटर के दगने के कारण गुल हुई है। हालाकि, पूरी रात अभियंता और कर्मचारी बंद बिजली को चालू करने के लिए जूझते रहे। सबसे ज्यादा नादरगंज और मलिहाबाद के इलाकों में उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उपकेंद्र अम्बेडकर यूनिवर्सिटी की 33 केवी लाइन पीजीआई में ब्रेकडाउन होने पर अल्टरनेटिव सोर्स 33 केवी नादरगंज से विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। मगर कुछ देर तक उपभोक्ताओं को बिजली संकट से रूबरू होना पड़ा।विद्युत उपकेंद्र उतरेटिया न्यू की 33 केवी लाइन नादरगंज ब्रेकडाउन में आ गई है। पेट्रोलिंग का कार्य कराया जा रहा है।
अल्टरनेटिव सोर्स 33 केवी एसजीपीजीआई से विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई। इसी उपकेंद्र से नीलमथा सहित आसपास की बिजली बंद है।
उतरेटिया ओल्ड विद्युत उपकेंद्र के बलदेव विहार की बिजली बंद हुई।

गोमती नगर से राजाजीपुरम तक आवाजाही

बारिश के कारण गोमती नगर से राजाजीपुरम तक और हजरतगंज से ठाकुरगंज तक शुक्रवार सुबह कई राउंड उपभोक्ताओं को बिजली की आवाजाही का संकट झेलना पड़ा। उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि पेटी फ्यूज जलने और इंसुलेटर दगने के कारण बिजली आपूर्ति में ज्यादा बाधा आ रही है।

UP: बच्ची की जिद पर सीएम योगी ने खाई मिठाई… राखी बंधवाकर दिया आशीर्वाद, देखें तस्वीरें

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खुलासा: छांगुर और पूर्व विधायक के गठजोड़ से हड़पी गईं जमीनें, डीएम की रिपोर्ट से हुई गड़बड़ियों की पुष्टि

अवैध धर्मांतरण का मुख्य आरोपी छांगुर उर्फ जमालुद्दीन सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था। वह सत्ता और सिस्टम के गठजोड़ से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जेब भरकर जमीनों पर कब्जे की बड़ी साजिश का भी सूत्रधार था। एटीएस की जांच में सामने आया है कि बलरामपुर में छांगुर और एक पूर्व विधायक ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी व विवादित जमीनें हड़पी हैं। अब तहसील स्तर के उन कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है, जो दस्तावेज में हेरफेर कर छांगुर और उसके नेटवर्क को फायदा पहुंचाते थे। इस काम में सहयोग करने वाले तबके थानेदार और चौकी प्रभारी तक ने पूरा खेल किया।एटीएस ने जिन दस्तावेज की जांच शुरू की है, उनमें विवादित जमीनों की रजिस्ट्री, खसरा-खतौनी में बदलाव के कागजात, संदिग्ध ट्रस्टों के बैंकिंग लेनदेन और योजनाओं के लाभार्थियों की सूची शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि यही वह रास्ता था, जिससे छांगुर और पूर्व विधायक ने अपनी जड़ें मजबूत कीं। नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र में धर्मांतरण का विस्तार किया।

ऐसा नहीं कि इस सब से पुलिस अनजान थी, लेकिन सिस्टम के गठजोड़ से छांगुर का साम्राज्य बढ़ता गया। बलरामपुर से उपलब्ध रिकॉर्ड गवाही दे रहे हैं कि किस तरह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर धर्मांतरण की आड़ में जमीनों पर कब्जा किया गया। छांगुर को हर स्तर से संरक्षण दिया गया। 

डीएम की रिपोर्ट ने पुलिस के साथ राजस्व विभाग की भी खोली थी पोल

साल 2024 में बलरामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने शासन को भेजी रिपोर्ट में पुलिस के साथ ही तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। उतरौला, गैड़ास बुजुर्ग और सादुल्लानगर क्षेत्र में कई जमीनों के मामले जानबूझकर लटकाए गए या कमजोर जांच की गई, जिससे कि एक पक्ष विशेष को फायदा पहुंचे। रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्षों के साथ ही राजस्व निरीक्षकों और तत्कालीन नायब तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। अब छांगुर मामले की जांच कर रही एटीएस भी डीएम की रिपोर्ट की पुष्टि करती नजर आ रही है।

गिरोह की तरह काम करता था नेटवर्क

– इस खेल में सिर्फ छांगुर ही नहीं था। उसका नेटवर्क एक संगठित गिरोह की तरह काम करता था, जिसमें तहसील के कर्मचारी, स्थानीय राजस्व निरीक्षक, पुलिस और कुछ राजनीतिक चेहरे शामिल थे। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची से लेकर ट्रस्टों की आड़ में जमीन खरीद-फरोख्त तक सब कुछ योजनाबद्ध ढंग से अंजाम दिया गया।

एटीएस ने इनपर भी शुरू किया काम

– पूछताछ की तैयारी, दो अधिकारियों की संपत्ति भी जांच के दायरे में
– विवादित जमीनों की रजिस्ट्री व दाखिल-खारिज के दस्तावेज
– संदिग्ध ट्रस्टों के रजिस्ट्रेशन व बैंकिंग रिकॉर्ड
– सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची
-पुराने शिकायतपत्र व बयान-धर्मांतरण मामले की केस डायरी

UP News: जमानत पर रिहा हो चुका निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश का करीबी निकांत जैन, आरोपी पर दर्ज थी कुल चार FIR

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निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश का करीबी निकांत जैन जमानत पर रिहा हो चुका है। आरोपी पर कुल चार एफआईआर दर्ज थी। इनमें से एक केस में पहले जमानत मिल गई थी। वजीरगंज में दो और हजरतगंज थाने में एक एफआईआर और दर्ज थी। अब तीनों मामलों में ही इंवेस्ट यूपी के बिचौलिये निकांत को जमानत मिल चुकी है।

सोलर कंपनी का प्रोजेक्ट मंजूर करने के लिए कमीशन मांगने वाले इंवेस्ट यूपी के निलंबित सीईओ अभिषेक प्रकाश का करीबी निकांत जैन जमानत पर रिहा हो गया है। आरोपी के खिलाफ कुल चार एफआईआर दर्ज थी। इसमें गोमतीनगर थाने में आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार की एफआईआर के मामले में उसे पहले ही जमानत मिल गई थी।आरोपी के खिलाफ वजीरगंज थाने में दो और हजरतगंज थाने में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। इन तीनों मामलों में भी आरोपी को जमानत मिल गई है। निकांत जमानत पर रिहा हो चुका है। बृहस्पतिवार को निकांत और उसके करीबियों के ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा। खास बात ये है कि शुरू से ही इस प्रकरण में पुलिस की लापरवाही देखने को मिली।

अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है

भ्रष्टाचार के मामले में निकांत जब जेल में बंद था तब समय से उसकी कस्टडी रिमांड की अर्जी नहीं दी गई। देर से अर्जी देने के कारण भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह ने तब कस्टडी रिमांड देने से इंकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि निकांत जैन को जिन आरोपों में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है, उसमें उसे अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है।

जिन मामलों में दस साल तक की सजा का प्रावधान है, उनमें अगर आरोपी जेल में है तो पुलिस को अधिकतम 60 दिनों में चार्जशीट दायर करनी होती है। ऐसे मामले में पुलिस को 40 दिन के भीतर पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट में आवेदन कर देना चाहिए, लेकिन इस मामले के विवेचक एसीपी विनय कुमार द्विवेदी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लगभग 44 दिन के बाद पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की अर्जी दी। इसकी वजह से अर्जी खारिज कर दी गई।

 

23 मार्च से जेल में बंद था आरोपी

एसटीएफ ने निकांत को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कर 23 मार्च को जेल भेज दिया गया। इस मामले में 31 मई को आरोपी को जमानत मिल गई। इस बीच वजीरगंज में एफआईआर हुई और 27 मई को जेल में वारंट भेजा गया।

आरोपी की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। 22 जुलाई को एसीजीएम कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद पुलिस की ओर से नौ जून को हजरतगंज में दर्ज एफआईआर का वारंट नौ जून को जेल में भेजा गया। इस मामले में भी आरोपी को सीजेएम 4 की कोर्ट ने 24 जुलाई को जमानत दे दी। इसके बाद आरोपी जेल से छूट गया।

यह है मामला

सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने की इकाई लगाने के लिए आईएएस के नाम पर निकांत ने कंपनी संचालक विश्वजीत दत्ता से एक करोड़ रुपये रिश्वत ली थी। इस मामले में विश्वजीत की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में निकांत के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। एसआईटी की ओर से करीब 1600 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी।

UP Teacher Transfer: बेसिक शिक्षा विभाग के 5378 शिक्षकों का हुआ तबादला, पढ़ें पूरा अपडेट

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यूपी में बेसिक शिक्षा विभाग के 5378 शिक्षकों का तबादला किया गया है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा परिषद ने तबादला सूची जारी की। वहीं जिन स्कूलों का विलय निरस्त हो गया है, उनके शिक्षक अपने विद्यालय में ही तैनात रहेंगे।

यूपी: कैबिनेट की बैठक आज, हो सकते हैं ये महत्वपूर्ण फैसले; अटलजी के नाम पर छात्रवृति योजना को मिलेगी मंजूरी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक होगी। जिसमें पूर्व पीएम अटल बिहारी अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू करने, विलय के बाद खाली विद्यालयों में बाल वाटिका खोलने समेत एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।

इसके अलावा कैबिनेट में पंचायतीराज और स्थानीय निकायों को वित्त आयोग की अंतरित रिपोर्ट, बाराबंकी और मथुरा में निजी विश्वविद्यालय खोलने और सीएजी रिपोर्ट को विधानमंडल में रखने के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। कारागार में बंद कैदियों को खाने के लिए गेहूं और चावल की आपूर्ति के लिए नई नीति, शहरी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार होर्डिंग लगाने का ठेका 15 साल तक देने के लिए नगर निगम अधिनियम में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।

मंत्रिमंडल और अफसरों के साथ भी बैठक

कैबिनेट से पहले मुख्यमंत्री सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ भी अहम बैठक करेंगे। विधानमंडल सत्र की बैठक से पहले हो रही इस बैठक को अतिमहत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन दोनों बैठकों में सीएम अपने हाल के मंडलीय दौरों में मिले फीडबैक को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। वहीं, अफसरों की कार्यशैली को लेकर मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी को देखते हुए सीएम की यह बैठक अतिमहत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं, कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों के साथ भी बैठक करेंगे, जिसमें बाढ़ और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी के अलावा अलावा अफसरशाही के बारे में फीडबैक लेंगे।