Saturday, October 10, 2026
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CJP Protest LIVE: CJP कार्यकर्ता हिरासत में, जंतर-मंतर के 4 KM दायरे में इंटरनेट और 45 मेट्रो स्टेशन बंद

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CJP Protest Delhi Live Updates: सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है। अपने पुराने अनुभव से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एक ओर जहां पुलिस ने एनडीएमसी एरिया की किलेबंदी कर दी है, वहीं राजधानी की हर सीमा पर भी कड़ा पहरा है। दिल्ली आने व दिल्ली से जाने वाली कई ट्रेनें रद करने के साथ ही दिल्ली मेट्रो के 57 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए हैं।

अब हर शुक्रवार मिलेगा पौष्टिक हलवा और उपमा, रामपुर के 1.54 लाख स्कूली बच्चों को लाभ

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रामपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब मध्याह्न भोजन के साथ हर सप्ताह हलवा और उपमा भी परोसा जाएगा। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत पूरक पोषण कार्यक्रम में बच्चों को सूजी से तैयार मीठा हलवा और नमकीन उपमा देने की तैयारी है। जिले के 1596 स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.54 लाख बच्चों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
शासन की योजना के अनुसार हर शुक्रवार को बच्चों को अतिरिक्त खाद्य सामग्री दी जाएगी। शुक्रवार को विद्यालय बंद रहने पर अगले कार्यदिवस में वितरण कराया जाएगा।

शुक्रवार को स्कूलों में 1.54 लाख बच्चों को मिलेगा अतिरिक्त नाश्ता

महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में मीठा हलवा, जबकि दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में नमकीन उपमा तैयार कर बच्चों को दिया जाएगा। विद्यालयों में रसोइये प्रत्येक बच्चे के लिए न्यूनतम 30 ग्राम सूजी और अन्य निर्धारित सामग्री से हलवा या उपमा तैयार करेंगे। मीठे हलवे की अनुमानित लागत सात रुपये और नमकीन उपमा की चार रुपये प्रति बच्चा बताई गई है।

योजना के प्रभावी संचालन के लिए विद्यालय स्तर पर सामग्री की व्यवस्था, भोजन तैयार करने और वितरण का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा।

हलवे पर सात, उपमा पर चार रुपये खर्च

प्रति बच्चे मीठे हलवे की अनुमानित लागत सात रुपये और नमकीन उपमा की चार रुपये निर्धारित की गई है। हलवा तैयार करने में सूजी, चीनी और घिसे नारियल का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, उपमा बनाने के लिए सूजी, तेल, मौसमी सब्जियां, मूंगफली और मसालों का प्रयोग होगा। खाद्य सामग्री की खरीद स्थानीय स्तर पर की जाएगी और गुणवत्ता का ध्यान रखना होगा।

‘CM आएंगे तभी खोलूंगा व्रत!’ हरियाणा मंत्रियों के हाथ जोड़ने पर भी नहीं माने मुनि महाराज, क्या है मामला?

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 पानीपत। पांच दिन से उपवास, सामने प्रदेश के मंत्री और जनप्रतिनिधि, हाथ जोड़कर व्रत खोलने की मनुहार, लेकिन संकल्प के आगे कोई आग्रह नहीं चला।

डॉ. राजेश मुनि महाराज ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी आएंगे, तभी वह व्रत खोलेंगे। मुख्यमंत्री किसी कारणवश समारोह में नहीं पहुंच सके।

शहरी स्थानीय निकाय एवं नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल समेत अन्य अतिथियों ने महाराज से उपवास समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन वह अपने संकल्प पर अडिग रहे।

सेक्टर-25 स्थित ओरलिया ग्रैंड बैंक्वेट में शुक्रवार को डॉ. राजेश मुनि महाराज का 2500वां अभिग्रह महोत्सव आयोजित किया गया।

समारोह में ये लोग शामिल

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, शहर विधायक प्रमोद विज, महामंडलेश्वर राघवेंद्र और आरएसएस के प्रांत प्रमुख राजेश गोयल सहित गणमान्य लोग पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री पानीपत आकर महाराज के दर्शन करने की चर्चा भी रही।

नशामुक्ति अभियान में भी बनाया रिकॉर्ड

डॉ. राजेश मुनि महाराज नशामुक्ति अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। चार अक्टूबर को अभियान के तहत करीब 20,870 संकल्प पत्र भरवाए गए।

इसके लिए उनका नाम गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह 6:30 बजे गांधी मंडी जैन स्थानक से शोभायात्रा निकाली गई।

 

यूपी MLC चुनाव में 7 प्रत्याशियों ने नाम लिया वापस, अब मैदान में 152 उम्मीदवार; 23 अक्टूबर को होगी वोटिंग

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लखनऊ। विधान परिषद की खंड स्नातक व खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को सात प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इनमें खंड स्नातक के तीन व खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चार प्रत्याशी शामिल हैं।

अब कुल 152 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। इस चुनाव में 14.81 लाख मतदाता 23 अक्टूबर को वोट डालकर इनके भाग्य का निर्णय करेंगे। कुल 2697 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।

सबसे ज्यादा 24 प्रत्याशी वाराणसी खंड स्नातक सीट पर हैं। वहीं बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक सीट पर 17, लखनऊ खंड स्नातक व गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर 16-16, आगरा खंड स्नातक, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक व लखनऊ खंड शिक्षक सीट पर 13-13, आगरा खंड शिक्षक सीट पर 12, वाराणसी खंड शिक्षक व मेरठ खंड शिक्षक सीट पर 10-10 और मेरठ खंड स्नातक सीट पर आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा।

मतदाताओं को वोट डालने के लिए अपना मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। ऐसे मतदाता जिनके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है, वह 10 तरह के पहचान पत्र दिखाकर वोट डाल सकेंगे।

जिसमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य व केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों या अन्य निजी औद्योगिक घरानों की ओर से अपने कर्मियों को जारी पहचान पत्र, सांसद, विधायकों व पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र, विश्वविद्यालय की ओर से जारी डिग्री व डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से जारी यूनिक डिसेबिलिटी आइडी कार्ड मान्य होगा।

अपने ही NDA को क्या बोल गए चिराग पासवान? BJP से लेकर JDU तक की चुप्पी पर उठे सवाल

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पटना। कॉकroach जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ट्रेनों को रद्द किए जाने का मुद्दा गरमा गया है। रेलवे के इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने सवाल उठाए हैं।

हरियाणा के सोनीपत में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को रोका नहीं जा सकता। उनके इस बयान ने प्रदर्शन से पहले रेल सेवाओं पर लगी पाबंदियों को लेकर बहस तेज कर दी है।

ट्रेनों को रद्द करने के फैसले पर चिराग का सवाल

चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शन को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश करने वालों को यह समझना चाहिए कि आखिर कितनी ट्रेनों को रोका जा सकता है और कितने रास्तों से संपर्क तोड़ा जा सकता है।

उन्होंने सड़कों को जाम करने और आवागमन बाधित करने जैसे कदमों पर भी सवाल उठाए। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि परिवहन सेवाओं को रोकने से युवाओं के हौसले को खत्म नहीं किया जा सकता।

‘भारत के युवा दुनिया को रास्ता दिखा सकते हैं’

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया को रास्ता दिखाने की ताकत है। उन्होंने पिछली पीढ़ियों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि आज के युवा भी अपनी क्षमता साबित कर सकते हैं। चिराग के मुताबिक, किसी भी तरह की रुकावट युवाओं को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।

10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत अन्य मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया है।

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इसी बीच, दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द किए जाने की खबरों ने यात्रियों की आवाजाही को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

बिहार-यूपी से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों पर असर

रेलवे ने बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। इस कदम का असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है, जो प्रदर्शन में शामिल होने या दूसरे कामों से दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे।

हालांकि, यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए, क्योंकि रद्द की गई ट्रेनों और उनके संचालन की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी सेवाओं को लेकर जताई चिंता

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से कहा है कि सेवाओं का नियमन इस तरह किया जाए कि आम लोगों को असुविधा न हो। ऐसे में प्रदर्शन की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और रेल सेवाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

चिराग पासवान के बयान ने इस बहस में युवाओं की आवाजाही और उनकी क्षमता का मुद्दा भी जोड़ दिया है।

अब नजर रेलवे और प्रशासन के अगले कदम पर

सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सबसे अहम सवाल यह है कि सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा।

जहां प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, वहीं यात्रियों के लिए परिवहन सेवाओं की उपलब्धता भी जरूरी है। चिराग पासवान के बयान के बाद अब रेलवे के फैसले और प्रदर्शन के दिन की व्यवस्थाओं पर सबकी नजर रहेगी।

सर्वपितृ अमावस्या पर बना 3 दुर्लभ ग्रहों का महासंयोग, आपकी राशि पर क्या होगा इसका असर?

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नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya 2026) मनाई जा रही है। यह पितृ पक्ष का आखिरी दिन है। इस अवसर पर पितरों की विधिपूर्वक विदाई की जाती है।

ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार सर्वपितृ अमावस्या के दिन ग्रहों के विशेष गोचर से दुर्लभ और प्रभावशाली योग का निर्माण हो रहा है, जिसका प्रभाव राशियों पर पड़ेगा। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं सर्वपितृ अमावस्या पर किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के बताते हैं कि इस बार सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार पर विशेष खगोलीय व ज्योतिषीय योग बन रहे हैं।

सर्वपितृ अमावस्या पर बनने वाले विशेष ग्रह योग

सूर्य-चंद्र की कन्या राशि में युति: कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में सूर्य और चंद्रमा एक साथ विराजमान होकर अमावस्या योग निर्मित कर रहे हैं।
शनिश्चरी अमावस्या का संयोग: शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने से शनिदेव की कृपा, कर्म-सुधार और दान-पुण्य का महत्व बढ़ गया है।
मघा में केतु और कर्क में उच्च का गुरु: पितृ पक्ष के समापन पर केतु का मघा (पितृ नक्षत्र) में होना और गुरु का उच्च राशि में होना पितृ ऋणमुक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।

12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि: पारिवारिक मतभेद दूर होंगे; धैर्य से काम लें।
वृषभ राशि: संपत्ति और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी।
मिथुन राशि: पुराने मनमुटाव दूर होंगे; वाणी पर नियंत्रण रखें।
कर्क राशि: मानसिक शांति मिलेगी; पारिवारिक जिम्मेदारियों का संतुलन बनेगा।
सिंह राशि: मान-सम्मान में वृद्धि होगी; आत्म-संदेह से बचें।
कन्या राशि: आत्म-विश्वास बढ़ेगा; पुराने रुके कार्य पूरे होंगे।
तुला राशि: संबंधों में सामंजस्य बढ़ेगा।
वृश्चिक राशि: छिपा हुआ मानसिक तनाव कम होगा; आत्म-चिंतन का समय है।
धनु राशि: आजीविका और कार्य से जुड़े निर्णय सही दिशा लेंगे।
मकर राशि: कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी; बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।
कुंभ राशि: पुरानी चिंताओं से राहत मिलेगी; दान-धर्म में रुचि बढ़ेगी।
मीन राशि: सहभागिता और कार्यक्षेत्र में लाभ मिलेगा।

आज का श्राद्ध और तर्पण का शुभ मुहूर्त

कुतुप मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक
रौहिण मुहूर्त:  दोपहर 12 बजकर 41 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक
अपराह्न काल: दोपहर 01 बजकर 28 मिनट से दोपहर 03 बजकर 49 मिनट तक

जम्मू-कश्मीर पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 100 अधिकारियों के तबादले; पुंछ और कुपवाड़ा में नए SSP तैनात

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डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम से सटे टॉयलेट की मरम्मत या तोड़-फोड़ करने का आदेश दिया था, तो सरकार उन्हें फौरन पद से हटा देगी

दरअसल, पूरा मामला यह है कि इसी सेमिनार रूम में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की वारदात हुई थी। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी भयानक घटना के ठीक अगले ही दिन वहां गुपचुप तरीके से मरम्मत का काम शुरू करवा दिया गया था।

जिससे लोगों और पीड़िता के परिवार में यह गंभीर शक पैदा हो गया कि कहीं इसके पीछे केस के अहम सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई गहरी साजिश तो नहीं थी। अब मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Hanuman Ansh पर लगेगा ग्रहण? Drishyam 3 ने 8वें दिन बनाया गजब का रिकॉर्ड, शुक्रवार को भर दिया मेकर्स का अकाउंट

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नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर सितंबर और अक्टूबर के महीने में कई बड़ी फिल्मों ने दस्तक दी, लेकिन इन सभी फिल्मों को पछाड़ते हुए हनुमान अंश (Hanuman Ansh) वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर आगे निकल आई और 400 करोड़ से ज्यादा की जबरदस्त कमाई की।

हालांकि, अब नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बेस्ड फिल्म हनुमान अंश की कमाई पर भी ग्रहण लगने वाला है, क्योंकि अजय देवगन (Ajay Devgn) की सस्पेंस ड्रामा फिल्म दृश्यम 3 (Drishyam 3) ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 8वें दिन एक बड़ा और शानदार रिकॉर्ड बनाया है।

दृश्यम 3 के नाम शुक्रवार को दर्ज हुआ एक और रिकॉर्ड

अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी फिल्म दृश्यम 3 ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 2 अक्टूबर को 95 करोड़ की ओपनिंग ली थी और महज 8 दिनों के अंदर तब्बू-जयदीप अहलावत स्टारर फिल्म ने दुनियाभर में 400 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है।

‘अगर स्वास्थ्य सचिव ने दिए थे आरजी कर में मरम्मत के आदेश तो पद से हटा देंगे’, सबूत मिटाने के आरोपों पर शुभेंदु सख्त

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम से सटे टॉयलेट की मरम्मत या तोड़-फोड़ करने का आदेश दिया था, तो सरकार उन्हें फौरन पद से हटा देगी।

दरअसल, पूरा मामला यह है कि इसी सेमिनार रूम में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की वारदात हुई थी। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी भयानक घटना के ठीक अगले ही दिन वहां गुपचुप तरीके से मरम्मत का काम शुरू करवा दिया गया था।जिससे लोगों और पीड़िता के परिवार में यह गंभीर शक पैदा हो गया कि कहीं इसके पीछे केस के अहम सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई गहरी साजिश तो नहीं थी। अब मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पीड़िता की मां से बातचीत के बाद फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमारत के रख-रखाव का काम पीडब्ल्यूडी संभालता है। पीड़िता की मां और स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत के बाद इस बात की जांच की जाएगी कि क्या तत्कालीन और वर्तमान स्वास्थ्य सचिव ने मरम्मत का आदेश दिया था। यदि ऐसा पाया गया, तो उन्हें बदला जाएगा।

शुभेंदु अधिकारी आरजी कर अस्पताल में एबीवीपी के मेडिकल स्टूडेंट सेल मीडीविजन के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। इस दौरान मंच पर पीड़िता की मां और पानीहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ भी मौजूद थीं।

ममता पर हमला बोला

घटना को बेहद दर्दनाक, बर्बर और शर्मनाक बताते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी भाजपा सरकार ने तीन आईपीएस अधिकारियों विनीत गोयल, इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को निलंबित कर दिया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्य अधिकारियों और डॉक्टरों पर मुकदमा चलाने की फाइल पिछली मुख्यमंत्री के पास ढाई साल से लंबित थी, लेकिन उन्होंने पद संभालते ही एक दिन के भीतर इसके लिए आवश्यक अनापत्ति पत्र जारी कर दिया।

तोड़फोड़ का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि 14 अगस्त 2024 की रात तत्कालीन स्थानीय विधायक के समर्थन से उपद्रवियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री का मौन समर्थन प्राप्त था।

वर्तमान में इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार कानूनी और संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर पीड़िता को न्याय दिलाएगी।

जम्मू के रामबन में मदरसा मसीह-उल-उलूम में लगी आग, पुलिस और सेना ने बचाए आसपास के मकान

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रामबन। रामबन जिले की खड़ी तहसील के दूरदराज महु इलाके में शुक्रवार दोपहर आग लगने से मदरसा मसीह-उल-उलूम की दो मंजिला इमारत जलकर राख हो गई।

आग इतनी तेजी से फैली कि स्थानीय लोगों, पुलिस और सेना के जवानों के प्रयासों के बावजूद इमारत को बचाया नहीं जा सका। महु में अग्निशमन केंद्र नहीं होने के कारण आग बुझाने में परेशानी हुई। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

कब हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मदरसे की इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। स्थानीय पुरुषों और महिलाओं ने भी आग पर काबू पाने की कोशिश की।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

सूचना मिलने पर महु पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी फुलैल सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे। सेना के जवान और खड़ी के क्यूआरटी स्वयंसेवक भी आग बुझाने में जुट गए। सभी ने आग को आसपास के रिहायशी मकानों तक फैलने से रोकने के प्रयास किए।

सूचना मिलने पर बनिहाल से दमकल वाहन रवाना किया गया, लेकिन उसके घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही आग पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले चुकी थी। दमकल वाहन के पहुंचने तक मदरसे की इमारत जलकर राख हो गई थी।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने का संभावित कारण बिजली का शार्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।